Nagaur patrika. पहले रात में, अब दिन में नदी में गरज रही जेसीबी

Nagaur. लूंगिया, रियाबड़ी, आलनियावास, झिंडिया सहित एक दर्जन से अधिक स्थानों पर प्रतिदिन नदी से निकाली जा रही लाखों टन बजरी
-सीईसी कमेटी के दौरे से भी नहीं पड़ा असर, कथित रूप से मिलीभगत के चलते बजरी खनन माफियाओं की करतूत से बिगड़े हालात

By: Sharad Shukla

Published: 13 Nov 2020, 09:26 PM IST

नागौर. जिले में अवैध रूप से बजरी खनन के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित सीईसी कमेटी के दौरे के बाद भी अफसर नहीं चेते। कमेटी के आने के बाद कुछ दिनो तक तो नदी के खनन क्षेत्र में शांति रही, लेकिन अब यह शांति भंग हो गई है। कथित रूप से मिलीभगत के चलते पहले रात्रि में नदी क्षेत्र में रात्रि में अवैध खनन किया जा रहा था, अब तो दिन में ही नदी के सीने पर बजरी खनन के लिए लगी जेसीबी मशीन गरजने लगी है। सूत्रों की माने तो हालात यह है कि एक ही दिन में ढाई सौ तीन सौ बजरी से भरी गाडिय़ां अपने गंतव्यों के लिए जिम्मेदारों के सामने से ही रवाना हो रही है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर लगाए गए अफसरों की चुप्पी से स्थिति अब बेहद खराब होने लगी है।
जिले में बजरी खनन माफियाओं ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों को किया तार-तार करते हुए जिम्मेदारों की मिलीभगत से नदी तल की गहराई को मशीनों से खोखला कर प्रतिदिन लाखों टन की बजरी फिर से निकाले जाने का काम तेजी से शुरू कर दिया है। जिले के बडायली ,झिटीया , जड़ाऊ , माणकियास, कवरीयाट,कोड , कोडिया , टहेला, बड़ी , जैजासनी, सथाना , यह 3 गाव एक रुट के है रिया बड़ी , सैसडा, पादू खर्द अवैध रूप से बजरी खनन करने वाले माफिओं ने जेसीबी मशीनों की संख्या बढ़ा रखी है। इनमें अवैध रूप से खनन करने में पूरे प्रावधानों को ताक पर रख दिया गया है। दिन में गरजती जेसीबी मशीनों के शोर में निकालती बजरी के दृश्य कभी भी देखे जा सकते हैं। नदी एरिया में पहले से ही दो सौ से तीन सौ हेक्टेयर एरिया की भूमि को खोखला कर चुके बजरी माफिया अब इसकी हालत और ज्यादा बिगाडऩे में लगे हुए हैं। नदी क्षेत्र में कई जगहों पर हुई खुदाई के चलते पहाड़ सरीखे बड़े गड्डे में लगी जेसीबी मशीनें दूर से ही नजर आने लगी है। कोड से जसनगर तक 25 कि. मी. की दुरी में नदी में सैकड़ो अवैध खनन के पिट बने हुए है। कई पिट तो 5से 10 हैक्टेयर क्षेत्र में फैले हुए है। इतने बड़ेे एवं करीब 15-15 मीटर गहरे अवैध बजरी खनिज के पिट खनन होने की वजह से और ज्यादा गहरे होने लगे हैं।
इनका कहना है...
बजरी की अवैध खनन को रोके जाने के लिए विभाग की ओर से हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में वाहनों को जब्त करने के साथ क्षेत्रों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
महेश कुमार पुरोहित, एएमई, गोटन खनिज विभाग

Sharad Shukla Reporting
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