नेपाल में अटके श्रमिक चूमेंगे राजस्थानी माटी, घर लाने को लगाई रोडवेज बसें

नेपाल सरकार ने श्रमिकों को बॉर्डर पर सौंपा, अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पहुंची रोडवेज, अंतरराष्ट्रीय सीमा से श्रमिक लेकर आने वाला पहला परिवहन निगम बना राजस्थान रोडवेज

By: Jitesh kumar Rawal

Updated: 03 Jun 2020, 09:50 PM IST

जीतेश रावल
नागौर. नेपाल में अटके प्रवासी श्रमिक जल्द ही राजस्थानी माटी को चूम सकेंगे। नेपाल सरकार ने इन श्रमिकों को अपने देश की सीमा तक भारत सरकार को सौंप दिया है एवं वहां से इनको राजस्थान के लिए रवाना किया गया है। इन नेपाल में प्रवासरत राजस्थानी श्रमिकों को लाने के लिए रोडवेज बसों को तैनात किया गया है। यह भी खास रहा कि राजस्थान रोडवेज निगम वह पहला निगम है, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा से श्रमिकों को घर पहुंचा रहा है। रोडवेज बसें अभी तक राज्यों की सीमा तक ही आवाजाही कर रही थी, लेकिन नेपाल में अटके श्रमिकों को लाने के लिए इनकी सेवाओं का विस्तार अंतरराष्ट्रीय सीमा तक किया गया है।

बनबसा सीमा से बसें रवाना
नेपाल बॉर्डर पर बनबसा से रोडवेज बसों में श्रमिक रवाना हो चुके हैं, जो एक-दो दिन में राजस्थान पहुंचेंगे। इसके बाद अन्य श्रमिकों के लिए भी बसें लगाई जाएगी। नेपाल सरकार ने बॉर्डर पर बनबसा-उत्तराखंड के समीप से राजस्थानी श्रमिकों को सौंपा है। यहां से ही राजस्थान के लिए बसें संचालित की जा रही है।

पहले चरण में 69 प्रवासी आ रहे
पहले चरण में नेपाल बॉर्डर से 69 प्रवासी राजस्थानियों को मेडिकल स्क्रीनिंग के बाद राजस्थान रोडवेज की दो बसों से रवाना किया गया। इसके अलावा चार अन्य बसों से भी नेपाल-उत्तराखंड बनबसा बॉर्डर से नेपाल सरकार की ओर से सौंपे गए अन्य राजस्थानी प्रवासियों को लाया जाएगा। बताया जा रहा है कि नेपाल की ओर से सौ से ज्यादा राजस्थानियों को और सौंपा जाएगा।

कुछ दिन नीमराणा में रहेंगे राजस्थानी
नेपाल से आने वाले प्रवासी राजस्थानियों को नीमराणा के राजकीय स्कूल में क्वॉरंटीन किया जाएगा। उत्तराखंड नेपाल बॉर्डर से बस रवाना होते समय श्रमिकों के चेहरे पर घर आने की खुशी दिखाई दे रही थी। लम्बे समय से वापसी होने के कारण ये घर आने को उत्सुक दिखे। रासते में इनके लिए भोजन का प्रबंध किया गया।

राज्य से अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर तक सेवा
अधिकारी बताते हैं कि राजस्थान रोडवेज अभी तक राज्य सीमाओं से ही श्रमिकों को घर पहुंचाने का काम कर रही थी। नेपाल बॉर्डर से प्रवासी श्रमिकों को लाने का पहला श्रेय भी अब रोडवेज के नाम है। अभी तक गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, हिमाचलप्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़ एवं पंजाब से प्रवासी राजस्थानियों को लाने-ले जाने के लिए लगातार श्रमिक स्पेशल सेवाएं दी जा रही है।

नेपाल बॉर्डर से ला रहे हैं...
रोडवेज की श्रमिक स्पेशल बसों से नेपाल बॉर्डर से प्रवासी राजस्थानी श्रमिकों को लाया जा रहा है। राजस्थान रोडवेज पहला परिवहन निगम है, जो अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर से प्रवासियों को लेकर अपने राज्य पहुंचेगा।
- नवीन जैन, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, राजस्थान रोडवेज, जयपुर

Jitesh kumar Rawal
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