navratra 2020: शक्ति आराधकों ने किया उद्यापन, श्रीराम नवमी व दशहरा एक साथ मनाया

नवरात्र महोत्सव के अंतिम दिन हुए विभिन्न आयोजन, घरों में की पूजा-अर्चना, घरों में उगाए ज्वारों का किया विसर्जन, देवी मां से मांगी खुशहाली की मन्नत

By: Jitesh kumar Rawal

Updated: 25 Oct 2020, 10:58 PM IST

नागौर. नवरात्र महोत्सव के अंतिम दिन रविवार को विभिन्न धार्मिक आयोजन हुए। शक्ति आराधकों ने मां की पूजा-अर्चना कर व्रत का उद्यापन किया। घरों में दिनभर पूजा-पाठ चलते रहे। घट स्थापना के साथ उगाए गए ज्वारों का भी विसर्जन किया गया। संभवतया यह पहली बार होगा कि श्रीराम नवमी व दशहरा पर्व एक साथ मनाया गया हो। रविवार सुबह श्रीराम नवमी व शाम को ही विजयदशमी मनाई गई। वैसे कोरोना काल में रावण दहन के सामूहिक कार्यक्रम नहीं हो पाए, लेकिन लोगों ने घरों में शस्त्र पूजन किया।

शहर के देवी मंदिरों में सुबह विशेष पूजा-अर्चना की गई। साधकों ने भी अनुष्ठान किए। देवी मां से खुशहाली की कामना की। दुर्गा सप्तशती के पाठ किए गए। कई जगह महोत्सव विसर्जन पर कार्यक्रम हुए। ज्वारा विसर्जन के लिए लोग नदी-तालाब तक गए। कई जगह देवी मंदिरों में ज्वारे चढ़ाए गए।

दुर्गा वाहिनी ने शस्त्र पूजन किया
विहिप की महिला इकाई दुर्गा वाहिनी की ओर से शस्त्र पूजन किया गया। जिला संयोजिका मनीषा सांखला ने बताया कि राठौड़ी कुआं स्थित त्यागीजी की बगीची में विजयदशमी शस्त्र पूजन कार्यक्रम हुआ। विहिप विभाग मंत्री पुखराज सांखला ने कहा कि शस्त्रों की पूजा करना हिंदू समाज की प्राचीन पद्धति एवं परंपरा रही है। महाभारत काल में पांडवों ने भी वर्षों तक पड़े शस्त्रों को आज ही के दिन पूजन कर फिर से धारण किया था। नारी शक्ति को शास्त्र के साथ शस्त्र का भी ज्ञान होना चाहिए। दुर्गा वाहिनी की सरिता, मोनिका, वर्तिका रांकावत, उषा सांखला, पूजा सांखला, कोमल समेत कई लोग मौजूद रहे।

काली प्रतिमा का विसर्जन
शहर के तुलसी चौक में बिराजित मां काली की प्रतिमा का रविवार को विसर्जन किया गया। कन्या पूजन के बाद मोहल्ले में शोभायात्रा निकाली गई। इसके बाद प्रतिमा को धूमधाम से विसर्जित किया।

Jitesh kumar Rawal
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