नागौर. सेवारत चिकित्सकों द्वारा सामूहिक इस्तीफा देने के बाद सोमवार को जिला मुख्यालय के जेएलएन अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करने वाला कोई नहीं रहा। रविवार रात को दुर्घटना में जान गंवाने वाली विवाहिता अणदीदेवी का शव 15 घंटे तक अस्पताल की मोर्चरी में रखने के बावजूद जब कोई चिकित्सक पोस्टमार्टम के लिए उपलब्ध नहीं हुआ तो परिजन व समाज के लोग बिना पोस्टमार्टम करवाए ही शव लेकर चले गए। गौरतलब है कि 33 सूत्री मांगों को लेकर पिछले चार महीने से आंदोलनरत सेवारत चिकित्सकों ने गत 29 अक्टूबर को जयपुर में आयोजित महासम्मेलन में सामूहिक रूप से इस्तीफे सौंप दिए थे। इसके चलते सोमवार को जिला मुख्यालय सहित जिलेभर के अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गई। हालांकि चिकित्सा विभाग ने कुछ आयुर्वेद चिकित्सक एवं कुछ प्रोबेशनर चिकित्सक व्यवस्थार्थ लगाए, लेकिन जेएलएन में लगाए गए आठ चिकित्सकों में एक भी ऐसा नहीं था जो मृतका का पोस्टमार्टम कर सके। पोस्टमार्टम नहीं होने से परिजनों ने सुबह 11 बजे तक चिकित्सक का इंतजार किया। कोई चिकित्सक आता नहीं दिखा तो वे बिना पोस्टमार्टम करवाए ही शव लेकर चले गए। रामसिया ग्राम निवासी हाल जाट कॉलोनी में रहने वाले शिक्षक देवकरण जाट की पत्नी अणदी देवी की रविवार रात करीब 8 बजे बीआर मिर्धा कॉलेज के सामने सडक़ दुर्घटना में मौत हो गई थी। दुर्घटना के बाद शव जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया था, लेकिन सोमवार सुबह 11 बजे तक चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने से पोस्टमार्टम नहीं हो पाया।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned