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सरकार से उदासीन वकील अब भगवान के सहारे, दिनभर धरना-भूख हड़ताल तो शाम को भजन-सत्संग

नागौर. कभी वीर तेजा गायन तो कभी सुंदरकाण्ड का पाठ। सरकार से उम्मीद हारे वकीलों का आसरा अब भगवान ही बन हुआ है। दिनभर धरने पर क्रमिक अनशन के बाद पाठ-पूजा कर सरकार को सद्बुद्धि देने की कोशिश भी जारी है। वकील पिछले 38 दिनों से लगातार न्यायालय परिसर के बाहर आंदोलनरत हैं, धरने पर पिछले 11 दिनों से उन्होंने भूख हड़ताल भी शुरु कर दी है। सरकार न कुछ सुन रही है न ही कुछ कर रही है। शुक्रवार कोक्रमिक भूख हड़ताल पर ग्यारहवें दिन हरीप्रसाद सांचौरा, प्रेमराज गहलोत, श्रीकान्त व्यास, मोहमद शरीफ, लीलमचन्द जांगीड़

नागौर

Published: April 02, 2022 09:42:50 pm

अध्यक्ष श्याम कुमार व्यास ने बताया कि सरकार ने अभी तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है और इस कारण अधिवक्ता संघ नागौर में भारी रोष है और यदि अब समय रहते हमारी मांगे नहीं मानी तो मजबूर होकर कठोर निर्णय लेने पर विवश होंगे। अधिवक्ता संघ नागौर के न्यायालय स्थापना समिति अध्यक्ष राधेश्याम सांगवा के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधि मण्डल मुख्यमंत्री से मिलकर मांगों के संबन्ध में सकारात्मक कार्यवाही करने और जिला न्यायालय की स्थापना करने के लिए जोधपुर रवाना होगा। जिसके बाद आन्दोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी।
धरने पर क्रमिक अनशन
वकील पिछले 38 दिनों से लगातार न्यायालय परिसर के बाहर आंदोलनरत हैं, धरने पर पिछले 11 दिनों से उन्होंने भूख हड़ताल भी शुरु कर दी है।
धरने को समर्थन देने के लिए शुक्रवार को दीपक पंचारिया, ग्राम पंचायत बासनी के सरपंच चांद बीबी दिलवाली, विप्र फाउण्डेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील तिवाड़ी, कृषि मण्डी व्यापारी रणवीरसिंह भाटी, शमशेर खोखर आए और उन्होनें जनता की वाजिब मांगों को लेकर चलाये जा रहे आन्दोलन को समर्थन दिया।
महासचिव भागीरथ चौधरी ने बताया कि हमेशा की भांति शुक्रवार को भी अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्याम कुमार व्यास, न्यायालय स्थापना समिति के अध्यक्ष राधेश्याम सांगवा, कालूराम सांखला सहित सैकड़ों अधिवक्ताओं ने मांग संबंधी ज्ञापन सौंपे।
कोविड स्वास्थ्य सहायकों ने किया प्रदर्शन
नागौर. अपनी मांगों के समर्थन में कोविड स्वास्थ्य सहायकों ने शुक्रवार को जिला कलक्ट्रेट के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। दोबारा बहाली की मांग पर इनका प्रदर्शन कड़ी धूप में करीब एक घंटे तक चलता रहा। बाद में कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में इनकी सेवा दोबारा बहाल करने, कोविड स्वास्थ्य सहायकों की बार-बार एक्सटेंशन को खत्म कर इन्हें यथावत करने के अलावा इनको सम्मानजनक वेतन देने की मांग की गई।

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