सरकार के नए आदेश; व्यापारियों की दाल के स्टॉक का होगा सत्यापन

प्राप्त स्टॉक की सूचना देनी होगी, किया जाएगा औचक निरीक्षण

By: shyam choudhary

Published: 20 May 2021, 09:03 PM IST

नागौर. जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने बताया कि जिले में दाल के व्यापारियों, डीलरों के पास उपलब्ध स्टॉक की घोषणा एवं कीमत वृद्धि के संबंध में आवश्यक पर्यवेक्षण किया जाएगा। इसको लेकर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग राजस्थान की ओर से जिले के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अनुसार दाल की कीमतों में हो रही वृद्धि को दृष्टिगत रखते हुए राजस्थान व्यापारिक वस्तु आदेश 1980 की अनुसूची द्वितीय में साबूत या दली हुई दालें यथा उड़द, मूंग, अरहर, मसूर, मोठ, लोबिआ, राजमा, चना, मटर और अन्य दालों को सम्मिलित किए जाने की अधिसूचना जारी की जा रही है। दाल के समस्त व्यवहारियों, मिलों, व्यापारियों, आयातकों और भण्डारग्रहों के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक व्यवहारी द्वारा अनुज्ञापन अधिकारी से प्रमाणितशुदा स्टॉक रजिस्टर प्रतिदिन निर्धारित प्रपत्र में संधारित करना होगा।
प्रत्येक व्यवहारी उसके गोदाम का पता एवं विवरण अपने स्टॉक रजिस्टर में स्वयं के स्तर से दर्ज करेगा और दर्ज स्थान के अतिरिक्त अन्य स्थान पर स्टॉक का भण्डारण नहीं किया जाएगा। प्रत्येक माह में साप्ताहिक विवरणी निर्धारित प्रपत्र में संबंधित अनुज्ञापन अधिकारी डीएसओ, एसडीएम, तहसीलदार को सप्ताह समाप्ति के तीन दिवस में प्रस्तुत करनी होगी। जिला रसद अधिकारी जिले के व्यवहारियों द्वारा प्रेषित साप्ताहिक विवरणी की समेकित सूचना प्रत्येक गुरुवार को मुख्यालय भेजेंगे। वर्तमान माह में व्यापारी के पास उपलब्ध दाल के स्टॉक की घोषणा निर्धारित प्रपत्रों में 21 मई तक करनी होगी। सभी प्रकार की दालों को मिलाकर पांच क्विंटल की मात्रा तक स्टॉक रखने वाले खुदरा विक्रेताओं को निर्देशों से मुक्त रखा गया है।
जिला कलक्टर डॉ. सोनी ने बताया कि जिला रसद अधिकारी स्टॉक की समेकित सूचना और व्यवहारियों यथा मिलों, व्यापारियों, आयातकों, बड़े खुदरा विक्रेताओं और भण्डारग्रहों की संख्या को निर्धारित प्रपत्र में 24 मई तक मुख्यालय को सूचना भेजेंगे। जिले में दालों की खुदरा एवं थोक दरों का पर्यवेक्षण करते हुए साप्ताहिक सूचना राज्य स्तर पर प्रत्येक सोमवार को प्रेषित करनी होगी। व्यापारियों का स्टॉक सत्यापन के लिए प्रर्वतक स्टॉफ से औचक निरीक्षण करवाया जाए। स्टॉक रजिस्टर में दर्ज दाल की मात्रा और भौतिक रूप से उपलब्ध मात्रा में अंतर पाए जाने पर दोषियों के विरूद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 में कार्यवाही की जाए।

shyam choudhary Reporting
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