ऑनलाइन पढ़ाई की मॉनिटरिंग में टॉप पर जयपुर, निचले पायदान पर प्रतापगढ़

नागौर नीचे से पांचवीं रैंक पर, आदिवासी बहुल जिलों की हालत ज्यादा खस्ता, मॉनिटरिंग के लिए दे रखे लक्ष्यों की नहीं हो रही पूर्ति, लगातार पिछड़ते जा रहे

By: Jitesh kumar Rawal

Updated: 06 Jun 2020, 02:16 PM IST

जीतेश रावल
नागौर. शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन पढ़ाई के लिए इस बार कई नवाचार किए हैं। शिक्षा दर्शन व शिक्षा वाणी जैसे कार्यक्रमों जरिए छात्रों को घर बैठे ही अध्ययन करवाया जा रहा है। लेकिन, छात्र इसमें रुचि ले रहे हैं या नहीं इसकी मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही है। प्रदेश की राजधानी मॉनिटरिंग सिस्टम में सिरमौर है, लेकिन आदिवासी बहुल जिले पिछड़े हुए हैं। ऑनलाइन पढ़ाई की मॉनिटरिंग में जयपुर टॉप पर, जबकि प्रतापगढ़ निचले पायदान पर है। नागौर जिले की स्थिति भी कोई अच्छी नहीं है। प्रदेशस्तरीय रैंकिंग में नागौर नीचे से पांचवीं जगह है। हालांकि शिक्षा विभाग ने ठोस मॉनिटरिंग के लिए लक्ष्य दे रखे हैं, लेकिन पिछड़े जिले लगातार पिछड़ रहे हैं।

प्रदेश के 18 जिले रेड जोन में
मॉनिटरिंग सिस्टम को लेकर तीन जोन बना रखे हैं, जिसमें बेहतर उपलब्धियों वाले जिलों को ग्रीन व औसत जिलों को येलो जोन घोषित कर रखा है। स्कोर में पिछडऩे वाले जिलों को रेड जाने माना गया है। इस तरह के वर्गीकरण में प्रदेश के 18 जिले रेड जोन में हैं। येलो में 12 व ग्रीन जोन महज तीन ही जिले है।

अव्वल है जयपुर, झुंझुनूं व झालावाड़
ऑनलाइन शिक्षा क्षेत्र में मॉनिटरिंग सिस्टम बेहतर रखने के मामले में जयपुर सबसे ऊपर है। इसके बाद झुंझुनूं व तीसरे नम्बर पर झालावाड़ है। इन जिलों को अपनी रैंकिंग बरकरार रखने के निर्देश दे रखे हैं, जबकि पिछड़ रहे जिलों में जिम्मेदारों को सुधार की महत्वपूर्ण गुंजाइश के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

लगातार पिछड़ रहे ये जिले
हाल ही में जारी हुए रैंक के हिसाब से अठारह जिले रेड जोन में हैं, जहां सुधार की गुंजाइश बताई गई है। इसमें जालोर, चूरू, सीकर, राजसमंद, भरतपुर, दौसा, धौलपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, बीकानेर, बाड़मेर, सिरोही, टोंक, नागौर, चित्तौडग़ढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ शामिल है।

नागौर में भी नागौर दयनीय स्थिति में
नागौर जिले की स्थिति प्रदेशस्तरीय रैंकिंग में खस्ता है तो जिलास्तरीय रैंक में भी नागौर ब्लॉक पिछड़ा हुआ ही है। जिले की रैंकिंग में परबतसर ब्लॉक अव्वल है। इसके बाद नावां, मूण्डवा, रियां, कुचामन, मौलासर, मेड़तासिटी, डीडवाना, डेगाना, जायल, मकराना, नागौर, खींवसर व लाडनूं है।

दिशा-निर्देश दिए हैं...
ऑनलाइन अध्ययन के प्रति बच्चों को प्रेरित करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग करनी होती है, लेकिन लक्ष्यों के अपुरूप कार्य नहीं हो रहा है। अभी नागौर जिला 29 नम्बर पर है। इस सम्बंध में सभी को दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं, ताकि रैंकिंग में सुधार हो सके।
- बस्तीराम सांगवा, एडीपीसी, समसा, नागौर

Jitesh kumar Rawal
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