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नागौर

इलाज के नाम पर सत्तर हजार की ठगी

पांच महीने में तीन दर्जन से अधिक मामले

नागौरJun 03, 2024 / 08:27 pm

Sandeep Pandey

पतंजलि योग पीठ ट्रस्ट नाम पर जमा कराई रकम

साइबर ठगी के नए-नए तरीके

नागौर. बीमार बेटी का उपचार कराने की चाहत के चलते एक व्यापारी साइबर ठगी का शिकार हो गया। पतंजलि योग पीठ ट्रस्ट के नाम पर हरिद्वार आकर इलाज करवाने के नाम पर यह ठगी की गई।शहर के लक्ष्मीकांत बलदवा ने बताया कि उसकी 14 वर्षीय पुत्री दिव्या बीमार है, उसने फेसबुक के जरिए पतंजलि का सम्पर्क नम्बर तलाशा। फोन पर बात हुई तो ठहरने के साथ उपचार आदि की जानकारी दी गई। ट्रस्ट के इस कर्मी ने उन्हें करीब सत्तर हजार रुपए मांगे, जिसे ऑनलाइन पेमेंट कर दिया गया। बाद में अपने जानकारों से हरिद्वार पतंजलि पीठ पर जाने की बात हुई तो उन्होंने बताया कि कहीं ठगी तो नहीं हो गई। इसी तरह पहले दिनेश मित्तल से भी ठगी हुई थी। इधर-उधर फोन व अन्य जानकारी के बाद पता चला कि यह ठगी है। इस संबंध में कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया गया है।
मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर लोगों को फांस रहे साइबर ठग

नागौर. मोटा मुनाफा कमाने के लालच में ठगी के शिकार होने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। हाल ही सदर थाना इलाके में करीब डेढ़ किलो नकली सोना देकर 54 लाख रुपए हड़पने का मामला सामने आया है। कभी शेयर मार्केट में निवेश करने तो रकम पर अंधाधुंध ब्याज देने का झांसा देकर लोगों को फांसा जा रहा है। पिछले इस साल के पांच महीने में ही नागौर (डीडवाना-कुचामन) जिले में तीन दर्जन से अधिक वारदात साइबर या फिर अन्य थानों में दर्ज हो चुकी है।
सूत्रों के अनुसार अलग-अलग सोशल साइट/मोबाइल के जरिए नहीं कहीं तो शातिर खुद जाकर शिकार कर रहे हैं। अब ठगी के नए तरीकों में जमीन पर टॉवर लगाने या फिर किसानों की फसल के मोटे दाम दिलाने के बहाने भी ऑनलाइन ठगा जा रहा है। मकराना के पास एक किसान को फोन कर कहा गया कि साल में फसल खराब होने पर अभी की निवेश राशि से चौगुनी दी जाएगी। इस तरह नाम-आधार कार्ड समेत अन्य कागज व्हाट्सएप के जरिए दी, फिर लिंक भेजकर कहा गया कि अब इस आवेदन को भरो, और ऑनलाइन राशि जमा कराओ। किसान ने करीब तीन लाख रुपए जमा करा दी, बाद में पता चला कि वो फ्रॉड का शिकार हुआ है।शेयर मार्केट/आईपीओ ही नहीं, रकम को जल्द बढ़ाने अथवा बिना ब्याज के कर्जा देने का झांसा देकर धोखाधड़ी का खेल चल रहा है। दिल्ली दरवाजा निवासी मुनव्वर को निवेश कम्पनी ग्रुप ने उसे तगड़ा मुनाफा देने का झांसा देकर निवेश करवाया फिर लाभांश तो दूर 87 लाख की असली रकम ही अटक गई। ऐसा ही एक मामला खुडख़ुड़ा कलां निवासी सुरेश का है, जिसने जोधपुर स्थित जनता कॉलोनी बासनी निवासी सूर्यप्रकाश व्यास व पांच अन्य पर कम्पनी के आईपीओ खरीदने पर लाखों-करोड़ों के मुनाफे का झांसा देकर सत्तर लाख रुपए हड़पने का मामला दर्ज कराया था।
ऐसे-ऐसे नए पैंतरे

सूत्रों का कहना है कि एक स्कूल की टीचर भी नए पैंतरे का शिकार हुई। श्रीबालाजी इलाके की इस टीचर के पास मोबाइल पर घर-परिवार का फ्री इंश्योरेंस कराने पर निकले इनाम की दो लाख राशि लेने के लिए 5 हजार रुपए ऑनलाइन झटक लिए। हालांकि टीचर ने मामला दर्ज कराने से इनकार कर दिया। एक अन्य मामले में रकम को ढाई साल में दोगुनी करने की बात कही, इसके लिए बाकायदा कम्पनी, मेल आदि के जरिए रसीद तक दी गई, पता चला कि पांच लाख की ठगी हो गई।
एफआईआर डाउनलोड कर कमाई

सूत्र बताते हैं कि सीसीटीएनएस पोर्टल के जरिए एफआईआर डाउनलोड कर आरोपी तक पुलिस अफसर बनकर साइबर ठग फोन करते हैं। नाम हटाने, गिरफ्तारी से बचने के लिए रकम ले ली जाती है। इस तरह के दो-तीन मामले नागौर में भी हो चुके हैं, हालांकि पीडि़त रिपोर्ट देने से अब भी कतरा रहे हैं। कोतवाली थाने के साइबर एक्सपर्ट राकेश सांगवा का कहना है कि इस नए-नए प्रलोभन में फंसकर लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं, किसी भी निवेश अथवा फायदे से पहले संबंधित व्यक्ति-कम्पनी की असलियत जान लें, तो ऐसा हो ही नहीं।

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