व्हील पर युवाओं के घर तक आएगी स्किल, गांव में देंगे ट्रेनिंग

साधनों के अभाव में नहीं तक नहीं पहुंचने वाले युवाओं को मिलेगा फायदा, एमएसएमइ तकनीकी विकास केंद्र चलाएगा स्किल ऑन व्हील्स योजना

नागौर. प्यासा कुएं के पास नहीं बल्कि कुआं प्यासे के पास जाएगा, यह कहावत नागौर में चरितार्थ होने वाली है। देहाती इलाकों से जो युवा जिला मुख्यालय तक नहीं पहुंच पाते उनके लिए यह फायदेमंद साबित होगा। कई गांवों में जहां आवागमन के साधन कम है तथा युवा तकनीकी विकास केंद्र का लाभ नहीं उठा सकते, उन्हें प्रशिक्षण देने के लिए केंद्र के प्रशिक्षक व संसाधन उनके घर तक जाएंगे। एमएसएमइ तकनीकी विकास केंद्र ने इसके लिए स्किल ऑन व्हील्स योजना लागू की है। इसके तहत एक वाहन में कम्प्यूटर सिस्टम लगाए गए हैं। यह वाहन गांवों में जाएगा तथा प्रशिक्षण शिविर लगाकर युवाओं को ट्रेंड करेगा। साथ ही युवाओं को स्कील डवलपमेंट के प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। विकास केंद्र के अधिकारी बताते हैं कि युवाओं को तकनीकी शिक्षा में प्रशिक्षित कर रोजगार मुहैया करवाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।


इसलिए स्किल ऑन व्हील्स
जिला मुख्यालय पर तकनीकी विकास केंद्र संचालित है, जिसमें शहर समेत जिलेभर के युवा तकनीकी शिक्षा के लिए आते हैं, लेकिन माना जा रहा है कि कई गांवों से सीधी कनेक्टिविटी का अभाव है। इससे ग्रामीण इलाकों से युवाओं का नियमित रूप से इस सेंटर तक आना मुनासिब नहीं होता। ऐसे में युवाओं को इसका समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा। लिहाजा इस योजना को लागू किया गया, जो फायदेमंद साबित होगी।

यूं करेंगे स्किल डवलपमेंट
योजना के तहत गांवों में सप्ताह से दो सप्ताह के शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसमें पंद्रह-पंद्रह युवाओं का ग्रुप बनाकर अध्ययन करवाया जाएगा। युवाओं को उनकी रुचि के अनुसार अध्ययन को लेकर प्रोत्साहित किया जाएगा। इसमें कम्प्यूटर डिजाइन, डाटा एंट्री, ग्राफिक्स समेत विभिन्न कार्यों में प्रशिक्षण ले सकेंगे। इसके बाद प्रमाण पत्र दिए जाएंगे, जो उनके रोजगार एवं कॅरियर के लिए उपयोगी होंगे।


रुचि के अनुरूप होगा अध्ययन
स्किल ऑन व्हील्स के ट्रेनर आशुतोषकुमार ने बताया कि युवाओं का स्कील डवलप करने के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे है। इसके लिए वाहन में लगभग बीस कम्प्यूटर सैट लगाए गए हैं, जिनमें अच्छे व कई सॉफ्टवेयर डाउनलोड है। युवाओं को उनकी रुचि के अनुसार अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित व जागरूक किया जाएगा। यह उनके कॅरियर के लिए उपयोगी साबित होगा।


केंद्र युवाओं तक पहुंचेगा...
ग्रामीण क्षेत्रों से आवागमन के साधन नहीं होने से युवा विकास केंद्र तक नियमित नहीं आ पाते। प्रशिक्षण देने के लिए विकास केंद्र खुद उनके पास जाएगा। कम्प्यूटर ग्राफिक्स, डिजाइनिंग, डाटा एंट्री समेत विभिन्न कोर्स करवा जाएंगे। युवाओं को फैकल्टी के आधार पर पढ़ाया जाएगा।
- गौत्तम मैती, फील्ड ऑफिसर, तकनीकी विकास केंद्र, नागौर

Jitesh kumar Rawal
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