अब जिले की नागौर तहसील भी हुई ऑनलाइन, ऑनलाइन मिलेगी नकल व गिरदावरी रिपोर्ट

राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना डिजिटल इंडिया लैण्ड रिकॉर्ड मॉर्डनाइजेशन प्रोग्राम अन्तर्गत जिले की नागौर तहसील भी हुई ऑनलाइन

By: shyam choudhary

Published: 13 Nov 2020, 10:39 AM IST

नागौर. राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना डिजिटल इंडिया लैण्ड रिकॉर्ड मॉर्डनाइजेशन प्रोग्राम (DILRMP) के अन्तर्गत जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने बताया कि अब सम्पूर्ण जिला ऑनलाइन होने की ओर अग्रसर है। जिले की 13 तहसीलों में से नागौर 12वीं तहसील है, जो ऑनलाइन हो चुकी है। अब डीडवाना तहसील को ऑनलाइन करने का कार्य प्रक्रियाधीन है।

डॉ. सोनी ने बताया कि ऑनालाइन तहसीलों में आम काश्तकार घर बैठे जमाबंदी, खेतों के नक्शे एवं गिरदावरी नकल ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। ऑनलाइन तहसीलों में काश्तकार द्वारा प्रस्तुत ई-साइन राजस्व रिकार्ड (जमाबन्दी, नक्शा, गिरदावरी आदि) किसी भी प्रकार के कार्यालय/न्यायालय में मान्य होंगे। ऑनलाइन तहसीलों में पटवारी से राजस्व रिकार्ड (जमाबन्दी, नक्शा, गिरदावरी) नकल लेेने की आवश्यकता नहीं रखते हुए काश्तकार प्रमाणित राजस्व रिकार्ड प्रस्तुत करने के लिए ई-साइन युक्त राजस्व रिकार्ड निर्धारित शुल्क के साथ अपना खाता वैबसाईट से स्वयं प्राप्त कर सकते हैं एवं केवल देखने के लिए बिना किसी शुल्क देख सकते हैं। ऑनलाइन तहसीलों में जमाबंदियां ऑनलाइन के साथ ई-साइन हो गई हैं एवं गिरदावरी नकल को भी ई-साइन करने का कार्य चल रहा है। इसी तरह नक्शे भी ऑनलाइन किए जा चुके हैं, लेकिन ई-साइन प्रक्रियाधीन है। ऑनलाइन तहसीलों में नामान्तरकरण भी ऑनालइन ही दर्ज हो रहे हैं। काश्तकार अपना खाता वेबसाईट पर नामान्तरकरण के लिए आवेदन भी कर सकते हैं। इस प्रकार आमजन व काश्तकार को राजस्व रिकार्ड नकल/नामान्तकरण के लिए भटकने की आवश्यकता नहीं रहेगी।

इन्होंने पेश की अधिसूचना
जिला परिषद सीईओ जवाहर चौधरी, एसडीएम अमित कुमार चौधरी, नागौर तहसीलदार सुभाषचंद चौधरी, ए.एस.के. राधाकिशन निम्बड़, भू-अभिलेख निरीक्षक डालाराम, उदाराम व रूपराज भाकल, कलक्ट्रेट जिला रिसोर्स परसन कपिल देव शर्मा, ओ.के. रामनिवास, ए.ओ.के. श्रवणकुमार खुडख़ुडिय़ा, रिसोर्स परसन हरिशकुमार सांखला, बलवीर गोलिया, आरआई केलाराम, राजेन्द्रकुमार ईनाणियां, पटवारी सियाराम, बुधाराम, आशीष सांखला, ओमपुरी, गजेन्द्र डीडेल आदि ने जिला कलक्ट्रेट के सभागार में उपस्थित होकर नागौर तहसील की अधिसूचना जिला कलक्टर सोनी को प्रस्तुत की।

रहन प्रक्रिया भी होगी ऑनलाइन
राज्य सरकार के निर्देशानुसार कुछ दिनों बाद बैंक रहन प्रक्रिया भी ऑनलाइन होने जा रही है, जिससे रहन प्रक्रिया बहुत सरल हो जाएगी। इसके लिये काश्तकार को केवल बैंक में रहन/रहन-मुक्त के लिए आवेदन करना होगा। बैंक द्वारा स्वत: रिपोर्ट संबंधित ग्राम पटवारी के राजस्व अधिकारी एप्प आईडी पर भेजी जाएगी। जिसके आधार पर पटवारी उसका ऑनलाइन नामान्तरकरण दर्ज करेंगे, जिसके बाद उक्त नामान्तकरण जांच के लिए भू-अभिलेख निरीक्षक की आईडी पर शिफ्ट हो जाएगा। भू-अभिलेख निरीक्षक की जांच के बाद तहसीलदार की आईडी पर शिफ्ट होने पर तहसीलदार द्वारा नामान्तरकरण स्वीकृत किया जाएगा। स्वीकृत होते ही भूमि बैंक के नाम रहन/रहन-मुक्त हो जाएगी।
इस प्रोजेक्ट के अन्तर्गत सभी तहसील कार्यालयों में मॉर्डन रिकॉर्ड रूम भी बनाए गए हैं। अगले चरण में समस्त पुराने राजस्व रिकॉर्ड को स्केनिंग कर ऑनलाइन किया जाएगा, ताकि काश्तकारों को घर बैंठे पुराने रिकार्ड की भी नकल प्राप्त हो सके।

shyam choudhary Reporting
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