Video : नागौर शहर में नहीं दिखा ‘जन अनुशासन’, पुलिस ने भी मुंह देखकर निकाले ‘तिलक’

व्यापारियों ने दुकान का शटर लगाकर अंदर ग्राहकों को बेचा सामान, गाइडलाइन की अवहेलना
- सावों की सीजन के चलते खरीदारी के लिए बाजारों में उमड़ी भीड़
- जन अनुशासन पखवाड़ा की गाइडलाइन को लेकर भी रहा असमंजस

By: shyam choudhary

Published: 20 Apr 2021, 09:40 AM IST

नागौर. जिले में वीकेंड कफ्र्यू की अवधि पूरी होने पर सोमवार को नागौर शहर सहित जिलेभर में व्यापारियों ने दुकानें खोल दीं। हालांकि राज्य सरकार ने कोरोना को हराने के लिए ‘जन अनुशासन पखवाड़ा’ शुरू कर कई पाबंदियां लगाई हैं, लेकिन शहर के बाजारों में जन अनुशासन कहीं देखने को नहीं मिला। कई दुकानदारों ने तो ग्राहकों को अंदर बैठाकर पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए शटर नीचे कर लिए। उधर, सोमवार को बाजार में भीड़ अधिक जुटने की सूचना मिलने पर पुलिस बाजार पहुंची, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने भी मुंह देखकर तिलक निकाले। कुछ दुकानों से लोगों को बाहर निकाला तो कुछ के चालान भी बनाए।

दरअसल, सावों का सीजन होने के चलते लॉकडाउन लगने की आशंका को लेकर सोमवार को बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। ग्रामीण क्षेत्रों से लोग शादियों के लिए कपड़े, फर्नीचर, बर्तन सहित खान-पान का सामान खरीदने पहुंच गए। बाजार में आए ग्रामीणों ने बताया कि शादियां तय हो चुकी है, ऐसे में कम मेहमानों की उपस्थिति में ही सही, लेकिन आयोजन तो करने पड़ेंगे, ऐसे में यदि कल बाजार बंद हो गया तो उनके लिए सामान खरीदना मुश्किल हो जाएगा। उधर, व्यापारियों का भी कहना है कि वे पिछले वर्ष भी सीजन में लॉकडाउन लगने के कारण मंदी की मार झेल चुके हैं, इस बार भी उनकी दुकानें नहीं खुली तो संकट खड़ा हो जाएगा।

वस्त्र व्यापारियों ने की राहत देने की मांग
श्री नागौर वस्त्र व्यापार संघ ने सोमवार को मुख्यमंत्री के नाम कलकटर को ज्ञापन सौंपकर वस्त्र व्यापार व व्यापारियों को बचाने की मांग की। संघ के अध्यक्ष मोहब्बतराम पंवार के नेतृत्व में व्यापारियों ने ज्ञापन सौंपकर बताया कि राज्य सरकार द्वारा आगामी 3 मई तक लॉकडाउन घोषित किया गया है, जिसमें कई व्यवसायों को एक निर्धारित समय सीमा तक रियायत प्रदान कर व्यापार करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। ऐसे में वस्त्र व्यापार को भी राहत दी जानी चाहिए, क्योंकि वस्त्र व्यापार से सैकड़ों व्यापारियों एवं मजदूरों की रोजी रोटी है। व्यापारियों ने बताया कि वैवाहिक सीजन में कपड़ा व्यवसायियों के ग्राहकों से कई ऑर्डर लिए हुए हैं, जिससे व्यवसायी द्वारा एक तय सीमा से पहले डिलीवरी करने का वादा किया हुआ है, ऐसे में व्यवसायियों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। व्यापारियों की परेशानी को समझते हुए वस्त्र व्यापार को भी एक निश्चित समय सीमा में व्यापार करने की अनुमति प्रदान की जाए, ताकि व्यापारियों पर आर्थिक मार नहीं पड़े।

shyam choudhary Reporting
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