काश्तकर भी अब बना सकते हैं वेयर हाउस

Nagaur. किसानों को कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस, कलेक्शन सेंटर और प्रोसेसिंग यूनिट के लिए मिलेगा ऋण

By: Sharad Shukla

Published: 27 Sep 2021, 09:27 PM IST

नागौर. किसानों के लिए खुशखबरी है। किसानों को कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस, कलेक्शन सेंटर और प्रोसेसिंग यूनिट, परख केंद्र, ग्रेडिंग, पैकेजिंग यूनिट, ई-प्लेटफॉर्म जैसी इकाइयों के निर्माण के लिए ऋण उपलबध कराया जाएगा। इस योजना का मूल उद्देश्य यह है किसानों के लिए खेती से जुड़े ढांचे का विकास करना। योजना के तहत किसानों के लिए एक लाख करोड़ रुपए तक के ऋण की व्यवस्था की गयी है। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक मोहित चौधरी ने बताया कि इसमें अलग-अलग प्रोजेक्ट के हिसाब से मध्यम-अवधि यानी मीडियम और लंबी-अवधि यानी लॉन्ग टर्म की फाइनेंस सुविधा यानी कि कर्ज मुहैया कराया जाएगा। इसमें प्रतिवर्ष 3 फीसदी ब्याज में छूट तथा तथा दो करोड़ रुपये तक कर्ज के लिए सीजीटीएमएसई स्कीम के तहत लोन गारंटी कवरेज़ भी मिलेगी। किसानों को यह ऋण प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां, किसान उत्पादक संगठन और कृषि उद्यमी समेत बैंक और वित्तीय संस्थाओं, प्राथमिक कृषि कर्ज सोसाइटियों, किसानों, मार्केटिंग सहकारी समितियों, किसान उत्पादक संगठनों , स्वयं सहायता समूहों, संयुक्त जवाबदेही समूह , बहुउद्देशीय सहकारी समितियों, कृषि से जुड़े और केन्द्रीय या राज्य एजेंसियों अथवा सार्वजनिक-निजी साझेदारी परियोजना प्रायोजित स्थानीय निकायों को एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत वित्तपोषण मुहैया कराया जाएगा। इसकी मॉनिटरिंग एक ऑनलाइन मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम के जरिए की जाएगी। इस ऑनलाइन सिस्टम के जरिए ही फंड के लिए आवेदन किया जा सकेगा साथ ही एमआईएस के ज़रिए ही राष्ट्रीय, राज्य और जिले के स्तर पर दिए गए फंड की मॉनिटरिंग होगी ताकि किसी भी फ्रॉड से बचा जा सके और सुपात्र किसान ही इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने बताया कि योजना की अधिक जानकारी के लिए किसान भाई नाबार्ड की एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड से संपर्क कर सकते हैं।

Sharad Shukla Reporting
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