नागौर जिले में 2528 लोग ऐसे, जिनकी उम्र 80 पार फिर भी कर रहे मनरेगा में काम

मनरेगा में रोजगार देने में नागौर प्रदेश में दूसरे स्थान पर, जिले में 1.85 लाख से अधिक श्रमिकों कर रहे मनरेगा में काम
- नागौर में मनरेगा के 100 दिन पूरे करने वाले परिवार 63 हजार 570, लॉकडाउन के बाद मनरेगा में रोजगार देने वाले जिलों में नागौर लगातार टॉप में

By: shyam choudhary

Updated: 21 Feb 2021, 10:42 AM IST

नागौर. कोरोना महामारी के चलते गत वर्ष देशभर में लगाए गए लॉकडाउन के कारण एक ओर जहां लोगों का रोजगार छिन गया, वहीं मनरेगा ने लाखों लोगों को रोजगार देकर आर्थिक संबल देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नागौर जिले के परिप्रेक्ष्य में मनरेगा में रोजगार पाने वाले लोगों की बात करें तो पिछले काफी समय से नागौर प्रदेश के टॉप 5 जिलों में है, गत दिनों तक प्रदेश में पहले स्थान पर रहा नागौर वर्तमान में रोजगार देने में दूसरे स्थान पर है। वर्तमान में जिले के एक लाख 85 हजार 841 श्रमिक मनरेगा में काम कर रहे हैं। इसमें सबसे अधिक जायल पंचायत समिति के 19 हजार 51 श्रमिक हैं, जबकि सबसे कम कुचामन पंचायत समिति के 7 हजार 247 हैं।

ढाई हजार से अधिक 80 पार वाले
खास बात यह है कि मनरेगा में 18 से लेकिर 80 से अधिक उम्र के लोग भी रोजगार पा रहे हैं। हालांकि सबसे अधिक रोजगार पाने वाला आयु वर्ग 31 से 40 वर्ष तक का है, लेकिन 2528 लोग ऐसे भी हैं, जो 80 वर्ष से अधिक की उम्र के हैं, जिन्होंने वित्तीय वर्ष 2020-21 में मनरेगा में रोजगार प्राप्त किया है।

युवाओं पर भारी पड़े बुजुर्ग
जिले में आयु वर्ग के हिसाब से देखें तो सबसे अधिक रोजगार पाने वाला वर्ग 31 से 40 वर्ष के बीच का है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में 18-30 वर्ष तक के 9.19 प्रतिशत (51,708), 31-40 वर्ष तक के 30.6 प्रतिशत (1,72,201), 41-50 वर्ष तक के 26.98 प्रतिशत (1,51,794), 51-60 वर्ष तक के 19.64 प्रतिशत (1,10,509), 61-80 वर्ष तक के प्रतिशत (73,954) तथा 80 से ऊपर की आयु के 0.45 प्रतिशत (2528) लोगों को रोजगार मिला है। इन आंकड़ों से यह प्रदर्शित होता है कि 18-30 वर्ष के युवाओं की तुलना में 61-80 आयु वर्ग वाले रोजगार पाने वाले ज्यादा हैं।

100 दिन पूरे करने वाले प्रदेश में सबसे अधिक
राजस्थान में मनरेगा में 100 दिन का रोजगार पाने वाले श्रमिकों की सबसे अधिक संख्या नागौर जिले में हैं। नागौर में 63 हजार 570 परिवारों ने 100 दिन पूरे किए हैं। खास बात यह है कि यह पिछले साल की तुलना में काफी अधिक है। साल दर साल यह स्थिति सुधर रही है।

नियमित मॉनिटरिंग व समय पर भुगतान
मनरेगा में नागौर की स्थिति प्रदेश में सबसे अच्छी है। 100 दिन पूरे करने वाले श्रमिक सबसे अधिक नागौर में हैं। कुल श्रमिक के हिसाब से नागौर पहले एक नम्बर पर था, अब दूसरे स्थान पर है। इसका मुख्य कारण निर्धारित पैरामीटर के अनुसार काम कराया और नियमित मॉनिटरिंग की। हर मंगलवार शाम को वीडियो कॉन्फ्रेंस होती है, जिसमें खुद जिला कलक्टर भी रहते हैं। पंचायत समिति से लेकर ग्राम पंचायत स्तर पर हर बात का रिव्यु किया जा रहा है।
- जवाहर चौधरी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, नागौर

shyam choudhary Reporting
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