गांवों में अफवाह - कोरोना पॉजिटिव आने पर चिकित्सा विभाग को मिलते हैं पैसे

हकीकत - एक पैसा नहीं मिलता, जांच का खर्चा उठाना हुआ मुश्किल
- जिले में तेजी से बढ़ रहे हैं पॉजिटिव, इसलिए जांच में करें सहयोग

By: shyam choudhary

Published: 16 Sep 2020, 11:55 AM IST

नागौर. कोरोना वायरस के संक्रमण से फैल रही महामारी से आमजन को बचाने के लिए एक तरफ जहां चिकित्सा विभाग के डॉक्टर एवं नर्सिंगकर्मी दिन-रात सेवा दे रहे हैं, वहीं कुछ लोग अफवाह फैलाकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। ऐसी ही एक अफवाह इन दिनों जिले में यह चल रही है कि कोरोना पॉजिटिव आने पर चिकित्सा विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को पैसे मिलते हैं, इसलिए ये लोग अधिक से अधिक सैम्पल लेकर पॉजिटिव रिपोर्ट दे रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम व बचाव को लेकर राज्य सरकार एवं जिला कलक्टर के निर्देश पर चिकित्सा विभाग की टीमें कोरोना पॉजिटिव के सम्पर्क में आने वाले एवं संदिग्ध मरीजों के अधिक से अधिक सैम्पल ले रहे हैं, ताकि पॉजिटिव आने पर उन्हें समय पर उपचार दिया जा सके।

ऐसी अफवाहों से चिकित्साकर्मी न केवल तनाव में हैं, बल्कि उनके कार्य पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। यह भी जानकारी में आया है कि कुछ लोग पॉजिटिव के सम्पर्क में आने के बावजूद सैम्पल देने में आनाकानी करते हैं, ऐसे लोगों पर जब दबाव डाला जाता है तो वे इस प्रकार की अफवाह फैला रहे हैं, जबकि कोरोना जांच में पॉजिटिव आने पर चिकित्सा विभाग को कोई पैसे नहीं मिलते। उल्टा अस्पताल प्रबंधन के लिए जांच का खर्चा उठाना मुश्किल हो रहा है।

निजी चिकित्सालय व लैब में 1200 रुपए में होगी कोरोना जांच
राज्य सरकार ने मंगलवार को आदेश जारी कर निजी चिकित्सा संस्थानों और लैबों में कोविड-19 की जांच की निर्धारित दरें कम कर दी है। पहले निजी चिकित्सालयों व लैब में जहां 2400 रुपए में जांच होती थी, वहां अब कोरोना जांच 1200 रुपए में होगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोड़ा ने मंगलवार को आदेश जारी कर बताया कि आरटी-पीसीआर टेस्टिंग किट, रिएजेन्टस, वीटीएम किट तथा अन्य कंज्यूमेबल्स की कीमतों में आई कमी तथा आमजन को कम कीमतों पर जांच सुविधा उपलब्ध कराने को दृष्टिगत रखते हुए सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सकों एवं विषय-विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श उपरान्त यह निर्णय लिया गया है।

महामारी को हराने में सहयोग दें आमजन
जिले में कोरोना महामारी का प्रकोप काफी तेजी से बढ़ रहा है। कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम व बचाव को लेकर अधिक से अधिक लोगों के सैम्पल लिए जा रहे हैं, इसमें जिलेवासियों को चिकित्सा विभाग की टीमों का सहयोग करना चाहिए। इस महामारी में चिकित्साकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर हम सब की जान बचाने में जुटे हुए हैं। कोरोना पॉजिटिव आने पर किसी भी चिकित्साकर्मी या विभाग को एक पैसा भी नहीं मिलता है, यदि इस प्रकार की अफवाह कोई फैला रहा है तो वह गलत है।
- डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी, जिला कलक्टर, नागौर

Corona virus
shyam choudhary Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned