scriptParbatsar Tehsildar suspended in temple waiver land endorsement case | मंिदर माफी जमीन बेचान मामले में परबतसर तहसीलदार निलम्बित | Patrika News

मंिदर माफी जमीन बेचान मामले में परबतसर तहसीलदार निलम्बित

खबर का असर
मंदिर माफी की जमीन थी, नायब तहसीलदार को सौंपा कार्यभार, राजस्व मण्डल अजमेर ने दिए आदेश

नागौर

Published: June 20, 2022 10:14:59 pm



नागौर. मंदिर माफी जमीन बेचान के मामले में लापरवाही बरतने पर परबतसर तहसीलदार जगराम मीना को निलम्बित कर दिया गया है। राजस्व मण्डल अजमेर के आदेश पर नागौर जिला कलक्टर पीयूष सामरिया ने उन्हें कार्यमुक्त कर नायब तहसीलदार को उनका कार्यभार सौंप दिया गया है। जगराम मीना का मुख्यालय राजस्व मण्डल अजमेर किया गया है।
मंदिर माफी जमीन बेचान के मामले में लापरवाही बरतने पर परबतसर तहसीलदार जगराम मीना को निलम्बित कर दिया गया है।
राजस्व मण्डल अजमेर के आदेश पर नागौर जिला कलक्टर पीयूष सामरिया ने उन्हें कार्यमुक्त कर नायब तहसीलदार को उनका कार्यभार सौंप दिया गया है।
परबतसर में मंदिर माफी की करीब सौ बीघा जमीन की रजिस्ट्री हो गई और तमाम जिम्मेदार ‘अनजान’ बने रहे। ‘मुफ्त का चंदन, घिस मेरे नंदन’ की तर्ज पर जमीन के कथित उत्तराधिकारी आनन-फानन में ‘लक्ष्मी’ बरसने के एक सूत्री काम में जुट गए। बाद में पोर्टल पर हुई एक शिकायत को राजस्थान पत्रिका ने 28 जनवरी के अंक में भू-माफिया और सरकारी भक्तों की मिलीभग से हो रहा भगवान के सौ बीघा ठिकाने का सौदा शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इस खबर में बताया गया कि परबतसर उपखण्ड क्षेत्र स्थित मंदिर माफी की करीब सौ बीघा जमीन की रजिस्ट्री भूमाफिया के इशारे पर कर्मचारियों ने करवा दी। पहले तो परबतसर तहसीलदार जगराम मीना रजिस्ट्री होने की बात से ही साफ मुकर गए। फिर कहने लगे कि रिपोर्ट में रेफरेंस का नोट लगाकर आगे भेज दिया गया है। जबकि हकीकत यह है कि इसमें 23 हेक्टेयर जमीन की रजिस्ट्री हो चुकी और इसके कागज तक पत्रिका के पास उपलब्ध थे।
तहसीलदार जगराम और पटवारी समय सिंह मीणा के इर्दगिर्द मामला अटक रहा था। पोर्टल पर शिकायत के बाद तहसीलदार जगराम मीना ने जवाब पेश करते हुए लिखा है कि उक्त प्रकरण में बेचान दस्तावेज प्रस्तुत करते समय दस्तावेजों के साथ प्रार्थी की ओर से विक्रम संवत 2070-2073 की जमाबंदी प्रस्तुत की गई, जो पटवारी हल्का परबतसर द्वारा दिनांक 18 अगस्त 21 को प्रमाणित की हुई है और प्रस्तुत जमाबंदी में किसी प्रकार का रेफरेंस का नोट अंकित नहीं होने से तहसीलदार (उप-पंजीयक) द्वारा दस्तावेज स्वीकार किए गए हैं।
...फिर सोनी ने दिए जांच के आदेश

शिकायत नागौर के तत्कालीन कलक्टर डॉ.जितेंद्र कुमार सोनी के पास पहुंची। इस पर जिला कलक्टर कार्यालय की ओर से परबतसर उपखण्ड अधिकारी और तहसीलदार को मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए। परबतसर तहसीलदार जगराम मीना ने जांच कर अपनी रिपोर्ट में लिखा कि परबतसर के खाता संख्या 141 खसरा नंबर 1275, 1280, 1281, 1938, 3025/1939, 378, 379, 380, 399, 401, 403, 666 कुल रकबा 23.0600 हेक्टेयर ग्राम परबतसर में स्थित है। जो संवत् 2008 में डोली बनाम मंदिर रघुनाथ महाराज व अतेमाम जमनादास पुत्र सुरजादास जातरो साद रामावत बासी गंवारो पुजारी मंदिर के नाम दर्ज है।
इस तरह हुआ पटाक्षेप

सूत्र बताते हैं कि सोनी के बाद जांच का दायरा बढ़ा तो राजस्व मण्डल अजमेर ने भी तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की। काफी दिनों से चल रही जांच का पटाक्षेप जगराम मीना के निलम्बन पर जाकर खत्म हुआ।
जांच के बाद कार्रवाई

परबतसर तहसीलदार के खिलाफ मंदिर की जमीन की रजिस्ट्री करने सहित दो तीन मामले हैं। मंदिर की जमीन वाला प्रकरण हमने राजस्व विभाग अजमेर को भेजा था, जिस पर आज तहसीलदार को निलम्बित कर अजमेर मुख्यालय भेजने के आदेश मिले।
- मोहनलाल खटनावलिया, एडीएम, नागौर

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