शहर में निकाला स्वर्णीम विजय मशाल का रोड शो, शहरवासियों ने पुष्प वर्ष कर किया स्वागत

शनिवार को बीआर मिर्धा कॉलेज में आयोजित हुआ विजयी मशाल का गार्ड ऑफ ऑनर कार्यक्रम

By: shyam choudhary

Published: 11 Apr 2021, 10:04 PM IST

नागौर. भारतीय सेना के 1971 स्वर्णीम विजय वर्ष के उपलक्ष्य में नागौर पहुंची स्वर्णीम विजय मशाल के तीसरे दिन रविवार को सुबह 8 से साढ़े 9 बजे तक रोड शो निकाला गया। सेना के अधिकारियों के नेेतृत्व में विजय मशाल का रोड शो किसान भवन से शुरू होकर कृषि मंडी, कलक्ट्रेट, एसपी ऑफिस से स्टेशन रोड होते हुए किले की ढाल से गांधी चौक पहुंचा। यहां माली समाज के डायरेक्टर मुरारी सांखला, राजकुमार सांखला, भरत सोलंकी, रोनक सांखला, मुकेश पंवार, टीकमचंद कच्छावा, मनोज सांखला, पिथाराम माली एवं नेमीचंद कच्छावा ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया एवं सेना की हौसलाअफजाई की। इसके बाद रोड शो विजय वल्लभ चौराहा, मूण्डवा तिराहा होते हुए मानासर पहुंचा। इसके बाद विजय मशाल खींवसर क्षेत्र के ईसरनावड़ा पहुंची, जहां महावीर चक्र विजेता शहीद सुगनसिंह की माता जी का स्वागत एवं सम्मान किया गया।
गौरतलब है कि 1971 के युद्ध के 50 वर्ष पूर्ण होने पर दिल्ली से रवाना हुई चार विजय मशाल देश के चारों दिशाओं में घूम रही हैं। जिनके माध्यम से युद्ध में शहीद हुए वीर सैनिकों एवं शहीदों की वीरांगनाओं को सम्मान किया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से एक मशाल राजस्थान में हैं, जिसे रणबांकुरा यूनिट बीकानेर के नेतृत्व घूमाया जा रहा है।

‘1971 की विजय द्वितीय विश्व युद्ध के बाद विश्व का महत्वपूर्ण घटनाक्रम’
इससे पहले शनिवार को श्री बीआर मिर्धा कॉलेज में विजय मशाल का स्वागत व गार्ड ऑफ ऑनर कार्यक्रम आयोजित किया गय, जिसे संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट कर्नल राज सिंह ने कहा कि भारतीय इतिहास में 1971 के युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की विजय भारत ही नहीं पूरे विश्व के लिए द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे घटनाक्रम था। भारतीय सेना ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देते हुए उसकी सेना को सरेंडर करने के लिए मजबूर किया तथा बांग्लादेश का निर्माण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

एनसीसी केडेट्स ने संभाली कार्यक्रम की बागडोर
शनिवार सुबह 10 बजे मिर्धा कॉलेज पहुंची विजय मशाल को एसडब्ल्यू केडेट्स ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद कॉलेज प्राचार्य डॉ. शंकरलाल जाखड़ ने ध्वजारोहण किया। प्राचार्य डॉ. जाखड़ ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में महाविद्यालय में सेना के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम की सफलता का श्रेय एनसीसी को देते हुए विद्यार्थियों को सेना से अनुशासन व कठिन परिश्रम की सीख लेने का आह्वान किया। उन्होंने वीर सैनिकों व शहीदों को नमन किया। इस मौके पर 1971 के युद्ध पर तैयार की गई डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया, जिसमें सेना के रण कौशल, कूटनीति तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय राजनीति की सफलता के मूल सूत्रों को रेखांकित किया गया है। शनिवार को मिर्धा कॉलेज में आयोजित विजय मशाल के कार्यक्रम की बागडोर एनसीसी प्रभारी कैप्टन प्रेम सिंह बुगासरा के नेतृत्व में एनसीसी केडेट्स ने संभाली। शुक्रवार को शहीद स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम के साथ शनिवार को कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में एनसीसी केडेट्स की भूमिका एवं सहयोग के लिए लेफ्टिनेंट कर्नल राज सिंह ने सराहना की।

shyam choudhary Reporting
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