नागौर : नॉन-कोविड इमरजेंसी का एमसीएच विंग में होगा स्थानांतरण

ऑपरेशन प्राणवायु के तहत आरएमआरएस से जिले को मिलेंगे 240 नए ऑक्सजीन सिलेण्डर

By: shyam choudhary

Updated: 10 May 2021, 09:18 AM IST

नागौर. जिला मुख्यालय के जेएलएन राजकीय अस्पताल में अब कोविड और नॉन कोविड मरीजों का उपचार अलग-अलग किया जाएगा। कोविड एवं संदिग्ध मरीजों को जेएलएन की वर्तमान इमरजेंसी से ही भर्ती किया जाएगा, जबकि नॉन कोविड मरीजों के लिए ओपीडी की व्यवस्था अस्पताल परिसर स्थित मदर एण्ड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल (एमसीएच) विंग में की गई है। इससे अब सामान्य मरीजों एवं घायलों को संक्रमण का खतरा नहीं रहे। गौरतलब है कि रविवार के अंक में राजस्थान पत्रिका ने ‘कोविड वार्ड छोड़ इमरजेंसी तक में बेड नहीं, कोई स्ट्रेचर पर काट रहा रात, किसी के घर से आ रही खाट’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित इमरजेंसी वार्ड की गंभीर स्थिति की ओर जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करते हुए इस बात की आशंका जाहिर की थी कि दोनों प्रकार के मरीजों को एक ही जगह देखने से सामान्य मरीजों में संक्रमण का खतरा है।

कोरोना महामारी की दूसरी लहर से उत्पन्न हुई विकट परिस्थितियों में जेएलएन अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने व मरीजों को समग्र व त्वरित ऑक्सीजन सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए रविवार को जेएलएन स्थित वॉर-रूम में जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने जिला स्तरीय अधिकारियों और जेएलएन में सेवारत चिकित्सकों की बैठक बैठक लेकर समीक्षा की।
बैठक में जेएलएन अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. शंकरलाल ने बताया कि कोविड और नॉन कोविड मरीजों के इलाज की पृथक व्यवस्था करने के लिए जेएलएन स्थित वर्तमान नॉन कोविड इमरजेंसी सेवाओं को अस्पताल परिसर स्थित एमसीएच विंग में स्थानांतरित किया जा रहा है, जिससे इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को कोरोना संक्रमण से बचाया से जा सके। उन्होंने बताया कि एमसीएच विंग में नॉन-कोविड इमरजेंसी सेवा के तहत आंख, नाक, कान व गला संबंधी उपचार, अस्थि रोग, दंत चिकित्सा, चर्म रोग, सर्जरी और ट्रोमा संबंधी स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी।

जिले को मिलेंगे 240 नए खाली सिलेण्डर
पीएमओ ने बताया कि ‘ऑपरेशन प्राणवायु अभियान’ के तहत जिले की ऑक्सजीन उत्पादन क्षमता में वृद्धि का कार्य निरंतर प्रगति पर है। राजस्थान मेडिकल रिलिफ सोसायटी, नागौर द्वारा अगले दो सप्ताह के अंदर 240 नए खाली ऑक्सीजन सिलेण्डर जिले की ऑक्सीजन व्यवस्था मजबूत करने के लिए दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त खाली सिलेण्डरों की प्राप्ति के बाद मरीजों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध कराने में आसानी होगी।

जेएलएन में लगाए 46 सुरक्षाकर्मी
नागौर डीएसपी विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस प्रशासन द्वारा जेएलएन अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 30 पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। साथ ही सिविल डिफेंस के 16 सुरक्षाकर्मियों की नियुक्ति भी की गई है। ये सुरक्षाकर्मी जेएलएन अस्पताल परिसर में स्थित ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट की निगरानी करेंगे। वहीं सिविल डिफेंस के सुरक्षाकर्मी कोविड केयर सेंटर में बाहर से आने वाले लोगों की निगरानी रखेंगे तथा अस्पताल में गश्त करके बिना मास्क घूमने वाले लोगों व कोविड प्रोटोकॉल की नई गाइडलाइन का उल्लंघन करने वालों के चालान काटकर जुर्माना वसूली करेंगे।

सर्वे कार्य में लाएं तेजी
बैठक के दौरान डॉ. सोनी ने मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मेहराम महिया को निर्देश दिए कि डोर-टू-डोर सर्वे कार्य के तहत कोविड 19 के बढ़ते हुए संक्रमण को देखते हुए प्रारंभिक स्तर पर ही संक्रमण का पता लगाने तथा समुचित इलाज के लिए आशा, एएनएम तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा सर्वे कार्य निरंतर जारी रखें। उन्होंने कहा कि सर्वे कार्य में तेजी लाते हुए अतिरिक्त मेडिसिन किट की सप्लाई पंचायत समिति एवं ग्राम पंचायत स्तर पर भेजना सुनिश्चित करें और सर्वे के दौरान संभावित कोरोना लक्षण दिखाई देने पर ऐसे व्यक्ति को चिह्नित कर उन्हें स्वास्थ्य केंद्र भेजा जाए, ताकि समय पर उसका इलाज शुरू हो जाए। डॉ. महिया ने बताया कि अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्था और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त डॉक्टरों की भर्ती की प्रक्रिया जारी है और नर्सिंग कर्मियों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी पूर्ण होने जा रही है।

shyam choudhary Reporting
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