कृषक जीवन बीमा क्लेम नहीं देने पर एलआईसी पर लगाया हर्जाना

जिला उपभोक्ता संरक्षण आयोग का निर्णय : वोटर कार्ड में अंकित आयु विश्वसनीय साक्ष्य नहीं

By: shyam choudhary

Updated: 22 Apr 2021, 10:09 AM IST

नागौर. जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि वोटर कार्ड में अंकित जन्म तिथि विश्वसनीय साक्ष्य नहीं है एवं इसके आधार पर आयु निर्धारण कर एलआईसी द्वारा कृषक का मृत्यु बीमा क्लेम खारिज करना उचित नहीं है।

प्रकरण के अनुसार आयोग के अध्यक्ष डॉ. श्याम लाटा व सदस्य बलवीर खुडख़ुडिय़ा एवं चन्द्रकला व्यास के समक्ष विजयपुरा (मकराना) निवासी गुलाबदेवी ने परिवाद प्रस्तुत कर बताया कि उसके पति सुखाराम द्वारा ग्राम सेवा सहकारी समिति, गैलासर से अप्रेल, 2014 में फसल ऋण प्राप्त करते समय सहकार कृषक जीवन सुरक्षा ग्रुप बीमा पॉलिसी के लिए प्रीमियम की कटौती की गई थी। अक्टूबर, 2014 में उसके पति की मृत्यु होने पर केन्द्रीय सहकारी बैंक, मकराना के माध्यम से उसका मृत्यु क्लेम प्रेषित किए जाने पर एलआईसी ने वोटर कार्ड के आधार पर मृतक की आयु 60 वर्ष से अधिक मानते हुए इसे खारिज कर दिया, जबकि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कूकड़ोद के प्रवेश रजिस्टर के अनुसार मृतक की आयु 59 वर्ष होने से वह क्लेम प्राप्त करने की अधिकारी है।
दोनों पक्षों की सुनवाई व विभिन्न कानूनी नजीरों पर विचार करने के बाद आयोग ने अपने निर्णय में कहा कि वोटर लिस्ट में जन्मतिथि के बजाय अनुमानित आयु दर्ज होती है व इसमें नाम, आयु, पिता का नाम, ग्राम आदि में प्राय: त्रुटियां पाया जाना सामान्य बात है, जिसके कारण स्कूल रजिस्टर में अंकित जन्म दिनांक के मुकाबले इसे विश्वसनीय साक्ष्य नहीं माना जा सकता है।

आयोग ने मृतक के बीमा क्लेम को खारिज करना विपक्षी की सेवा में कमी मानते हुए क्लेम राशि तीस हजार रुपए मय 9 प्रतिशत ब्याज सहित परिवादिनी को भुगतान करने के साथ मानसिक क्षतिपूर्ति व परिवाद व्यय के रूप में 15 हजार रुपए की राशि भी अदा करने का विपक्षी भारतीय जीवन बीमा निगम को आदेश दिया है।

shyam choudhary Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned