सरकार ने अटकाया मेटेरियल का भुगतान, पूर्व सरपंचों का बाहर निकलना हुआ मुश्किल

प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2019-20 का मनरेगा सामग्री का भुगतान एक हजार करोड़ से अधिक बकाया, सामग्री (मेटेरियल) का भुगतान नहीं होने से पूर्व सरपंचों, ठेकेदारों व कुशल श्रमिकों की आर्थिक हुई खराब
- नागौर जिले में पिछले साल के 122.33 करोड़ रुपए बकाया

By: shyam choudhary

Published: 18 Oct 2020, 11:20 AM IST

नागौर. प्रदेशभर में पंचायतीराज संस्थाओं (ग्राम पंचायतों) के चुनाव सम्पन्न हो गए हैं, हालांकि पहले मामला न्यायालय में जाने तथा बाद में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से तीन किश्तों में चुनाव हो पाए, लेकिन पुराने सरपंचों का कार्यकाल पूरा हुए लगभग 9 महीने से अधिक का समय बीत हो चुका है। इसके बावजूद उनके कार्यकाल में कराए गए पक्के निर्माण कार्यों में उपयोग ली गई सामग्री का भुगतान राज्य सरकार ने अब तक नहीं किया है। प्रदेशभर में सामग्री व कारीगरों का कुल एक हजार करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान पिछले एक साल से अटका हुआ है। पूर्व सरपंचों का कहना है कि उन्होंने जो बिल पिछले एक साल सामग्री का भुगतान नहीं होने से ठेकेदार व मेटेरियल विक्रेता उन्हें रोज फोन करते हैं। भुगतान नहीं होने से उनका घर से निकलना दूभर हो गया है।

फैक्ट फाइल - वित्तीय वर्ष वर्ष 2019-20 में मनरेगा की बकाया राशि
- 101859.10 लाख रुपए सामग्री पेटे बकाया
- 889.10 लाख रुपए कुशल श्रमिकों के बकाया
- 852.08 लाख रुपए अकुशल श्रमिकों के बकाया
- 107003.69 लाख रुपए कुल बकाया प्रदेश भर में
- 12233.87 लाख रुपए नागौर जिले के बाकी

प्रदेश की स्थिति
जिला - सामग्री की बकाया राशि
अजमेर - 4097.24
अलवर - 859.91
बांसवाड़ा - 6248.83
बारां - 733.72
बाड़मेर - 13,510.42
भरतपुर - 975.45
भीलवाड़ा - 9195.2
बीकानेर - 7971.01
बूंदी - 1566.8
चित्तौडगढ़़ - 813.84
चुरू - 5548.33
दौसा - 319.85
धौलपुर - 1456.45
डूंगरपुर - 5427.96
हनुमानगढ़ - 1428.66
जयपुर - 729.61
जैसलमेर - 2953.86
जालौर - 3117.68
झालावाड़ - 4693.96
झुंझुनू - 116.22
जोधपुर - 3843.62
करौली - 364.56
कोटा - 87.32
नागौर - 11,688.49
पाली - 1474.74
प्रतापगढ़ - 763.16
राजसमंद - 1493.77
सवाई माधोपुर - 3451.86
सीकर - 1763.84
सिरोही - 28.11
श्रीगंगानगर - 1158.36
टोंक - 953.62
उदयपुर - 3022.65
कुल - 101859.10
(राशि लाखों में, स्रोत - मनरेगा की वेबसाइट से)


मूण्डवा ब्लॉक के 20 करोड़ से अधिक बकाया
वित्तीय वर्ष 2019-20 के बिल जमा करवाए हुए करीब एक साल हो गया है, इसके बावजूद अभी तक सामग्री व कारीगरों का भुगतान नहीं हुआ है। अकेले मूण्डवा ब्लॉक का 20 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान बकाया है।
- इंद्रचंद फिड़ौदा, पूर्व अध्यक्ष, ब्लॉक सरपंच संघ, मूण्डवा

आर्थिक स्थिति खराब, अधिकारी कर रहे टालमटोल
मनरेगा योजना में करवाए गए पक्के कामों के सामग्री का भुगतान एक साल से अटका हुआ है, राज्य सरकार के अधिकारी केन्द्र सरकार से बजट नहीं आने की बात कर रहे हैं, जबकि केन्द्र वाले कह रहे हैं कि उन्होंने दे दिया। दोनों के बीच सरपंच और ठेकेदार ***** रहे हैं। स्थिति यह है कि अब नए सरपंचों को भी सामग्री सप्लाई में दिक्कत आ रही है। हमने गत दिनों जिले के दौरे पर आए प्रभारी मंत्री को ज्ञापन देकर भुगतान कराने की मांग की थी। जल्द ही भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
- अर्जुनराम काला, पूर्व जिलाध्यक्ष, सरपंच संघ, नागौर

shyam choudhary Reporting
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