सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा - देश में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की जरूरत

लोकसभा में नागौर - सांसद हनुमान बेनीवाल ने शिक्षा मंत्रालय की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा में लिया भाग

By: shyam choudhary

Published: 17 Mar 2021, 04:09 PM IST

नागौर. नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने मंगलवार को लोकसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान शिक्षा विभाग की अनुदान मांगों की चर्चा में भाग लेते हुए कई मुद्दों पर अपना पक्ष रखा। सांसद बेनीवाल ने जयपुर में स्थित राजस्थान विश्वविद्यालय को केंद्रीय श्रेणी के विश्वविद्यालय का दर्जा देने तथा बिहार, उत्तर प्रदेश व दिल्ली की तर्ज पर राजस्थान में एक अतिरिक्त केंद्रीय विश्वविद्यालय स्वीकृत करने तथा अजमेर में स्थापित केंद्रीय विश्वविद्यालय में विभिन्न श्रेणी के रिक्त पड़े पदों को भरने की मांग की।

उन्होंने जयपुर की राजस्थान यूनिवर्सिटी सहित राजस्थान में स्थापित सरकारी विश्वविद्यालयों में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए केंद्र से विशेष आर्थिक सहायता देने की मांग करते हुए कहा कि भौगोलिक दृष्टि से राजस्थान बहुत विस्तारित है और उच्च शिक्षा में शोध के लिए जब राजस्थान के छात्रों को केंद्र मदद करेगा तो निश्चित तौर पर गरीब छात्रों को इसका लाभ मिलेगा।
बेनीवाल ने कहा कि 1.5 मिलियन से अधिक स्कूलों, 8.5 मिलियन से अधिक अध्यापकों व अलग-अलग सामाजिक पृष्टभूमि के 250 मिलियन से अधिक छात्रों के साथ विशाल नेटवर्क वाले भारत में आजादी के दशकों बाद आज भी गांव के किसान व गरीब का पुत्र अच्छी शिक्षा पाने के लिए प्रयास करता है, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में भी समानता नहीं होने के कारण उन्हें लाभ नहीं मिल पाता। इसलिए सरकार ऐसी व्यवस्था करे कि कोई भी छात्र अच्छी शिक्षा अच्छे से, अच्छे संस्थान में पा सके। साथ ही उन्होंने कहा कि आज पांचवीं कक्षा में सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे 50 प्रतिशत से अधिक छात्र दूसरी कक्षा की पुस्तक नहीं पढ़ सकते। साथ ही गणित के बुनियादी सवाल का हल नहीं कर सकते, इसलिए प्राथमिक शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए सरकार को ध्यान देने की आवश्यकता है।

इन मांगों से करवाया सरकार को अवगत
सांसद बेनीवाल ने नागौर जिले के डीडवाना, खींवसर, परबतसर व मेड़ता सिटी में नवीन केन्द्रीय विद्यालय खोलने की प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की। साथ ही सांसदों को सम्बन्धित क्षेत्र की केवी में 10 एडमिशन का जो कोटा है, उसको बढ़ाकर कम से कम 50 करने की मांग की। इसके साथ कहा कि राजस्थान में जो निजी विश्वविद्यालय संचालित हैं, उनमें से अधिकतर यूजीसी व एआईसीटी के नॉम्र्स पूरे नहीं करती, इससे उच्च शिक्षा की गुणवता प्रभावित होती है, इसलिए उनकी जांच केंद्र के स्तर से करवाई जाए। साथ ही नवोदय विद्यालय की स्थापना के मापदंड में बदलाव कर नागौर सहित बड़े जिलों में अतिरिक्त नवोदय स्कूल खोलने व नवोदय स्कूलों में फीस माफ करने की मांग की।

shyam choudhary Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned