नागौर में पटरी से उतरा स्वच्छता अभियान

नागौर में पटरी से उतरा स्वच्छता अभियान

Dharmendra Gaur | Publish: Oct, 13 2018 01:22:27 PM (IST) Nagaur, Rajasthan, India

नगर परिषद के सामुदायिक शौचालय बदहाल
नागौर. स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर लाखों-करोड़ों का बजट पानी की तरह बहाया जा रहा है। नगर परिषद के जिम्मेदार स्वच्छता रेंकिंग में सुधार का ढिंढोरा पीटते नहीं थकते वहीं परिषद द्वारा संचालित सामुदायिक शौचालय अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं। शौचालयों का हाल देखकर ऐसा लगता है कि कई महीनों से यहां सफाई तक नहीं हुई। अव्वल इन सामुदायिक शौचालयों में कोई नहीं आता और गलती से कोई इनका रुख कर भी ले तो उनका सामना गंदगी व बदबू से होता है।


पानी तक उपलब्ध नहीं
शहर में करीब नौ स्थानों पर नगर परिषद की ओर से सामुदायिक शौचालयों का संचालन किया जा रहा है, जिनमें से एकाध को छोडक़र किसी भी शौचालय में बिजली व पानी की सुविधा नहीं है। कहीं नल गायब है तो कहीं पाइप। अलग-अलग वार्डों में बने सामुदायिक शौचालयों में से कुछ ऐसे भी है जिनका ताला भी नहीं खुलता तो कुछ ऐसे भी हैं जहां शराबियों का अड्डा रहता है। ये कुछ तस्वीरें नगर परिषद की पोल खोलने के लिए काफी है। ये तो महज एक बानगी है। शहर में संचालित सामुदायिक शौचालयों की स्थिति एक जैसी है।


धोखाधड़ी का मामला दर्ज
श्रम विभाग की योजना के तहत लाभ लेने के लिए फर्जी हस्ताक्षर कर फर्म की साख को नुकसान पहुंचाने का मामला सदर थाना में दर्ज हुआ है। पुलिस के अनुसार गोगेलाव निवासी नवलाराम पुत्र जेठाराम जाट ने रिपोर्ट दी कि वह ठेकेदारी का कार्य करता है और कम्प्यूटर पर श्रम विभाग की वेबसाइट पर श्रमिक पंजीकृत कर रहा था। उसी दौरान उसे पता चला कि श्रमिक बुधाराम जाखड़ को उसकी फर्म के अधीन कार्य कर चुके श्रमिक के रूप में दर्शाया गया था। आवेदक ने ई मित्र पर फर्जी हस्ताक्षर कर उसे व उसकी फर्म की साख को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है।

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