सीबीएसई शिक्षण संस्थान के संस्था प्रधान अब नहीं ले सकेंगे बच्चों का दाखिला

सीबीएसई शिक्षण संस्थान के संस्था प्रधान अब नहीं ले सकेंगे बच्चों का दाखिला
Now CBSE school,s principal will not be able to admision

Sharad Shukla | Publish: Jul, 26 2019 11:52:14 AM (IST) Nagaur, Nagaur, Rajasthan, India

cbse patrika nagaur news-सीबीएसई शिक्षण संस्थानों के संस्था प्रधान आरबीएसई या फिर अन्य बोर्ड के सीरियर सेकण्ड्री स्कूलों से आने वाले बच्चों के प्रवेश खुद के स्तर पर नहीं ले सकेंगे

 

cbse patrika nagaur news-नागौर. सीबीएसई बोर्ड के नए फरमान से अब सीबीएसई शिक्षण संस्थानों के संस्था प्रधान आरबीएसई या फिर अन्य बोर्ड के सीरियर सेकण्ड्री स्कूलों से आने वाले बच्चों के प्रवेश खुद के स्तर पर नहीं ले सकेंगे। उनके इस अधिकारों पर इस फरमान में पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

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संस्था प्रधान बच्चों के प्रवेश खुद के स्तर पर नहीं ले सकेंगे

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से जारी सर्कुलर में स्पष्ट कर दिया गया है कि ऐसे बच्चों को नौवीं एवं 11वीं में भी अब प्रवेश के लिए पांच हजार रुपए के साथ पूर्व के शैक्षिक अध्ययनों के रिपोर्टस कार्ड एवं संबंधित शिक्षण संस्थान की रिपोर्ट जमा कराना पड़ेगा। इसके बाद संबंधित शिक्षण संस्थान की ओर से ऐसे बच्चों की भेजी गई सूची की स्क्रीनिंग करने के बाद सीबीएसई बोर्ड की ओर से अनुमति दिए जाने के बाद ही इनका दाखिला हो सकेगा।

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बच्चों को शुल्क देना पड़ेगा

सीबीएसई सी. से. ेसे सीबीएसई में आने पर भी बच्चों को शुल्क देना पड़ेगा। हालांकि यह फीस केवल एक हजार ही रखी गई है, लेकिन बिना शुल्क इनका भी दाखिला नहीं हो सकेगा। जबकि पूर्व में संस्था प्रधान खुद के स्तर पर बच्चों का प्रवेश परीक्षा के माध्यम से दाखिला ले लेते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं कर पाएंगे। बोर्ड के इस नए फरमान ने ऐसे बच्चों पर संकट की स्थिति उत्पन्न कर दी है, जो आर्थिक तौर पर कमजोर होने के चलते एक हजार भी नहीं जमा कर सकते। अब पैसा नहीं है तो फिर बच्चों को सीबीएसई बोर्ड से पढ़ाई करने का अपना सपना छोडऩा होगा। दिल्ली स्थित बोर्ड के मुख्यालय के निर्देश की पालना में गत बुधवार को बोर्ड की डिप्टी सेक्रेट्री एवं रीजनल आफिसर पूनम रानी के हस्ताक्षर से जारी इस निर्देश से असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

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पांच हजार रुपए का शुल्क अदा करना पड़ेगा
उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पढऩे वाले विद्यार्थियों के लिए बुरी खबर है। विशेषकर आरबीएसई बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए। अब नौवीं या 11वीं में सीबीएसई बोर्ड संचालित स्कूलों में दाखिला लेने पर उन्हें पांच हजार रुपए का शुल्क अदा करना पड़ेगा। संबंधित शिक्षण संस्थानों की ओर से जारी प्रवेश परीक्षा की प्रक्रियाओं में वह सफल हुए तो पांच हजार रुपए के शुल्क के साथ ही अब तक में अध्ययन किए गए कक्षाओं के रिपोर्टस कार्ड एवं आवश्यक दस्तावेजों को भी जमा कराना होगा। इसके बाद संबंधित शिक्षण संस्थानों की ओर से संबंधित रीजन कार्यालय को ऐसे विद्यार्थियों की सूची भेजी जाएगी। इसके बाद संबंधित रीजन कार्यालय से उनके दस्तावेजों की स्क्रीनिंग करने के बाद अनुमति मिली तो फिर उनका दाखिला माना जाएगा, नहीं तो निरस्त कर दिया जाएगा।

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फिर ऐसे विद्यार्थियों का क्या होगा
प्रदेश में कई ऐसे शिक्षण संस्थान हैं, जहां पर सीनियर सेकण्ड्री स्कूलों से सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों में दाखिला लिया जाता है। प्रतिवर्ष ऐसे प्रवेशों की संख्या हजारों में होती है। अकेले नागौर जिले में ही ऐसे विद्याॢर्थयों की संख्या 50 से ज्यादा बताई जा रही है। अब सीबीसई बोर्ड नई दिल्ली से जारी हुए इस फरमान से ऐसे विद्यार्थियों के प्रवेश संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सीनियर सेकण्ड्री स्कूल, आरबीएसई बोर्ड से आए ऐसे विद्यार्थियों से संबंधित शिक्षण संस्थानों को इसी सत्र से ही प्रति छात्र पांच-पांच हजार की वसूली के साथ ही उनके अध्ययन से संबंधित रिपोर्टस कार्डस के साथ ही अन्य आवश्यक दस्तावेजों को जमा कराकर संबंधित रीजन कार्यालय में भेजने होंगे। इसके बाद वहां से अनुमति मिलने पर ही इन विद्यार्थियों का प्रवेश माना जाएगा। अन्यथा उनको अन्यत्र प्रवेश लेना पड़ेगा। जारी सर्कुलर के अनुसार सीबीएसई बोर्ड से सीबीएसई बोर्ड सीनियर सेकण्ड्री में पढऩे वालों को भी प्रवेश लिए जाने की स्थिति में शुल्क जमा करना पड़ेगा, लेकिन इन्हें केवल एक हजार का शुल्क ही अदा करना पड़ेगा।

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निजी शिक्षण संस्थानों में उठे विरोध के स्वर
सीबीएसई के इस नए फरमान से निजी शिक्षण संस्थानों में विरोध के स्वर उठने लगे हैं। शिक्षण संस्थान संचालकों का कहना है कि सरकार एक तरफ शिक्षा प्रोत्साहन के दावे करती है, दूसरी तरफ सीबीएसई बोर्ड भी अब धन उगाही कर इस पर पानी फेरने लगा है। कमजोर आर्थिक वर्ग के बच्चे पांच हजार रुपए कैसे जमा कर पाएंगे। सीनियर सेकण्ड्री स्कूलों से सीबीएसई बोर्ड में आने वाले नौवीं या 11वीं के बच्चे के पास यदि पांच हजार रुपए नहीं है तो फिर बोर्ड के इस फरमान से वह स्कूल में दाखिला ही नहीं ले पाएंगे। nagaur Cbse: Latest Cbse News in Hindi

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