राजफेड की बेपरवाही से 20-25 हजार से ज्यादा किसान पंजीयन से वंचित

Nagaur patrika latest news. समर्थन मूल्य पंजीयन नहीं हुआ. Nagaur patrika latest news

 

 

Nagaur patrika latest news. नागौर. समर्थन मूल्य पंजीयन सोमवार को भी नहीं हुआ। काश्तकार इसी उम्मीद से ईमित्रों पर पहुंचे, लेकिन उन्हें वहां से बैरंग लौटाया गया। हालांकि आंकड़ों में पंजीयन की संख्या 32 हजार से ज्यादा बताई जाती है, लेकिन यह पंजीयन भी जिले में हुए मूंग उत्पादन एवं केन्द्र सरकार की ओर से निर्धारित के अनुसार बेहद कम है।

विद्या भारती के राष्ट्रीय खेलकूद-एथलेटिक्स समारोह का सांस्कृतिक रंगों में आगाज

प्रशासन की ओर से भेजी गए मूंग उत्पादन के आंकड़े अनुसार भी भी प्रति केन्द्र खरीद की क्षमता बेहद कम निर्धारित की गई। अब इसका दुष्परिणाम किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसानों की माने तोराजफेड की बेपरवाही से करीब 20-25 हजार से ज्यादा की संख्या में किसान पंजीयन से वंचित रह गए। अब इन किसानों को खुले में मूंग बेचनी पड़ी तो फिर प्रति क्विंटल एक हजार से लेकर 1200 रुपए तक का आर्थिक नुकसान होगा।इससे स्थिति का अंदाजा खुद-ब-खुद लगाया जा सकता है।

शोभायात्रा में नजर आई राजस्थानी सांस्कृतिक विशेषताएं
काश्तकारों को उम्मीद थी कि मौसम की मार के बाद अब उनको समर्थन मूल्य में मूंग बेचने से आंशिक रूप से राहत मिल जाएगी। इस बार इसी उम्मीद एवं समर्थन मूल्य में घोषित राशि बढऩे के चलते अधिकाधिक किसानों ने मूंग की बुवाई कर डाली। गत 15 अक्टूबर को पंजीयन शुरू होने पर काश्तकार खरीद केन्द्रों पर पहुंचे, लेकिन महज दो घंटे तक पंजीयन प्रक्रिया चलने के बाद बंद हो गई। इसके बाद 16 को फिर किसान पहुंचे, लेकिन पंजीयन नहीं हुआ। बाद में 17 को पंजीयन महज 20 मिनट तक हुआ।

गांवों में से अस्सी प्रतिशत टिड्डियों को मारने का किया दावा

इसके बाद भी फिर किसानों के पंजीयन नहीं किए गए। विभागीय जानकारों के अनुसार प्रति केन्द्र खरीद की क्षमता केन्द्र सरकार की ओर से निर्धारित मापदंड के तहत खरीदारी का पंजीयन होता तो फिर काश्तकारों को राहत मिल सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत खरीदने के लिए केन्द्र की ओर से दिशा-निर्देश थे। इसके चलते जिले के खरीद केन्द्रों पर किसान भटक रहें हैं ताकी उनको भी उनके प्रति क्विंटल घोषित खरीद राशि का लाभ मिल जाए।

नागौर में रेगिस्तानी से आए हरियाली के लुटेरोंका हमला

इस संबंध में सहकारिता के उपरजिस्ट्रार हरीश सिवासिया से बातचीत की गई तो उनका कहना है कि केन्द्रवार खरीद का निर्धारण मुख्यालय स्तर पर किया जाता है। इस संबंध में वह कुछ भी कहने में असमर्थ हैं। Nagaur patrika latest news

Sharad Shukla
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned