सांसद बेनीवाल ने कहा - वीसी की औपचारिकताओं को छोडकऱ धरातल पर कार्य करके दिखाए सीएम

आरएलपी ने सीएम अशोक गहलोत द्वारा प्रदेश के सांसदों, विधायकों के साथ की जा रही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का किया बहिष्कार

By: shyam choudhary

Updated: 10 May 2020, 09:53 PM IST

नागौर. राजस्थान के मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के झूठे दिखावे को छोडकऱ धरातल पर काम करना शुरू कर दे तो प्रदेश के लिए बेहतर होगा। यह बात राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक तथा नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के सांसदों व विधायकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किए जा रहे संवाद का बहिष्कार करने की घोषणा करने के बाद जारी प्रेस बयान में कही।

उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विरुद्ध तंज कसते हुए कहा कि राजस्थान भी कोरोना महामारी से प्रभावित है। ऐसे में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी प्रदेश के किसानों व बेरोजगारों तथा जनहित के मुद्दों पर व प्रवासियों की पीड़ा को लेकर लगातार डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मुख्यमंत्री के संज्ञान में ला रही है, लेकिन चंद ब्यूरोक्रेट्स और मंत्रियों के भंवर जाल में फंसे मुख्यमंत्री द्वारा उन पर न तो प्रतिक्रिया देना और न ही कोई कार्रवाई करना उनकी संवेदनहीनता को दर्शाता है। इसलिए प्रदेश की जनता के आत्म सम्मान में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने सत्ता के मद में चूर मुख्यमंत्री द्वारा केवल झूठी वाहवाही बटोरने के लिए व औपचारिकता निभाने के लिए सांसदों व विधायकों के साथ वीसी के माध्यम से किए जा रहे संवाद का बहिष्कार करने का निर्णय लिया।
सांसद बेनीवाल ने कहा कि राज्य सरकार के कुछ मंत्री तथा सत्तापक्ष के विधायक भी कई भर्तियों को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिख चुके हैं, जिनकी अवहेलना गहलोत द्वारा लगातार की जा रही है, इससे यह प्रतीत हो रहा है कि सीएम को चंद ब्यरोक्रेट्स चला रहे हैं।

भाजपा पर भी सवालिया निशान
सांसद बेनीवाल ने जारी प्रेस बयान में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर भी कटाक्ष किया और कहा कि जिन मुद्दों को लेकर संवेदनशीलता के साथ विपक्ष की भूमिका में उनका दायित्व है, उनको भुलाकर कर राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री राजे व कुछ भाजपा नेता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में औपचारिक अभिवादन के अलावा जनहित के मुद्दों को उठाने से कोसों दूर रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हुए परिवहन घोटाले सहित कई ऐसे मामलों पर भाजपा की चुप्पी साधे रखना पूर्व मुख्यमंत्री सहित कई भाजपा नेताओं का कांग्रेस के साथ आंतरिक गठबंधन को भी दर्शाता है। सांसद ने कहा कि इस महामारी के दौर में राजनीति से ऊपर उठकर जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर मुख्यमंत्री को गौर करने की आवश्यकता थी, लेकिन उन्होंने 2 माह बाद वीसी के जरिए केवल औपचारिकता निभाने के लिए संवाद का कार्यक्रम रखा।

पार्टी प्रदेशाध्यक्ष ने कहा - मुख्यमंत्री संवेदनहीन
आरएलपी के प्रदेशाध्यक्ष तथा भोपालगढ़ विधायक पुखराज गर्ग ने कहा कि मुख्यमंत्री जनहित के मुद्दों को लेकर संवेदनहीन हो गए हैं। वे खुद के गृह जिले एवं निर्वाचन क्षेत्र में कोरोना को रोकने के लिए कोई प्रभावी एक्शन प्लान नहीं बना पाए। वे जनप्रतिनिधियों की मांगों को अनदेखा कर रहे हैं, इसलिए पार्टी ने सीएम की वीसी का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। आरएलपी के विधायक नारायण बेनीवाल तथा इंदिरा देवी बावरी ने कहा कि कोरोना त्रासदी में मुख्यमंत्री गहलोत लगातार जनप्रतिनिधियों के सुझावों को दरकिनार करके तथा धरातल की हकीकत को बिना समझे कुछ अधिकारियों के फीडबैक के आधार पर निर्णय ले लेते हैं, जो उनकी प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। ऐसे में केवल झूठी औपचारिकता करने के लिए उनके द्वारा प्रदेश के विधायकों व सांसदों के साथ की जा रही वीसी का हमारी पार्टी बहिष्कार करती है।

shyam choudhary Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned