अमृत योग में आज से शुरू होगी शारदीय नवरात्रि

Nagaur. नवरात्रि इस बार नौ की जगह आठ दिनों की रहेगी
-छह दिनों तक रवि योग का नवरात्रि में रहेगा संयोग
-अभिजीत मुहूर्त में होगी घट स्थापना

By: Sharad Shukla

Published: 06 Oct 2021, 09:47 PM IST

नागौर. शारदीय नवरात्रि गुरुवार से अमृत योग में शुरू हो रही है। नवरात्र नौ की बजाय आठ ही दिनों की होगी। इसका कारण यह है कि इस बार तृतीयऔर चतुर्थी तिथि एक साथ पड़ रही हैं। ऐसे में 7 अक्टूबर से शुरू शारदीय नवरात्र 14 अक्टूबर तक रहेगी। नवरात्रि में आठ, नौ, दस, 11 व 12 तथा 14 अक्टूबर को रवि योग बन रहा है। पंडित सुनील दाधीच नेबताया कि इसके साथ ही अमृत योग का निर्माण 7, 10 एवं 12 अक्टूबर को हो रहा है। छह दिनों तक रवि योग का संयोग रहेगा। नवरात्र की शुरुआत चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग में होगी। इसलिए घट स्थापना अभिजीत मुहूर्त में करना श्रेष्ठ रहेगा। गुरुवार को अभिजीत नामक मुहूर्त दोपहर 12 बजकर एक मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा। साथ ही घटस्थापना के लिए द्विस्वभाव लग्न को शुभ माना जाता है।यह धनु नामक द्विस्वभाव लग्न दोपहर 12 बजकर एक मिनट से 1 से 1 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। चित्रा नक्षत्र तथावैधृति योग में घट स्थापना श्रेष्ठ रहेगी।आश्विन शुक्ल प्रतिपदा को घट स्थापना के साथ ही माता रानी का पूजन प्रारंभ होगा। देवी की पूजा में घटस्थापना के लिए तांबा पीतल चांदी या मिट्टी का कलश लेकर उसे जल से धोकर शुद्ध करने के पश्चात मोली बांधकर शुद्ध जल तथा गंगाजल से भरकर इसमें इत्र सुपारी सिक्का तथा तीर्थ जल डालें। इसके बाद अशोक के पत्ते लगाकर कलश पर लाल चुनरी में लपेटकर नारियल को स्थापित किया जा सकता है। नवरात्रि में अखंड दीपक का भी विशेष महत्व होता है।नवरात्र में भवन, भूमि, वाहन, आभूषण, वस्त्र, रत्न सहित सभी प्रकार की खरीदारी करना शुभता प्रदान करता है। इसी प्रकार नवीन कार्यों की शुरुआत करना भी इसमें श्रेष्ठ होता है। इस बार तृतीया और चतुर्थी और एक साथ होने से कुष्मांडा माता और स्कंदमाता की आराधना एक साथ होगी। पंडित दाधीच ने बताया कि नवरात्रि की तिथियों का घटना व श्राद्ध की तिथियों का बढऩा अशुभ है। यह अच्छा संकेत नही हैं। नवरात्रि चित्रा नक्षत्र व वैघृति योग में शुरू हो रही है जो देश की अर्थव्यवस्था के लिहाज से शुभ नहीं है। देश की अर्थव्यवस्था कमजोर बनी रहेगी। छत्र भंग योग राजनीतिक उठापटक, प्राकृ एक्सतिक आपदा, नई नई असाध्य बीमारियों व महामारी का भय आदि के संकेत मिल रहे हैं।
यह रहेंगी शारदीय नवरात्र की तिथियां
7 अक्टूबर- मां शैलपुत्री की पूजा
8 अक्टूबर- मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
9 अक्टूबर- मां चंद्रघंटा व मां कुष्मांडा की पूजा
10 अक्टूबर- मां स्कंदमाता की पूजा
11 अक्टूबर- मां कात्यायनी की पूजा
12 अक्टूबर- मां कालरात्रि की पूजा
13 अक्टूबर- मां महागौरी की पूजा
14 अक्टूबर- मां सिद्धिदात्री की पूजा
पहले दिन शैलपुत्री के रूप में आएंगी मां दुर्गा
देवी मंदिरों में पहले दिन शैलपुत्री के रूप में मां दुर्गा का शृंगार किया जाएगा। इसके पश्चात क्रमश: ब्रह्मचारिणी, चन्द्रघण्टा, कूष्माण्डा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी एवं सिद्धिदात्री के रूप में मां दुर्गा का शृंगार किया जाएगा। नवरात्रि अवधि तक संकल्पित पाठ के साथ ही दुर्गा सप्तशती, चण्डी जाप, बीज मंत्रों के जाप किए जाएंगे। इसी क्रम में बुधवार को पुलिस लाइन स्थित करणी माता मंदिर में नवरात्र को ध्यान में रखते हुए तैयारियां चलती रही। देवी माता की मूर्ति के शृंगार के साथ ही महिला पुलिस कर्मी प्रसाद को तैयार करती नजर आई। मंदिर परिसर की पूरी साफ-सफाई करने के साथ ही इसे झालरों से सजाने का भी काम भी चलता रहा। मंदिर में गुरुवार को नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना के साथ माता का शैलपुत्री के रूप में शृंगार किया जाएगा। पुजारी ने बताया कि अर्चन की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई है। कोविड-19 के तहत नवरात्रि के पहले दिन मां का विशेष अर्चन किया जाएगा।

Sharad Shukla Reporting
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