तो अब कैसे चलेगा रोडवेज का चक्का

तो अब कैसे चलेगा रोडवेज का चक्का
Nagour Roadways

babulal tak | Updated: 13 Jun 2017, 12:11:00 PM (IST) Nagaur, Rajasthan, India

राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की माली हालत और बिगड़ी, अधिकारियों व चालकों तथा परिचालकों को अप्रेल व मई का नहीं मिला वेतन, मुख्यालय से आए निर्देश के बाद भी डिपों के प्रभारी अधिकारी राजस्व बढ़ाने में रहे नाकाम, स्थिति और हुई विकट


-  नागौर. राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की हालत इतनी खस्ता हो चुकी है कि प्रदेश भर के डिपों के चालकों एवं परिचालकों के साथ ही अधिकारियों तक को वेतन के लाले पड़ गए हैं। तकरीबन दो माह से निगम के न तो किसी डिपो के चालक-परिचालकों को वेतन मिला है, और न ही किसी अधिकारी को। विभागीय जानकारों का कहना है कि वेतन नहीं मिलने की सूची में प्रबंध निदेशक सरीखे अधिकारी भी शामिल हैं। इससे भयावह हुई स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की माली हालत बिगड़ चुकी है। विभाग के पास अधिकारियों एवं चालकों तथा परिचालकों को देने के लिए वेतन ही नहीं है।

अब कागज की नहीं रहेगी जरूरत

यह स्थिति तकरीबन दो माह से बनी हुई है। विभागीय जानकारों का कहना है कि वेतन के अभाव में हालात अब बेहद ही मुश्किल होते नजर आने लगे हैं। इसके पीछे मुख्य वजह बताई जा रही है कि प्रदेश भर में  प्रति डिपो की ओर से निगम को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व ही नहीं मिल पाना है। हालांकि मुख्यालय की ओर से वेतन जुटाने के लिए राजस्व आय बढ़ाने के बाबत दिशा-निर्देश भी आए। इसी के चलते कई डिपों में निर्धारित शिड्यूल की संख्या में बढ़ोत्तरी करते हुए हजारों किलोमीटर की रूट में वृद्धि भी कर दी गई। इसके बाद भी निगम को अपेक्षित राजस्व नहीं मिल पा रहा। इससे विभागीय अधिकारियों चेहरों पर भी अब इसकी परेशानी नजर आने लगी है। यहां पर भी बिगड़ी हालतनिगम की माली हालत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नागौर आगार के एक भी चालक-परिचालक व अधिकारियों को भी दो माह से वेतन नहीं मिला। आगार के चालक व परिचालकों की संख्या डेढ़ सौ से भी ज्यादा है। इन्हें गत अप्रेल व मई माह का वेतन अब तक नहीं मिल पाया है। लगातार दो माह से वेतन नहीं मिलने के कारण अब चालक व परिचालकों के लिए गुजारा करना मुश्किल होने लगा है। ऐसे चलाना पड़ रहा कामवेतन नहीं मिलने की वजह से अब असंतोष के स्वर फूटने लगे हैं। विभागीय जानकारों का कहना है कि वेतन नहीं मिलने की बात को लेकर जब उच्चाधिकारियों से वार्ता करने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। चालकों का कहना है कि स्थिति यह हो गई है कि पड़ोसी से लेने के साथ ही दुकानदारों से उधार लेकर काम चलाना पड़ रहा है। यह स्थिति तब है, जबकि उनकी ओर से निगम को प्रतिमाह लाखों की राजस्व आय वह कमाकर दे रहे हैं। इसके बाद भी अधिकारी उनकी सुनते ही नहीं है।कतराते रहे मुख्यालय के अधिकारीइस संबंध में निगम के जयपुर मुख्यालय स्थित प्रबंध निदेशक कुलदीप रांका से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन वह इस विषय पर कुछ भी कहने से कतराते रहे।

हां नहीं मिला वेतन

आगार के मुख्य प्रबंधक हनुमानसिंह राजपुरोहित से बातीचत की गई तो उनका कहना था कि वेतन तो किसी का नहीं रोका गया है। अभी विभाग की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। इसलिए चालकों-परिचालकों के साथ ही अधिकारियों को भी वेतन का इंतजार है। उम्मीद है कि जल्द ही सभी को वेतन मिल जाएगा।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned