scriptOne should acquire the quality of sweetness from Krishna's flute | व्यक्ति को कृष्ण की बांसुरी से मधुरता का गुण ग्रहण करना चाहिए | Patrika News

व्यक्ति को कृष्ण की बांसुरी से मधुरता का गुण ग्रहण करना चाहिए

नागौर. नया दरवाजा स्थित हनुमान में बुधवार को भागवत कथा करते हुए कथावाचक अमृतराम ने कहा कि मनुष्य को मधुरता का गुण बांसुरी से सीखना चाहिए। बांसुरी ने अथाह दुख सहन किया, इसलिए वह भगवान के अधरों पर रहती है।

नागौर

Published: December 29, 2021 10:52:58 pm

नया दरवाजा स्थित हनुमान में भागवत कथा


भक्ति की महत्ता समझाते हुए संत ने कहा कि परमात्मा से संबंध होने पर ही भक्ति होती है, और अध्यात्मिक विकास होता है। मनुष्य की विषयागत विशेषता बताते हुए कहा कि मानव को प्रत्येक वस्तु में रस चाहिए। वह नाटक, सिनेमा, रंगमंच आदि कुछ भी हो, सभी में रस चाहता है। उन्होंने कहा कि वासना एवं रसना पर विजय प्राप्त करने वाले ही रासलीला में शामिल हो सकते हैं। वृद्ध होने पर पिता के मन में बेटे के प्रति मोह बने रहना भी आसुरी प्रवृति होती है। रासलीला में गोपी शब्द का उल्लेख करते हुए संत ने कहा कि गो अर्थात अपनी समस्त इन्द्रियों सहित कृष्ण भक्ति का रसपान करना होता है। कार्यक्रम में राजू व्यास, सुरेन्द्र व्यास व जगदीश बोहरा आदि मौजूद थे।
व्यक्ति को कृष्ण की बांसुरी से मधुरता का गुण ग्रहण करना चाहिए,व्यक्ति को कृष्ण की बांसुरी से मधुरता का गुण ग्रहण करना चाहिए
नागौर. नया दरवाजा स्थित हनुमान मंदिर में भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु।,नागौर. नया दरवाजा स्थित हनुमान मंदिर में भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु।
भगवान तो भाव के भूखे
खींवसर. ग्राम धनारी कलां में भागवत कथा के तीसरे दिन बुधवार को कथा वाचक संत चेतनराम महाराज ने कहा कि शुकदेव महाराज ने राजा परीक्षित को भागवत का रसपान करवाकर उन्हें पाप से मुक्त कर दिया। भागवत मोक्षदायिनी कथा है इसके श्रवण मात्र से मनुष्य के पापों का नाश होता है। विदुर प्रसंग सुनाते हुए संत ने कहा कि भगवान तो भाव के भूखे हैं उन्हें छप्पन भोग लगाने की कोई आवश्यकता नहीं है। भगवान ने राजशाही व्यंजनों को ठुकराकर विदुरानी के हाथ से केले के छिलके व साधारण भोजन ग्रहण किया। संत ने कहा कि दुख-सुख तो जीवन का अभिन्न हिस्सा है सच्चा भक्त वो है जो सभी परिस्थितियों में भगवान को समान रूप से याद करें। माता कुंती को जीवन में दुख ही दुख मिले फिर भी उन्होंने भगवान पर भरोसा नहीं छोड़ा। इसलिए मनुष्य को सच्चे मन से याद करना चाहिए व दीनदुखियों की सेवा करना चाहिए।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

संसद में फिर फूटा कोरोना बम, बजट सत्र से पहले सभापति नायडू समेत अब तक 875 कर्मचारी संक्रमितRepublic Day 2022 parade guidelines: बिना टीकाकरण और 15 साल से छोटे बच्चों को परेड में नहीं मिलेगी इजाजतकोरोना ने टीका कंपनियों को लगाई मुनाफे की बूस्टरदेश में कोरोना के बीते 24 घंटे में 3 लाख से ज्यादा नए मामले, जानिए कुल एक्टिव मरीजों की संख्यासुप्रीम कोर्ट में 6000 NGO के FCRA लाइसेंस रद्द करने के खिलाफ याचिका पर सुनवाई आजसुप्रीम कोर्ट के वकीलों को मिला रिकॉर्डेड कॉल, दिल्ली में कश्मीर का झंडा फहराने की धमकीसेल्स एंड टाइल्स व्यापारी के घर GST का छापा, सुबह-सुबह पहुंची टीम, घर, गोदाम और दुकान में खंगाले दस्तावेजमुठभेड़ में ढेर हुआ ईनामी नक्सली कमांडर
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.