सवा लाख से अधिक आबादी वाले नागौर शहर की जनता की अग्नि संबंधी सुरक्षा दो दमकल के भरोसे

neha soni | Updated: 30 May 2019, 03:10:07 PM (IST) Nagaur, Nagaur, Rajasthan, India

शहर की तंग गलियों में आग लगने पर बड़ी दमकल की पहुंच आसान नहीं होने के कारण यहां आग पर काबू पाना नामुमकिन हो जाता है

नागौर।
सवा लाख से अधिक आबादी वाले नागौर शहर की जनता समेत आसपास के सौ किलोमीटर के दायरे के आने वाले गांवों की अग्नि संबंधी सुरक्षा दो दमकल के भरोसे है। शहर की तंग गलियों में आग लगने पर बड़ी दमकल की पहुंच आसान नहीं होने के कारण यहां आग पर काबू पाना नामुमकिन हो जाता है। नागौर नगर परिषद के पास चार दमकल तो है लेकिन एक मशीन खराब है जबकि एक छोटी दमकल कंडम घोषित हो चुकी है, ऐसे में केवल दो दमकल शहर व गांवों में आग बुझाने काम में ली जा रही है।

 

17 साल पुरानी खस्ताहाल गाडिय़ों के भरोसे आग पर काबू पाने की जद्दोजहद

अग्निशमन की टीम 17 साल पुरानी खस्ताहाल गाडिय़ों के भरोसे आग पर काबू पाने की जद्दोजहद कर रही है। लाखों खर्च के बावजूद बेसहारा नगर परिषद के अग्निशमन बेड़े में अलग-अलग कंपनियों की छोटी-बड़ी चार दमकल है लेकिन जरुरत पडऩे पर इन दमकलों के भरोसे किसी को नुकसान से नहीं बचाया जा सकता। शहर की छोटी गलियों व बाजार में बड़ी गाडिय़ों के नहीं पहुंचने के कारण छोटी गाड़ी भी खरीदी थी, लेकिन रख-रखाव के अभाव में खराब हो चुकी इस गाड़ी का उपयोग नहीं हो रहा है।

 

खटारा वाहनों के भरोसे लड़ी जा रही आग से जंग
स्थानीय निकायों में नहीं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
छोटी गलियों में जाने के लिए नहीं दमकल
मॉडल की छोटी दमकल तीन साल से खराब
सबसे पुरानी 2002 मॉडल की गाड़ी खटारा
बाहर से मंगवानी पड़ती है दमकल
2003 और 2012 मॉडल के वाहन के भरोसे ही चल रहा काम
कर्मचारी चाहकर भी आग लगने पर कुछ नहीं कर सकते, अग्निशमन बेड़े में पर्याप्त गाडिय़ां नहीं

 

करीब सौ किलोमीटर के दायरे में भेजा जाता है इसी एक दमकल को

नागौर जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल काफी बड़ा होने के कारण करीब सौ किलोमीटर के दायरे में इसी एक दमकल को भेजना पड़ता है। आलम यह है कि जिला मुख्यालय पर वीआईपी मूवमेंट के दौरान कुचेरा, मूण्डवा व मेड़ता से गाडिय़ां मंगवानी पड़ती हैं। अग्निशमन बेड़े में पर्याप्त गाडिय़ां नहीं होने के कारण कर्मचारी चाहकर भी आग लगने पर कुछ नहीं कर सकते। एक साथ दो स्थानों पर आग लग जाए तो नगर परिषद की दमकल वहां नहीं पहुंच पाती।

 

प्रस्ताव लिया लेकिन अब तक दमकल की खरीद नहीं

जिले में दमकल के हाल कुचामन पालिका की छोटी दमकल कंडम घोषित होने पर नई दमकल का प्रस्ताव लिया लेकिन अब तक दमकल की खरीद नहीं हुई। कुचेरा में आठ महिने पहले नगरपालिका ने दमकल ली लेकिन प्रशिक्षित स्टाफ की स्वीकृति नहीं मिलने से नगरपालिका के कार्मिक ही गाड़ी चला रहे हैं। लाडनूं, मूण्डवा, परबतसर, नावां में छोटी दमकल के अभाव में तंग गलियों में आग लगने पर काबू पाना चुनौती है।

 

आग बुझाने गई दमकल संकरी गली में फंस गई

एक दिन पहले ही मूण्डवा में आग बुझाने गई दमकल संकरी गली में फंस गई थी। निकायों की ओर से नई गाडिय़ों की खरीद के प्रस्ताव भिजवाए जाने के बावजूद स्वीकृति नहीं मिली। निकायों को दिए हैं निर्देश छोटी गलियों में आग जैसी घटना के बाद तत्काल मदद पहुंचाने के लिए छोटी दमकल की जरुरत को ध्यान में रखते हुए नागौर, कुचामन,मेड़ता, मकराना व डीडवाना निकायों को नई दमकल खरीदने या सरकार को प्रस्ताव भिजवाने के निर्देश दिए हैं।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned