हाईकोर्ट के फैसले के बाद सांसद बेनीवाल का मुख्यमंत्री गहलोत पर जुबानी हमला

MP Beniwal's verbal attack on Chief Minister Gehlot after High Court verdict सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा - अब देखना होगा कि कोर्ट का निर्णय सबके लिए सम्मान रूप से लागू हो पाता है या केवल गरीबों के घर तोडऩे में ही

By: shyam choudhary

Published: 05 Sep 2019, 08:42 PM IST

नागौर. नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने उच्च न्यायालय द्वारा राजस्थान मंत्री वेतन संशोधन अधिनियम-2017 Rajasthan Highcourt Quashes Rajasthan Ministerial Salary Act को अवैधानिक घोषित कर देने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अब देखना होगा कि कोर्ट का निर्णय सबके लिए सम्मान रूप से लागू हो पाता है या केवल गरीबों के लिए ही लागू होता है। उन्होंने हाल ही में उच्च न्यायालय के निर्णय की अवमानना की आड़ में उजाड़े गए नागौर जिले में बंजारों के घरों की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब देखना होगा कि क्या रसूखदार पूर्व सीएम से भी सरकार कोर्ट के निर्णय के सम्मान में बंगला व अन्य सुविधाओं Rajasthan high court judgement on former cm bungalow को भी वापस लेती है अथवा नहीं।
उन्होंने ट्वीट करके भी गहलोत पर तंज कसा और कहा कि आधी कांग्रेस और आधी भाजपा मिलकर विपक्ष में है तथा गहलोत और वसुंधरा राजे सत्ता में हैं, इसलिए गाड़ी, बंगला व स्टाफ केवल सत्ता के लिए है। उन्होंने यह भी कहा कि गहलोत और वसुंधरा का गठजोड़ भाजपा व कांग्रेस दोनों के लिए अभिशाप है। साथ ही इस सम्बन्ध में कोर्ट के निर्णय के बाद मुख्यमंत्री द्वारा दी गई प्रतिक्रिया को भी बेनीवाल ने न्यायालय के निर्णय की अवहेलना बताया और कहा सीएम एक तरफ कोर्ट के निर्णयों के हवाला देकर गरीबो की बस्तियों को उजड़वाते हैं, जबकि दूसरी तरफ बंगले, गाड़ी के मोह में न्यायालय के निर्णय के ऊपर सरकार को बताते हैं।

खेलों के लिए मजबूत खेल नीति व अलग से बजट की आवश्यकता - बेनीवाल
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने खींवसर विधानसभा की पालड़ी जोधा स्कूल में 64वीं जिला स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता तथा नागौर विधानसभा के ग्राम कालड़ी में 64वीं कबड्डी प्रतियोगिता का उद्घाटन खिलाडिय़ों व ग्रामीणों को संबोधित किया।
सांसद बेनीवाल ने कहा कि कमजोर खेल नीति एवं बजट के अभाव में ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को हो रहे नुकसान के लिए सरकारें जिम्मेदार हैं। उन्होंने गहलोत सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा चुनाव से पूर्व खेल से जुड़े कई वादे किए, लेकिन आज तक इस दिशा में नहीं सोचा। उन्होंने कहा जब तक स्कूलों में शारीरिक शिक्षकों के पद पूर्ण रूप से भर नहीं जाएंगे तथा अलग से खेलों का बजट जारी नहीं होगा, तब तक खेल प्रतिभाओं को आगे बढऩे में परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि आज ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन विपरीत आर्थिक हालातों की वजह से वे आगे नहीं बढ़ पाते हैं।

जनसमस्याओं को भी सुना
सांसद ने स्थानीय सरपंचों व स्कूल के अध्यापकों तथा ग्रामीणों द्वारा अवगत करवाई गई समस्याओं को सुना और निस्तारण का भरोसा दिया।

shyam choudhary Reporting
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