पीडी खाते खोलने के विरोध में जिलेभर के सरपंचों ने जताया विरोध

जिला कलक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी को सौंपा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम ज्ञापन

By: shyam choudhary

Updated: 14 Jan 2021, 10:43 AM IST

नागौर. केन्द्र सरकार से मिलने वाली राशि को पीडी खाते में जमा कराने को लेकर राजस्थान सरकार द्वारा दिए गए आदेशों के विरोध में बुधवार को सरपंचों ने जिलाध्यक्ष प्रकाश भाकर के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। संघ ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम जिला कलक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी को ज्ञापन सौंपा, जिसमें सरपंच संघ ने बताया कि प्रदेश सरकार एवं वित्त विभाग की ओर से ग्राम पंचायतों के खाते में जमा होने वाली राशि को पीडी खाते में जमा किए जाने पर कई विसंगतियां पैदा हो जाएगी।

दो साल में एक पैसा नहीं दिया
जिला सरपंच संघ की ओर से राज्य सरकार द्वारा पीडी अकाउंट खोलने के आदेश को निरस्त करवाने की मांग की गई है। नागौर सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष भाकर ने बताया कि ग्राम पंचायतों के ब्याज रहित पीडी खाते खोलकर संवैधानिक वित्तीय अधिकारों में कटौती की जा रही है। राजस्थान सरकार के 2 साल के कार्यकाल में कुछ प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा पंचायती राज संस्थाओं के प्रशासनिक एवं वित्तीय हितों पर कुठाराघात किया जा रहा है। पंचायती राज विभाग की वित्तीय हालत भी खराब है। पिछले 2 सालों में केंद्रीय वित्त आयोग की राशि के अतिरिक्त राज्य वित्त आयोग का एक भी पैसा ग्राम पंचायतों के खाते में नहीं आया है। पांचवें राज्य वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार साल 2019-20 में 4 हजार करोड़ रुपए में से कुछ भी राशि ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित नहीं की गई है। वहीं छठे वित्त आयोग का भी अभी तक गठन नहीं किया गया। साल 2020-21 में भी ग्राम पंचायतों को कोई राशि नहीं मिली है। ऐसे में ग्राम पंचायतों की प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सरपंचों ने कहा कि 21 जनवरी को समस्त ग्राम पंचायतों में तालाबंदी कर के विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। 30 जनवरी को जयपुर में राजस्थान सरपंच संघ की बैठक आयोजित कर आंदोलन की आगामी रणनीति बनाई जाएगी।

पहले सीधे ग्राम पंचायत के खाते में आती थी राशि
अब तक प्रदेश की प्रत्येक पंचायत में विकास कार्यों के लिए सरकार स्टेट फाईनेंस कमीशन से सीधा पंचायतों के खातों में पैसा ट्रांसफर करती थी। यह राशि साल में दो किश्तो के रूप में पंचायतों के खातों में दी जाती थी। इसके तहत मध्यम पंचायतों में 10—10 लाख तथा बड़ी पंचायतों के लिए 15—15 लाख की दो किश्तों में पैसा दिया जाता था। जिसे पंचायत में विकास कार्यों के लिए सरपंच पंचायत के बैंक खाते से पैसा खर्च करते थे, लेकिन अब यह व्यवस्था बंद कर दी गई है। पहले सरपंचों को खातों के ब्याज की राशि मिल जाती थी, लेकिन अब पीडी खाते खोलने के बाद यह राशि नहीं मिलेगी।

पंचायत में खर्च पर नहीं रहेगा नियंत्रण
नई व्यवस्था के अनुसार अब पंचायतों का पैसों पर कोई कंट्रोल नहीं होगा। सरकार ने हर पंचायत के लिए पीडी अकाउंट खोले है, जो वित्त विभाग के नियंत्रण में होगा। इस प्रकार सरपंचों को पंचायत के विकास कार्यों के लिए वित्त विभाग से ही राशि लेनी होगी। अब सरपंच खुद राशि खर्च नहीं कर पाएंगे।

ये रहे मौजूद
ज्ञापन देने के दौरान बुधवार को जिलेभर के सरपंच संघ के पदाधिकारी व सरपंच उपस्थित रहे। जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपने के बाद जिलेभर के सरपंच व संघ पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने पंचायत समिति परिसर में बैठक आयोजित की, जिसमें नागौर सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष प्रकाश भाकर, राजस्थान सरपंच संघ के पूर्व अध्यक्ष भंवर लाल जानू, सरपंच संघ के ब्लॉक अध्यक्ष ओमाराम भादू, सचिव सुरेशदान चारण, लालाराम, वीरेंद्र पाल कड़ेला, सुरेन्द्र भाकल सहित जिले की 15 पंचायत समितियों की विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच मौजूद रहे।

shyam choudhary Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned