कट रहे करोड़ों, और सूख रहे लाखों दरख्त, सो रहे जिम्मेदार

Nagaur patrika. जिला मुख्यालय के राजकीय जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय के सामने स्थित सात हेक्टेयर में कन्या उपवन एवं वृक्षकुंज योजना में लगे करीब एक हजार पौधे पूरी तरह से सूख गए. Nagaur patrika

नागौर. जिला मुख्यालय के राजकीय जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय के सामने स्थित सात हेक्टेयर में कन्या उपवन एवं वृक्षकुंज योजना में लगे करीब एक हजार पौधे पूरी तरह से सूख गए। पेड़ों के सूखने के बाद यह पूरा क्षेत्र एक बंजर की तरह नजर आने लगा है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मौसम बेहद ठंडा होने की वजह से तमाम प्रयासों के बाद भी पेड़ सूख गए। अधिकारियों के अनुसार अब जल्द ही फिर से हरियाली को लगाए जाने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसका परिणाम जल्द ही नजर आने लगेगा।

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तकरीबन डेढ़ साल पहले जेएलएन के सामने कन्या उपवन एवं वृक्षकुंज योजना के तहत जोर-शोर से पौधों का रोपण किया गया था। कन्या उपवन योजना में जेएलएन में पैदा होने वाली प्रत्येक बच्ची के परिजन को प्रोत्सहित कर यहां पर पौधों का रोपण कराया जाता था। जबकि वृक्ष कुंज में भी वन विभाग की ओर से पौधे लगाए गए थे। इसमें ज्यादातर नीम के थे, और इसमें छायादार पेड़ों में बड़, पीपल आदि के लगाए गए थे। ताकी इनके विकसित होने पर यह पूरा क्षेत्र घनी हरियाली भरे वातावरण में बदल सके। इस तरह से कुल सात हेक्टेयर के एरिया में पौधे लगाए गए। इन्हें लगाए जाने के दौरान वन विभाग के अधिकारियों की ओर से भी जोर-शोर से इनकी रखरखाव किए जाने के दावे किए गए थे। विभागीय जानकारों का कहना है कि वृक्ष कुंज योजना में भी लगे पौधों की तीन सौ से ज्यादा थी। कन्या उपवन योजना में भी कुछ समय तक पौधे लगते रहे। विभागीय जानकारों का कहना है कि कुछ समय के बाद वहां पर कन्या के पिता को प्रोत्साहित कर पौधों के लगाए जाने के काम को जिम्मेदार प्रोत्साहन देना भी भूल गए गए। इससे पौधो की संख्या भी सीमित हो गई। इन दोनों योजनाओं के तहत लगे पौधों की देखभाल का जिम्मा वन विभाग को सौंपा गया था। वर्तमान में यहां पर कुल सात हेक्टेयर में लगे 99 प्रतिशत पौधे पूरी तरह से सूख चुके हैं।

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मौसम ने ले ली पेड़ों की जिंदगी
कन्या उपवन योजना एवं वृक्ष कुंज योजना के तहत लगे पौधों के सूखने के संदर्भ में वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस बार गत वर्ष की अपेक्षा ज्यादा मौसम सर्द रहा। इससे पारा रिकार्ड डिग्री में नीचे के चलते पेड़ इस बदले वातावरण में गिरते तापमान के अनुकूल नहीं सके। इससे वह सूख गए। अब विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिर से इस पूरे क्षेत्र को हरा-भरा बनाए जाने का काम वन विभाग की ओर किया जाएगा।
इनका कहना है...
कन्या उपवन एवं वृक्षकुंज योजना के तहत लगे पौधे बढ़ती सर्दी के बदले तापमान के अनुकूल खुद को बना नहीं पाए। इससे सूख गए। जल्द ही वहां पर फिर से पूरे क्षेत्र को हरा-भरा बनाने का काम किया जाएगा।
सुनील गौड़, एसीएफ वन विभाग नागौर

Sharad Shukla Reporting
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