नागौर कलक्टर कुमारपाल गौतम बच्चों से बोले, क्या फैक्ट्री में बनाया जा सकता है पानी...?

राजस्थान के नागौर जिला मुख्यालय पर एमजेएसए-2 चरण का शुभारंभ। विधायक हबीबुर्रहमान व कलक्टर ने दी जल संरक्षण की सीख।

By: Dharmendra gaur

Updated: 20 Jan 2018, 09:56 PM IST

नागौर. कांकरिया स्कूल में शनिवार को Nagaur विधायक हबीबुर्रहमान व कलक्टर कुमार पाल गौतम ने जल स्वावलम्बन अभियान (शहरी) द्वितीय चरण का शुभारंभ किया। अभियान के अंतर्गत नगर परिषद की ओर से सार्वजनिक निर्माण विभाग के माध्यम से विभिन्न कार्य करवाए जाएंगे। इस अवसर पर विधायक हबीबुर्रहमान ने कहा कि अभियान के तहत तालाबों का संरक्षण किया जाएगा। शहर के तालाब शहर की अमूल्य धरोहर है लेकिन ये गंदे पानी से अटे पड़े हैं। अधिकारियों को चाहिए कि वे तालाबों का इस अभियान के तहत कायाकल्प करें।
पानी अमूल्य है, हर बूंद बचाएं
विधायक ने कहा कि पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है और इसका उत्पादन संभव नहीं है। सरकारी भवनों में जल संरक्षण के लिए टांके व छत से पानी के संग्रहण की व्यवस्था बहुत पहले हो जानी चाहिए थी। लेकिन अब समय रहते सरकारी भवनों में भी जल संरक्षण के प्रभावी उपाय किए जाए। जल संरक्षण सबकी जिम्मेदारी व कर्तव्य होना चाहिए। कलक्टर गौतम ने कहा कि अभियान सरकार तक सीमित नहीं रहे। जब तक हर एक नागरिक अपना दायित्व नहीं समझेगा तब तक तालाबों का संरक्षण नहीं हो सकता। बारिश के अलावा पानी का कोई दूसरा स्रोत नहीं है। पानी अमूल्य है, इसकी एक बूंद बनाई नहीं जा सकती।
फैक्ट्री में नहीं बन सकता पानी
कलक्टर ने कहा कि धरती पर केवल 2.5 प्रतिशत ही पानी पीने योग्य है। पानी किसी फैक्टी में नहीं बनाया जा सकता,केवल बारिश के रूप में मिलने वाले पानी को सहेजा जा सकता है। कांकरिया स्कूल के छात्र-छात्राओं से जल की उपलब्धता के बारे में सवाल-जवाब के दौरान कलक्टर गौतम ने कहा कि राजस्थान में देश के कुल भू भाग का करीब 10 फीसदी भू भाग है जबकि पानी महज 1 प्रतिशत है, इसलिए पानी को संरक्षित रखना जरूरी है। बारिश का पानी धरती में जाता है और फिर यही हमें नलकूप या बावड़ी के जरिए दुबारा मिलता है।
तालाबों का होगा जीर्णोद्धार
कलक्टर ने कहा कि नागौर शहर में 1 करोड़ 10 लाख के काम होंगे। यह सरकारी कार्यक्रम बनकर नहीं रह जाए, इसलिए जन चेतना जरूरी है। सभी अपना कर्तव्य समझें। कलक्टर ने कहा कि अभियान के तहत नागौर जिले के 7 शहरों में 28 जगहों पर जल भराव से मुक्ति मिलेगी। तालाब सबकी धरोहर है, इसलिए इनका संरक्षण करें। तालाबों से अतिक्रमण हटाए जाएंगे व गंदे पानी की आवक बंद होगी। शहर के तालाब पेयजल के स्रोत रहे हैं। इनका जीर्णोद्धार किया जाएगा। समस तालाब की डीपीआर बन रही है। जल संरक्षण व पौधरोपण कार्य किए जा रहे हैं।
वर्षा जल संचय जरूरी
कलक्टर ने कहा कि राजस्थान भौगोलिक दृष्टि से बहुत बड़ा प्रदेश है लेकिन यहां पानी की मात्रा देश के अन्य प्रदेशों के मुकाबलों में काफी कम है। ऐसे में हम सबको अभियान से जुडकऱ वर्षा जल का संचय करना होगा। कार्यक्रम में नागौर उपखण्ड अधिकारी परसाराम टाक, वाटरशैड के अधीक्षण अभियंता रामनिवास, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता विजय कुमार, स्वच्छ भारत अभियान ब्रांड एम्बेसडर रामकन्या मणिहार, रेखा बेड़ा, विभागीय अधिकारी, स्कूल स्टॉफ, विद्यार्थी व अन्य उपस्थित थे। नगर परिषद सचिव नरेन्द्र बापेडिय़ा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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