सांसद हनुमान बेनीवाल ने गहलोत सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, बोले - कोरोना के उपचार में सरकार नाकाम

कोरोना संक्रमण से प्रभावित मरीजों के उपचार के प्रबन्धन को संभालने व संसाधन बढ़ाने में राज्य सरकार नाकाम - बेनीवाल

By: shyam choudhary

Updated: 30 Sep 2020, 07:28 PM IST

नागौर. नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने प्रदेश में कोरोना से पीडि़त मरीजों के इलाज के प्रबन्धन व अन्य व्यवस्थाओं को लेकर राजस्थान सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सांसद बेनीवाल ने लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार कोरोना से पीडि़त मरीजों के इलाज के लिए अस्पतालों को संसाधन उपलब्ध करवाने में पूर्ण रूप से नाकाम है। सांसद ने कहा कि कोरोना से पीडि़त मरीज दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं और प्रदेश के सरकारी तथा निजी अस्पतालों में बैड, वेंटिलेटर व ऑक्सीजन की उपलब्धता का अभाव नजर आ रहा है और इतने गंभीर हालातों में भी राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री केवल वीडियो कॉन्फे्रंस करके इतिश्री कर रहे हैं, जबकि वह धरातल की हकीकत से वाकिफ होते हुए भी अनजान बन रहे हैं।
सांसद बेनीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने राज्य के विधायकों से उनकी निधि की राशि ले ली, साथ ही जनता व उद्योग जगत से जुड़े लोगों ने भी अरबों रुपए सरकार को मुख्यमंत्री सहायता कोष में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए दिए। साथ ही केंद्र ने भी आर्थिक तथा भौतिक संसाधन उपलब्ध कराए, इसके बावजूद सरकार का तंत्र कोरोना से संक्रमित गंभीर मरीजों का इलाज करवाने में विफल नजर आ रहा है।

सरकार उपलब्ध करवाए संसाधन, करे बैड की व्यवस्था
सांसद बेनीवाल ने कहा कि हमारे चिकित्सक तथा पैरामेडिकल स्टाफ लगातार कोरोना से पीडि़त मरीजों का इलाज करने में लगे हुए हैं लेकिन राजस्थान की सरकार सरकारी अस्पतालों व कोविड केयर सेंटरों को संसाधन उपलब्ध करवाने में नाकाम नजर आ रही है। सांसद ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तथा चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा को ट्वीट करके कटाक्ष करते हुए कहा कि केवल वीडियो कॉन्फे्रंसिंग करके इतिश्री कर लेना उचित नहीं है, क्योंकि धरातल पर जनता पीडि़त है। ऐसे में अस्पतालों में अतिरिक्त बेड की व्यवस्था करवाने व आवश्यकता के अनुरूप ऑक्सीजन की व्यवस्था करवाना तथा अन्य संसाधनों की उपलब्धता करवाना सरकार का परम दायित्व है। सरकार मुफ्त में जीवन रक्षक इंजेक्शन उपलब्ध करवाने का दावा कर रही है लेकिन इंजेक्शन की ब्लैकमेलिंग चरम पर है और सरकारी अस्पतालों में उसकी उपलब्धता शॉर्ट हो रखी है।

सांसद ने दिए सुझाव
सांसद ने राजस्थान सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि दिल्ली की तर्ज पर प्रत्येक सरकारी एवं निजी अस्पताल में बैड की तथा वेंटिलेटर की उपलब्धता की ऑनलाइन ट्रैकिंग की जाए ताकि आमजन कहीं से भी यह देख सके कि किस अस्पताल में कौनसा बेड कब खाली है। साथ ही कोरोना के इलाज को लेकर अतिरिक्त बैड की जरूरत है एवं हृदय तथा कैंसर जैसे गंभीर रूप से पीडि़त मरीजों की भी कोरोना जांच रिपोर्ट देरी से आने से मृत्यु हो रही है। इसलिए मेडिकल कॉलेजों व जिला अस्पतालों में एक्सीडेंट व अन्य गंभीर रोगों से पीडि़त मरीजों की सेम्पलिंग लेकर तत्काल रिपोर्ट दिलवाने की व्यवस्था की जरूरत है।

shyam choudhary Reporting
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