त्वचा को नुकसान भी पहुंचाते हैं सेनेटाइजर, जानिए कैसे करें इस्‍तेमाल

Nagaur News हैण्ड सेनेटाइजर (Hand Senetizer) वायरस नष्ट करने में कारगर होता है। लेकिन इसके कई साइड इफेक्ट भी हैं। जिसके बार में आमजन को जानकारी होना आवश्यक है।

By: Rudresh Sharma

Published: 24 Dec 2020, 10:39 PM IST

नागौर

कोविड 19 महामारी के चलते सेनेटाइजर का उपयोग करना आम बात है। ये वायरस को फैलने से रोकने में मददगार है। वहीं CDC (Centers For Disease Control And Prevention ) के अनुसार हाथ को बार बार साबुन और पानी से 20 सकैण्ड तक धोना चाहिए। साबुन और पानी के अभाव में हैण्ड सेनेटाइजर को काम में लिया जा सकता है । इसके साथ ही अलग अलग प्रकार के हैण्ड हायजिनिंग प्रोडक्ट जैसे लिक्विड या बार साबुन, सिंथेटिक डिटरजेन्ट, एन्टीसेप्टिक हैण्ड वाश, एल्कोहॉल बेस्ड हैण्ड वाश आदि काम में ले सकते हैं।

हैण्ड हायजिनिंग के चलते अलग अलग तरह के सेनेटाजर का इस्तेमाल कोविड के लिए कारगर है। यह वायरस के मेम्ब्रन को नष्ट करता है। जिससे वायरस की वृद्धि प्रभावित होती है। साल 2017 में एक अध्ययन बताता है कि एल्कोहॉल बेस्ड हैण्ड सेनेटाइजर में वायरल पैथोजन ( SARS-COV) को नष्ट करने की क्षमता होती है।

यह अध्ययन यह भी बताता है कि इथेनॉल बेस्ड और आइसोप्रापाईल बेस्ड हैण्ड सेनेटाइजर वायरस नष्ट करने में कारगर होता है। लेकिन इसके कई साइड इफेक्ट भी हैं। जिसके बार में आमजन को जानकारी होना आवश्यक है। इनके इस्तेमाल से हाथों के अलावा शरीर पर कई प्रभाव पड़ते हैं। यह चमड़ी के बाहरी परत और उसके काम को प्रभावित करते हैं। जैसे कि हाथो में खुजली होना, कभी कभी एक ही जगह पर खुजली तो कई बार पूरे शरीर में एलर्जी जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं।

ऐसा सेनेटाइजर के बारे में जानकारी नहीं होने से होता है। बाजार में उपलब्ध कई प्रकार के सेनेटाइजर बार बार हाथ धोने से और कम मोइस्चराइजेशन से हाथो में एलर्जी बढ़ाते हैं। ये चमड़ी की ऊपरी पतर को कम करता है और सुरक्षित वसा की परत को हटा देता है। इसको रोकने के लिए हमें निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए।

1. कोई भी सेनेटाइजर उपयोग में लेने से पहले ध्यान में रहे कि उसमें कम से कम 60 प्रतिशत एल्कोहॉल व उसके साथ में मॉइस्चेराइजर हो ताकि कम से कम एलर्जी हो।

2. उसमें किसी ऐसे तत्व का मिश्रण नहीं हो जो एलर्जी कराए। जैसे एल्जन इत्यादि।

3. मॉइस्चेराइजर युक्त सेनेटाइजर नहीं हो तो हमें पॉकेट साइज मॉइस्चेराइजर साथ रखना चाहिए ताकि उसे हम बार बार काम ले सकें।

4. सही हाथ धोने की प्रवृति 24 से 31 प्रतिशत बीमारी को फैलने को रोकती है।

5. इसके अलवा हाथों को गुनागुना और ठण्डे पानी व साबुन से धोना भी कारगर है। गर्म व बहुत ठण्डे पानी से बचें। बिना रगड़ें हाथों को पौंछना चाहिए।

6. हाथ धोने के तुरंत बाद मॉइस्चेराइजर का उपयोग करें।


गेस्ट राइटर
डॉ. रेखा बारूपाल
त्वचा एवं चर्म रोग विशेषज्ञ
जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय, नागौर

Rudresh Sharma
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