मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नागौर दौरे में पड़ सकता है खलल, जानिए क्यों ?

राजस्थान के नागौर में बालवा रोड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के विकास को लेकर आवंटियों ने कहा कि पिछले दौरे के ढाई साल बाद भी नहीं बदले हालात

By: Dharmendra gaur

Published: 25 Apr 2018, 05:48 PM IST

- जनप्रतिनिधि लाचार तो प्रशासन बेखबर
नागौर. बालवा रोड पर राजस्थान आवासन मंडल की ओर से विकसित आवासीय कॉलोनी के विकास में बरती जा रही ढिलाई व आवंटियों पर डाले जा रहे आर्थिक भार से खफा आवंटी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के दौरे से पहले अपने हक के लिए हरकत में आए आवंटियों का कहना है कि खून पसीन की कमाई से मकान लेने के बावजूद कॉलोनी का विकास नहीं होने से वे खुद का घर का होने के बावजूद भी किरायेदार हैं। कॉलोनी के विकास समेत अन्य बिन्दुओं को लेकर आवंटियों ने मंगलवार को कलक्टर के जरिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।
जांच के नाम पर लीपापोती
राजूराम, हरेन्द्र, नरपत समेत अन्य आवंटियों ने ज्ञापन में लिखा है कि बालवा रोड पर भीमराव अम्बेडकर आवासीय कॉलोनी का निर्माण कार्य देखरेख पद्धति से शुरू किया गया था और आवेदन करने वालों को मकानों का आवंटन भी कर दिया गया था, लेकिन विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से निर्माण कार्य बहुत ही घटिया किया गया। आवंटियों की ओर से सरकार व विभाग में शिकायत के साथ मुख्यमंत्री के आदेश पर एसीबी में मामला दर्ज किया गया लेकिन आवंटियों को कोई राहत नहीं मिली। जांच के नाम पर लीपापोती की जा रही है।
खुद का मकान फिर भी किरायेदार
ज्ञापन में आवंटियों ने लिखा है कि 2015 में मुख्यमंत्री ने नागौर दौरे के दौरान कॉलोनी में काम तो रुकवाकर सामग्री की तृतीय पक्ष से जांच करवाने के आदेश दिए थे लेकिन करीब ढाई साल बाद भी जांच पूरी नहीं हुई और ना ही निर्माण कार्य शुरू किया गया। इससे लाखों रुपए जमा करवा चुके आवंटी खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। आवंटियों को मकान का किराया भरना पड़ रहा है तथा मकान की किश्त भी ब्याज व पैनल्टी सहित देनी पड़ रही है।
दिया जाए सब्सिडी का फायदा
आवंटियों का कहना है कि विकास कार्य रुकने से कॉलोनी में झाडिय़ां ही झाडिय़ां उग गई है, पार्क क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। सूने मकानों में असामाजिक तत्वों का डेरा रहता है व आए दिन चोरी की वारदातें हो रही है। आवंटियों ने बैंकों व अन्य स्रोतों से ऋण लेकर मकान लिया लेकिन रहने लायक घर नहीं मिलने से उन पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। आवंटियों ने मुख्यमंत्री जन सहभागिता योजना के तहत दी जाने वाली सब्सिडी का फायदा देने की मांग की है। जानकारी के अनुसार आवंटी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में रंग में भंग डाल सकते हैं।
आश्वासन तक सिमटे जनप्रतिनिधि
कॉलोनी में विकास कार्य रूकने व कॉलोनी का विकास नहीं होने को लेकर आवंटियों ने केन्द्रीय मंत्री सीआर चौधरी, प्रभारी मंत्री बंशीधर बाजिया, अजय सिंह किलक व कलक्टर के सामने भी अपनी पीड़ा जता चुके हंैं लेकिन लाचार दिख रहे जनप्रतिनिधि सरकार तक लोगों की पीड़ा नहीं पहुंचा पाए। आवंटियों की पीड़ा से बेखबर जिला प्रशासन ने भी कॉलोनी में जाकर हालत देखने व सरकार को वस्तु स्थिति से अवगत कराने की जहमत नहीं उठाई। आवंटियों ने का कहना है कि वे अब आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।

Dharmendra gaur Reporting
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