बंजारा प्रकरण में आरएलपी के दोनों विधायकों सहित 27 जनों को धारा 41 ए के तहत नोटिस जारी

कोतवाली थाना पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 41 ए के तहत न्यायालय में पेश होने का दिया नोटिस

By: shyam choudhary

Updated: 26 Aug 2020, 11:21 PM IST

नागौर. ताऊसर ग्राम पंचायत की बंजारा बस्ती में अतिक्रमण हटाने के दौरान उपजे विवाद को लेकर नागौर एसडीएम व जेसीबी चालक के परिजनों द्वारा कोतवाली थाने में दर्ज कराए मामलों में पुलिस ने करीब एक साल बाद न्यायालय में उपस्थित होने के लिए आरोपियों को नोटिस जारी किए हैं। वहीं सालगनाडा निवासी एक आरोपी देवाराम पुत्र कानाराम बणजारा को गिरफतार किया गया है, जिसे गुरुवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

कोतवाली थानाधिकारी रामनारायण भंवरिया ने बताया कि ताऊसर ग्राम पंचायत की चारागाह भूमि पर अतिक्रमण कर बसे बंजारा समाज के लोगों के अतिक्रमण हटाने के दौरान किए गए पथराव के बाद उपजे विवाद को लेकर तत्कालीन एसडीएम दीपांशु सांगवान व जेसीबी चालक के परिजनों ने हत्या, राजकार्य में बाधा पहुंचाने सहित विभिन्न धाराओं में दो मुकदमे दर्ज कराए थे, जिनमें जांच के बाद मेड़ता विधायक इंदिरा बावरी, भोपालगढ़ विधायक पुखराज गर्ग सहित 27 आरोपियों को सीआरपीसी की धारा 41 (1) क के तहत नोटिस जारी कर न्यायालय में उपस्थित होने के लिए कहा है।

इनको जारी किया नोटिस
कोतवाली के प्रकरण संख्या 417/2019 में दोनों विधायकों के साथ लाम्पोलाई निवासी रामकुमार बावरी, खेड़ापा निवासी जेठाराम जाट, सालगनाडा निवासी भंवरलाल उर्फ भंवरू, दुल्लाराम बणजारा, शैतानराम, हापाजी की छतरी निवासी भागीरथ बणजारा, रामनाडा निवासी मंगलाराम, रामूराम बणजारा, जगदीश बणजारा, दरबार बणजारा, गुलाब बणजारा, झूमरराम बणजारा, चैनाराम बणजारा, बंजारों की ढाणी निवासी बाबाराम बणजारा, मेहरवास निवासी पूनाराम बणजारा, भाटों का बास निवासी श्रवणराम एवं रामनाडा निवासी मंगाराम बणजारा को नोटिस जारी किए हैं। इसी प्रकार प्रकरण संख्या 418/2019 में हापाजी की छतरी निवासी गुलाब बणजारा, सालगनाडा निवासी चनणाराम, किशनाराम, गुलाबराम बणजारा, हनुमान बणजारा, गणपतराम बणजारा, हापाजी की छतरी निवासी भागीरथ बणजारा एवं सालगनाडा निवासी जेठाराम बणजारा को नोटिस जारी हुए हैं।

जानिए क्या है धारा 41ए
सीआरपीसी की धारा 41 में संशोधन कर नई धारा '41 ए' जोड़ी गई, जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि सात साल तक की सजा वाले अपराध के मामलों में चाहे जमानतीय हो या गैर जमानतीय, नामजद आरोपी की गिरफ्तारी से पहले उसे लिखित नोटिस दिया जाएगा। आरोपी का पक्ष सुने बिना उसकी गिरफ्तारी नहीं होगी। इसका आशय भी साफ है कि जब तक आरोपी के विरुद्ध साक्ष्य एकत्र न कर लिए जाएं, तब तक उसकी गिरफ्तारी न हो। इस संशोधन का दूसरा आशय फर्जी एफआईआर पर भी लगाम लगाना है।

shyam choudhary Reporting
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