केवल अपने स्वार्थ में 500 सौ साल पुराने दरख्त को काट डाला....!

Nagaur patrika. पांच सौ पुराने बरगद पर चला दी आरा मशीन. Nagaur patrika

 

गाय तड़पती रही, वो रोता रहा, प्रशासन देखता रहानागौर. शहर के सेठ किशनलाल कांकरिया उच्च माध्यमिक विद्यालय में तकरीबन पांच सौ से छह सौ साल पुराने पेड़ पर आरा मशीन की धार चला दी। पेड़ के मजबूत तनों को काटकर अलग कर दिया गया। पेड़ों के तनों को काटे जाने की पर्यावरण प्रेमियों को जानकारी मिली तो मौके पर लोग एकत्रित हो गए। पीपुल्स फार एनीमल्स के जिलाध्यक्ष हिम्मताराम भांभू भी पहुंचे।

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इस दौरान आरा मशीन से पेड़ों के तने काटने वाला भीड़ को देखकर वहां से चुपचाप निकल गया। पेड़ काटे जाने पर हो रहे विरोध की जानकारी मिलने के बाद मौके पर कोतवाली थाने से पुलिसकर्मी भी पहुंच गए। इस दौरान वहां पर आए संस्था प्रधान से पर्यावरण प्रेमियों से गर्मागरम बहस हो गई। वन विभाग के अधिकारी एवं तहसीलदार भी पहुंचे। लोगों ने अधिकारियों से कार्रवाई की मांग करते हुए मौके पर ही इन्हें शिकायती पत्र भी दिया।
कांकरिया विद्यालय में मंगलवार को शाम को सडक़ से मैदान परिसर में कोने पर स्थित बरगद के पेड़ के तने पर आरा मशीन लगाकर उसे काट दिया। इस दौरान लोगों को जानकारी मिली तो वह कांकरिया मैदान में एकत्रित होने लगे। लोगों को देखते ही पेड़ पर आरा मशीन चलाने वाला वहां से मशीन लेकर स्कूल परिसर में ही रखने के बाद चुपचाप निकल गया।

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लोगों ने इसकी सूचना पर्यावरण प्रेमी हिम्मताराम भांभू को दी। भांभू भी स्कूल पहुंचे तो देखा कि बरगद के बड़े-तने कटे हुए गिरे मिले। पेड़ की यह हालत देखकर भांभू एवं अन्य पर्यावरण प्रेमियों में असंतोष व्याप्त हो गया। हालांकि इस बीच यहां पर आए शंकरलाल शर्मा ने उनके आक्रोश को यह कहकर शांत करने का प्रयास किया कि यहां पर प्रार्थना एवं बालसभाएं आदि होंगी। इसलिए इस पेड़ की केवल छंगाई की है, काटा नहीं गया। लोगों का कहना था कि छंगाई इस तरह नहीं होती है। इस तरह से यह बरसों पुराना पेड़ अब सूख जाएगा। लोगों के बढ़ते विरोध के बीच पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। लोगों ने मांग की संबंधित संस्था प्रधान के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। वन विभाग के अधिकारी भी जानकारी मिलने पर पहुंचे और मौका मुआयना किया। पर्यावरण प्रेमियों एवं संस्था प्रधान शंकरलाल शर्मा के मध्य गर्मारगम बहस के बाद भी मामला नहीं सुलझा। इस दौरान तहसीलदार भी आए, और मौके की रिपोर्ट तैयार कर लौट गए। इस दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारी ने भी जांच की, लेकिन कार्रवाई के संबंध में किसी भी अधिकारी ने संतोषजनक जवाब नहीं दिए।

गाय तड़पती रही, वो रोता रहा, प्रशासन देखता रहा
पेड़ का तना काटने या तोडऩे की भी लेनी पड़ती है अनुमति
अगर कोई भी व्यक्ति को किसी भी पेड़ को गिराना, हटाना, जड़ से उखाडऩा या, जड़ प्रणाली से तना तोडऩा या किसी भी तरह से एक पेड़(पेड़ों) को नष्ट करना है तो उसे अपने शहरी क्षेत्र का क्षेत्राधिकार रखने वालेअधिकारी को आवेदन करना पड़ता है। आवेदन के दौरान आवश्यक दस्तावेजों में उस भूमि का विवरण देना पड़ता है, जहां पर पेड़ है। इसमें स्थान के नक्शा के साथ ही खसरा नंबर, आदि देने पड़ते हैं। इसके बाद 30 दिन के अंदर मौका मुआयना कर अधिकारी संतुष्ट होने के बाद ही इसकी अनुमति देता है।

Sharad Shukla Reporting
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