झूठे शपथ पत्र देकर वाहन पंजीयन करवा रहे मालिक, घरों के बाहर खड़े कर रहे वाहन

बिना पार्किंग स्थल ही वाहनों का करवाया दिया रजिस्ट्रेशन, कोई कार्रवाई नहीं, परिवहन विभाग में पेश करना पड़ता है खुद की पार्किंग का शपथ पत्र, हकीकतन पार्किंग है ही नहीं



By: Jitesh kumar Rawal

Published: 22 Nov 2020, 06:22 PM IST

जीतेश रावल

नागौर. वाहन का पंजीयन करवाने में कितने ही दस्तावेज देने पड़ते हैं और सभी कागजात की पूरी तस्दीक के बाद ही सत्यापन किया जाता है। कागजी कार्यवाही में हरी झंडी मिलने के बाद वाहन का रजिस्ट्रेशन जारी होता है, लेकिन पार्किंग के लिए नत्थी किया जाने वाला स्टाम्प अमूमन गलत ही पेश किया जा रहा है। पार्किंग स्थल को लेकर बकायदा स्टाम्प पर शपथ पत्र पेश किया जाता है, लेकिन अधिकतर मामलों में यह झूठ साबित हो रहा है। स्वयं का पार्किंग स्थल नहीं होने पर भी वाहन मालिक इस तरह का शपथ पत्र दे रहे हैं, ताकि अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन करवा सके। वैसे इस तरह से झूठा दस्तावेज पेश होने की परिवहन विभाग को भी जानकारी रहती है, लेकिन कार्रवाई क्यों नहीं हो रही यह कहना मुश्किल है। उधर, स्वयं का पार्किंग स्थल नहीं होने से सरकारी भूमि पर ही जहां-तहां वाहन खड़े दिख रहे हैं। शपथ पत्र देकर भी घर के बाहरा वाहन खड़े रखने वाले मालिकों पर भी विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।

यह है प्रावधान
तिपहिया व चौपहिया वाहन का पंजीयन करने से पहले मालिक को स्वयं के पास पार्किंग व्यवस्था सम्बंधी शपथ पत्र पेश करना होता है। यह अहम दस्तावेज है, जिसके बगैर वाहन का रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकता। कागजों की जांच के दौरान स्थिति क्लीयर नहीं होने पर वाहन का पंजीयन भी अटक सकता है।

केवल औपचारिकता निभाते हैं
पंजीयन करवाने से पहले वाहन मालिक औपचारिक रूप से सभी दस्तावेज पेश करते हैं। इसमें पार्किंग सम्बंधी शपथ पत्र भी शामिल है। बकायदा इसकी जांच भी होती है, लेकिन जिम्मेदार भी इसमें औपचारिकता ही निभाते हैं। इस दस्तावेज को सही मानते हुए वाहन का पंजीयन कर देते हैं। विभागीय अधिकारी शायद ही कभी जांच करते हो कि वाहन मालिक के पास पार्किंग स्थल है या नहीं।

सरकारी भूमि पर वाहन पार्किंग
खुद के पास वाहन पार्किंग के प्रबंध नहीं होने पर मालिक अपने वाहन को घर के बाहर ही खड़ा कर देते हैं। ऐसे में वाहन की पार्किंग सरकारी भूमि पर होती है। एक तरह से यह सरकारी भूमि पर भी अतिक्रमण है। आसपास के लोगों को बेतरतीब पार्किंग से दिक्कत उठानी पड़ती है सो अलग। खुद की पार्किंग व्यवस्था होने पर इन समस्याओं से निजात मिल सकती है, लेकिन इस दिशा में कोई ध्यान नहीं दे रहा।

आंखें मूंदकर बैठे जिम्मेदार
नागौर समेत जिलेभर में कुछ इसी तरह के मामले नजर आ रहे हैं। घरों के बाहर खड़े वाहन परिवहन विभाग में पेश की गई शपथ की पोल खोल रहे हैं। बिना पार्किंग व्यवस्था के आखिर वाहनों को खड़ा भी तो रखना ही है। सारे नियम-कायदे ताक पर रखे जा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों ने आंखें मूंद रखी है। रात हो या दिन बगैर पार्किंग व्यवस्था के लगभग हर घर के बाहर वाहन खड़ा दिख जाएगा। संकरी गलियों में काफी मुश्किल हो जाती है। शहर के भीतरी इलाकों में घर के बाहर खड़े वाहन आवागमन तक अवरुद्ध कर रहे हैं।

जांच करवाएंगे...
पार्किंग के लिए शपथ पत्र लिया जाता है। गलत शपथ पत्र नहीं देना चाहिए। इस तरह के मामले है तो जांच करवाएंगे और उनके विरुद्ध कार्रवाई भी करेंगे।
- ओमप्रकाश चौधरी, जिला परिवहन अधिकारी, नागौर

Jitesh kumar Rawal
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