नागौर जिला स्टेडियम का होगा कायाकल्प, खाका तैयार

खिलाडियों को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए तैयार हुआ प्रस्ताव, जिला कलक्टर ने एक महीने की कसरत के बाद तैयार करवाया लेआउट प्लान, स्टेडियम की कमाई के लिए हाइवे के किनारे दुकानें बनाने का भी प्लान

By: shyam choudhary

Published: 26 Aug 2020, 11:58 AM IST

नागौर. जिला स्टेडियम में आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए क्रीड़ा परिषद एवं जिला प्रशासन ने करीब एक महीने की कसरत के बाद विकास का खाका तैयार कर लिया है। सबकुछ योजना के अनुसार रहा तो आने वाले दिनों में नागौर का स्टेडियम आसपास के जिलों के लिए भी उदाहरण बनेगा। इसके लिए खेलों से विशेष प्रेम रखने वाले जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने न केवल सरकार से बजट स्वीकृत कराने के लिए प्रस्ताव तैयार करवाए हैं, बल्कि जनसहयोग व औद्योगिक घरानों से सीएसआर का बजट लेने के लिए व्यक्तिगत प्रयास भी शुरू कर दिए हैं। सुखद पहलू यह है कि कलक्टर के इस प्रयास को शुरुआती सफलता भी मिली है।

नागौर स्टेडियम के विकास को लेकर तैयार किए गए प्रस्ताव के पहले चरण में साउथ पेवेलियन, स्टेडियम की चार दीवारी के सहारे नागरिकों के लिए वॉक-वे (भ्रमण पथ), दर्शक दीर्घा, मुख्य भवन के आगे छाया के लिए शेड, बहुद्देश्यीय इंडोर हॉल, हैण्डबॉल, टेनिस, क्रिकेट आदि खेलों के मैदान एवं तरणताल का निर्माण कराना शामिल किया है। इसके लिए जिला कलक्टर डॉ. सोनी ने राजस्थान सरकार के युवा मामले एवं खेल विभाग के प्रमुख शासन सचिव भास्कर ए. सांवत को पत्र लिखा है। कलक्टर ने पत्र में वर्तमान में उपलब्ध खेल सुविधाओं के लिए कार्मिकों की आवश्यकता भी जताई है, जिसमें बैडमिंटन, एथलेक्टिस, वेट लिफ्टिंग, क्रिकेट, हॉकी खेलों के लिए प्रशिक्षकोंं एवं कार्यालय में लिपिकीय कार्य के लिए नियमित लिपिक की आवश्यकता जताई है।

उपखंडों का भी रखा ध्यान
प्रमुख शासन सचिव सांवत को लिखे पत्र में जिला मुख्यालय के साथ जिले के डीडवाना उपखंड के लिए हैण्डबॉल व बास्केटबॉल प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षक, खींवसर उपखंड के लिए क्रिकेट, बैडमिंटन, खो-खो खेलों के लिए प्रशिक्षक तथा मकराना उपखंड के लिए फुटबॉल व एथलेक्टिस खेलों के लिए प्रशिक्षक की मांग रखी गई है।

जानिए, नागौर स्टेडियम के मास्टर प्लान में क्या-क्या
जिला मुख्यालय पर स्थित क्रीड़ा परिषद के जिला स्टेडियम की कुल जमीन 54 बीघा से अधिक है। जिला खेल अधिकारी भंवराराम सियाक ने बताया कि इस स्टेडियम को खिलाडिय़ों व शहरवासियों के लिए पूरी तरह विकसित करने के लिए बनाए गए मास्टर प्लान में हर खेल का मैदान, चैंजिंग रूम, टॉयलेट एवं दर्शकों के लिए दर्शक दीर्घा सहित सभी खेल सुविधाओं को शामिल किया गया है। मास्टर प्लान में एक फुटबॉल मैदान, एक क्रिकेट मैदान, एक हॉकी मैदान तथा एक क्रिकेट प्रेक्टिस पिच एवं एक एथलेक्टिस ट्रेक एवं वॉक-वे शामिल किया गया है। इसके साथ कबड्डी मैदान, दो खो-खो मैदान, दो हैण्डबॉल मैदान, दो वॉलीबॉल मैदान, दो बॉस्केटबॉल तथा दो टेनिस मैदान तैयार किए जाने हैं। इसके साथ एक तरणताल (स्वीमिंग पुल), दो इनडोर हॉल, स्टेडियम भवन व पेवेलियन, साउथ पेवेलियन, पार्किंग सुविधा आदि सुविधाओं को शामिल किया गया है,

ये हो चुके हैं तैयार
मास्टर प्लान के तहत जिला स्टेडियम में 50 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। वर्तमान में फुटबॉल व हॉकी मैदान तथा क्रिकेट प्रेक्टिस पिच, एक इनडोर हॉल, एथलेक्टिस ट्रेक, दो हैण्डबॉल मैदान, कबड्डी मैदान तथा मुख्य स्टेडियम भवन आदि तैयार हो चुके हैं।

स्टेडियम का कराएंगे विकास
जिला स्टेडियम में आधुनिक खेल सुविधाओं को विकसित करने तथा खिलाडिय़ों को उच्च स्तर का प्रशिक्षण देने की दिशा में प्रयास शुरू किए हैं। इसके लिए एक प्रस्ताव बनाकर खेल विभाग के प्रमुख शासन सचिव भास्कर ए. सांवत को भेजा है। साथ ही स्थानीय स्तर पर बजट की व्यवस्था करने के लिए जिले के प्रमुख औद्योगिक घरानों से सीएसआर का बजट लेने की कोशिश कर रहे हैं, इसके लिए जल्द ही उनके साथ बैठक कर स्टेडियम की विजिट भी करवाएंगे। इसके साथ जनसहयोग से राशि जुटाने के लिए भी जल्द ही एक खाता खुलवाकर आमजन को बताएंगे।
- डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी, जिला कलक्टर, नागौर

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