scriptOne shift of hospitals is heavy on the patients | अस्पतालों की एक पारी मरीजों पर पड़ रही भारी, मुफ्त इलाज के दावे पर फिर रहा पानी | Patrika News

अस्पतालों की एक पारी मरीजों पर पड़ रही भारी, मुफ्त इलाज के दावे पर फिर रहा पानी

सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज के दावे पर फिर रहा पानी
- कोरोना काल में सरकार ने दो पारी की जगह शुरू की थी एक पारी, मरीज हो रहे परेशान

नागौर

Updated: April 28, 2022 12:51:57 pm

श्यामलाल चौधरी
नागौर. कोरोना महामारी की पहली लहर के दौरान सरकारी अस्पतालों में दो पारी के स्थान पर शुरू की गई एक पारी अब मरीजों पर आर्थिक रूप से भारी पड़ रही है। सरकार भले ही प्रदेशवासियों को नि:शुल्क दवा और नि:शुल्क जांच की सुविधा दे रही है, लेकिन मरीजों को मुफ्त जांच होने के बावजूद डॉक्टर को फीस देनी पड़ रही है। इससे सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज के दावे थोथे साबित हो रहे हैं।
jln13.jpg

गौरतलब है कि कोरोना महामारी से पहले सरकार अस्पतालों में मरीजों को देखने के लिए सुबह व शाम को आउटडोर में डॉक्टर बैठते थे, लेकिन कोरोना काल के दौरान अस्पतालों में कोविड मरीजों की संख्या बढऩे व संक्रमण को रोकने के लिए दूसरे मरीजों को कोविड-19 मरीजों के सम्पर्क में आने से बचाने के लिए सरकार ने एक पारी कर दी थी, जिसके बाद डॉक्टर सुबह अस्पताल पहुंचते हैं और दोपहर में घर चले जाते हैं, इसके बाद दूसरे दिन ही अस्पताल पहुंचते हैं, जिससे मरीजों को जांच रिपोर्ट दिखाने के लिए उनके घर तक जाना पड़ता है, जहां फीस चुकानी पड़ती है।
दो बजे मिलती है जांच रिपोर्ट
जिला मुख्यालय के जेएलएन राजकीय अस्पताल में गर्मियों के सीजन में आउटडोर का समय सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक का है। यानी 2 बजे डॉक्टर घर चले जाते हैं। उधर, मरीज जब अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने जाता है तो अधिकतर बीमारियों में खून, पेशाब सहित अन्य जांचें करवाई जाती है, ताकि बीमारी को पहचान सकें और उसी अनुरूप दवा लिख सकें, लेकिन अस्पताल में जांच रिपोर्ट भी दोपहर 2 बजे दी जाती है। मरीज के हाथ में जब तक जांच रिपोर्ट आती है तब तक डॉक्टर घर जा चुके होते हैं, इसलिए मरीज को सम्बन्धित डॉक्टर के घर जाना पड़ता है। घर जाने पर मरीज को डॉक्टर की फीस चुकानी पड़ती है, साथ ही अधिकतर मरीजों को दवा भी बाजार से खरीदनी पड़ती है, क्योंकि घर पर डॉक्टर बाहर की दवा ही लिखते हैं।
गांव से आने वालों को परेशानी ज्यादा
एक पारी की व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को सबसे अधिक परेशानी और नुकसान हो रहा है। सामान्य बीमारियों का इलाज स्थानीय स्तर पर हो जाता है, लेकिन गंभीर बीमारी पर उन्हें जिला मुख्यालय के अस्पताल में आना पड़ता है और यहां आते ही डॉक्टर सबसे पहले उसे जांच कराने के लिए कहते हैं। जांच कराने पर रिपोर्ट दो बजे दी जाती है, जिसके कारण उसे मजबूरी में डॉक्टर के घर जाना पड़ता है। शहर वाले मरीज तो दूसरे दिन भी दिखा सकते हैं, लेकिन ग्रामीण यदि फीस से बचना चाहे तो उसे दूसरे दिन फीस जितना किराया लग जाता है, इसलिए वे डॉक्टर को घर पर जाकर दिखाना ही उचित समझता है।
रोजाना 800 से ज्यादा आउटडोर
जिला मुख्यालय के जेएलएन अस्पताल की बात करें तो यहां रविवार को छोडकऱ सप्ताह के छह दिन 800 से अधिक का आउटडोर रहता है। सोमवार को यह आंकड़ा एक हजार के पास चला जाता है, इनमें से अधिकतर को कोई न कोई जांच करानी पड़ती है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मरीजों को डॉक्टरों के घर पर जाना पड़ता है।
ये कैसा नि:शुल्क इलाज
पेट में काफी दिन से दर्द होने पर मैं डॉक्टर को दिखाने के लिए जेएलएन अस्पतालल आया। यहां डॉक्टर ने विभिन्न प्रकार की जांचें लिखी, जिसकी रिपोर्ट मुझे 2 बजे बाद मिली। जब जांच रिपोर्ट आई, तब तक डॉक्टर घर जा चुके थे। इस पर मुझे जांच रिपोर्ट दिखाने के लिए उनके घर जाना पड़ा, जहां फीस देनी पड़ी।
- मोजीराम, ग्रामीण, बू-कर्मसोता
जांच में समय तो लगता है
अस्पताल में जयपुर मुख्यालय के निर्देशानुसार ही एक पारी की व्यवस्था है। इसलिए दो पारी की व्यवस्था भी वहीं से होगी। जहां तक जांच रिपोर्ट देने की बात है तो जांचें अधिक होने व प्रक्रिया लम्बी होने के कारण दो बजे से पहले नहीं दे सकते।
- डॉ. महेश पंवार, पीएमओ, जेएलएन अस्पताल, नागौर

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

किसी भी महीने की इन तीन तारीखों में जन्मे बच्चे होते हैं बेहद शार्प माइंड, लाइफ में करते हैं बड़ा कामपैदाइशी भाग्यशाली माने जाते हैं इन 3 राशियों के बच्चे, पिता की बदल देते हैं तकदीरइन राशि वालों पर देवी-देवताओं की मानी जाती है विशेष कृपा, भाग्य का भरपूर मिलता है साथ7 दिनों तक मीन राशि में साथ रहेंगे मंगल-शुक्र, इन राशियों के लोगों पर जमकर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपादो माह में शुरू होने वाला है जयपुर में एक और टर्मिनल रेलवे स्टेशन, कई ट्रेनें वहीं से होंगी शुरूपटवारी, गिरदावर और तहसीलदार कान खोलकर सुनले बदमाशी करोगे तो सस्पेंड करके यही टांग कर जाएंगेआम आदमी को राहत, अब सिर्फ कमर्शियल वाहनों को ही देना पड़ेगा टोल15 जून तक इन 3 राशि वालों के लिए बना रहेगा 'राज योग', सूर्य सी चमकेगी किस्मत!

बड़ी खबरें

India-China Tension: पैंगोंग झील पर बॉर्डर के पास दूसरा पुल बना रहा चीन, सैटेलाइट इमेज से खुलासाHeavy rain in bangalore: तेज बारिश से दो मजदूरों की मौत, मुख्यमंत्री ने की मुआवजे की घोषणाज्ञानवापी मस्जिद: नौ तालों में कैद वजूखाना, दो शिफ्टों में निगरानी कर रहे CRPF जवान, महंतो का नया दावापाकिस्तान व चीन बॉडर पर S-400 मिसाइल तैनात करेगा भारत, जानिए क्या है इसकी खासियतप्रयागराज में फिर से दिखा लाशों का अंबार, कोरोना काल से भयावह दृश्य, दूर-दूर तक दफ़नाए गए शवFarmers protest: विरोध कर रहे किसानों से मिलेंगे CM मान, आखिर क्यों धरने पर बैठे किसान?जब कांस के दौरान खो गई दीपिका पादुकोण की ड्रेस तो आखिरी समय में किया गया ये बदलावबेटा IPL 2022 में ढा रहा कहर, मां इस बात से अनजान, भारतीय क्रिकेटर ने किया चौंकाने वाला खुलासा
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.