scriptNagaur is among the top ten districts in illegal liquor business | अवैध शराब कारोबार में नागौर टॉप टेन जिलों में शुमार | Patrika News

अवैध शराब कारोबार में नागौर टॉप टेन जिलों में शुमार

संदीप पाण्डेय

नागौर. अवैध शराब के कारोबार में नागौर राज्य के टॉप टेन जिलों में शुमार हो गया है। करीब आधा दर्जन जिलों को उसने पीछे छोड़ दिया है। अवैध शराब की फैक्ट्री तक पकड़ में आ रही है। अवैध शराब बनाने के लिए स्प्रिट बाहरी राज्यों से यहां आ रहा है। देसी-नकली शराब का काला कारोबार नागौर जिले में ही सालाना दस करोड़ का बताया जाता है।

नागौर

Published: November 15, 2021 10:15:38 pm

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-अवैध शराब के खिलाफ सरकार की मुहिम में कलक्टर कर रहे हैं अगुवाई-इस काले कारोबार में आधा दर्जन जिलों को पछाड़ा

देसी के साथ नकली शराब तो बन ही रही हैं, बाहरी राज्यों की शराब का भी गौरखधंधा जोरों पर है। हाल ही में नकली शराब बनाने की दो फैक्ट्री पकड़ी गई हैं। सूत्रों के अनुसार अवैध शराब के कारोबार की पोल हाल ही में आबकारी और पुलिस के संयुक्त अभियान ने खोल कर रख दी। एक पखवाड़े में 386 छापे मारे गए। अधिकृत लाइसेंस लेकर कारोबार करने वाली दुकानें तक इससे अछूती नहीं रही। चार दुकानें नियमों को ताक पर रख धंधा करते मिली। इन दुकानों पर भी कार्रवाई की जा रही है। यहां भी शराब बिक्री अवैध तरीके से करने का मामला सामने आया। सूत्र बताते है कि कच्चे स्प्रिट की खेप लगातार नागौर जिले में पहुंच रही है। यूं तो जिले में कई जगह यह धंधा चल रहा है, पर मेड़ता, परबतसर, पीलवा समेत कुछ इलाके में स्प्रिट से शराब बनाने का धंधा बड़े पैमाने पर है। पूर्व में भी यहां कई बार अवैध शराब बनाने के कारखाने पकड़े जा चुके हैं। पाउच सील करने वाली सिलिंग मशीन के अलावा स्प्रिट व सादे पाउच के साथ दबोचे जाने के बाद भी शराब तस्करों से धंधे के 'मुखिया का खुलासा नहीं हो पाता। बिना संरक्षण के अवैध शराब के कारोबार का इस तरह से फलना-फूलना समझ से बाहर है।
 -पंद्रह दिन में 386 छापे, चार लाइसेंसी दुकान में भी गड़बड़ी
बाहरी राज्यों से आ रही है स्प्रिट, तीन नकली शराब बनाने की फैक्ट्री मिली
अभियान ने निकाली जान

सूत्र बताते हैं कि आबकारी और पुलिस का अवैध शराब के खिलाफ यह अभियान 25 अक्टूबर से 8 नवंबर तक चला। इस दौरान पूरे जिले में 386 छापे मारे गए, इसमें आबकारी ने 354 तो पुलिस ने 32 जगह दबिश की कार्रवाई की। कुल 91 मामले बने जिनमें चार अधिकृत दुकानें भी शामिल थी। इनमें दस मामले विशेष श्रेणी के तो 77 मामले साधारण श्रेणी के रहे। 63 मामले आबकारी विभाग ने बनाए तो 28 पुलिस ने। भारी मात्रा में शराब बरामद हुई जबकि 31 आरोपी गिरफ्तार भी हुए।
नकली शराब की तीन फैक्ट्रियां

सूत्रों का कहना है कि अभियान में लाडनूं के मगरा बास में स्प्रिट से अवैध शराब बनाने की फैक्ट्री का खुलासा कर मौके से 1000 लीटर स्प्रिट, 6 कार्टून व एक टंकी से 150 लीटर स्प्रिट निर्मित देशी शराब एवं अवैध शराब निर्माण में प्रयुक्त होने वाला सामान, उपकरण व एक बोलेरो केम्पर बरामद कर तीन जनों को गिरफ्तार किया है। परबतसर थाना क्षेत्र के बिदियाद गांव में आबकारी टीम ने नकली शराब बनाने की फैक्ट्री पकड़ी। यहां से 100 लीटर स्प्रिट, 2500 खाली पव्वे, 1500 नकली ढक्कन, 1500 नकली लेबल और दो ड्रम जब्त किए गए। इस दौरान कार्रवाई की भनक लगने से आरोपी भाग छूटे। इसी तरह मकराना थाना क्षेत्र के उचेरिया गांव के एक मकान में पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध शराब की फैक्ट्री पकड़ी। यहां भी 220 लीटर स्प्रिट और दो ड्रम सहित नकली शराब बनाने का सामान जब्त किया गया। अलग-अलग कार्रवाई में चार चालू भट्टी भी पकड़ी गईं। देसी मदिरा की 902 बोतल, हथकढ़ शराब की 357 बोतल के साथ भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब तो बरामद हुई। इसके अलावा 11 हजार लीटर वॉश और 1360 लीटर स्प्रिट भी पकड़ी गई जो बाहरी राज्यों से यहां शराब बनाने के लिए लाई गई थी।
शह से बढ़ रहा है कारोबार

सूत्र बताते हैं कि अनुमान के मुताबिक अवैध शराब का कारोबार पिछले पांच साल में चौगुना हो गया है। कार्रवाई की सुस्ती कहें या सबूत के अभाव में आरोपियों की छूट, बेवजह राजनीतिक संरक्षण भी अवैध शराब के कारोबार को बढ़ा रहा है। पांच साल पहले यह मामला देसी शराब तक ही था जो अब नकली शराब तक पहुंच चुका है।कलक्टर की अगुवाई में विशेष योजनाअवैध शराब के उत्पादन से लेकर बिकवाली पर नजर रखने के लिए संबंधित थानों के बीट कांस्टेबल के साथ आबकारी सिपाहियों की जिम्मेदारी तय की गई हँ। उन्हें अपने रोजाना की रिपोर्ट में अवैध शराब की सूचना से लेकर कार्रवाई तक की जानकारी बीट बुक में दर्ज करना होगा। हाई-वे स्थित सभी ढाबों की अब निरंतर जांच होगी ताकि अवैध शराब पर अंकुश लग सके। बढ़ते अवैध शराब के कारोबार से राज्य सरकार के राजस्व पर भारी मार पड़ रही है। ऐसे में हाल ही सरकार की ओर से जारी आदेश में जिला कलक्टर को इस पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने का उत्तरदायित्व सौंपा गया। इसी के चलते यह अभियान चला। अगला अभियान भी जल्द शुरू होगा, जिसमें हाईवे के ढाबे निशाने पर होंगे।
इनका कहना

पंद्रह दिन के अभियान में अवैध शराब बनाने के कारोबार का खुलासा हुआ। सरकार के निर्देश पर कार्रवाई कर नकली शराब की फैक्ट्रियां, भट्टी, बिकवाली आदि पर कार्रवाई की। कुछ आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। जिम्मेदारी तय की गई तो नए ढंग से मॉनिटरिंग और एक्शन के तहत इसी तरह कार्रवाई होंगी।
-मोहनराम पूनिया, जिला आबकारी अधिकारी नागौर

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