तो क्या अब इन किसानों की संपत्ति नीलाम हो जाएगी...!

Nagaur. किसानों पर सात करोड़ से ज्यादा का बकाया, मिली चेतावनी
-अवधिपार ऋण के दायरे में आने वाले 700 से ज्यादा किसानों बकाया जमा करने का दिया प्रपत्र
-भूमि विकास बैंक ने एकमुश्त समझौता योजना में काश्तकारों दी बकाया जमा करने की नसीहत, नहीं तो फिर करेंगे कार्रवाई
-एकमुश्त योजना में काश्तकारों ने बकाया राशि जमा कर दी तो 50 प्रतिशत ब्याज राशि में मिल जाएगी राहत
-मृतक के अवधिपार खातों के समस्त प्रकार के ब्याज में मिली छूट. Nagaur

By: Sharad Shukla

Published: 17 Oct 2020, 07:31 PM IST

नागौर. बैंक से कर्ज लेकर लंबे समय से किस्त अदा नहीं करने वालों की संख्या बढ़ गई है। भूमि विकास बैंक का जिले के ऐसे किसानों पर सात करोड़ 76 लाख 76 हजार का बकाया लंबे समय से चल रहा है। यह सभी ऋणी अवधिपार के दायरे में आ चुके हैं। अब इनको बैंक की ओर से ऋणियों को ऋण जमा करने के लिए प्रपत्र पकड़ा दिया गया है। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि ऋणियों की परेशानी को देखते हुए एकमुश्त समझौता योजना के तहत अवधिपार ब्याज, दण्ड ब्याज व वसूली खर्च में 50 प्रतिशत की राहत मिल जाएगी। ऐसे ऋणी 30 नवंबर तक बकाया राशि जमा नहीं करते हैं तो फिर उनको कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
भूमि विकास बैंक प्रशासन के अनुसार अवधिपार ऋणियों की ओर से समय पर किस्त आदि जमा नहीं करने के चलते बैंक की करोड़ों की राशि केवल बकाए के तौर पर बढ़ चुकी है। जिले के ऐसे अवधिपार खाताधारकों को बैंक की ओर से इस बार काफी सहूलियत दिए जाने के लिए हरसंभव कदम उठाए गए हैं। बैंक की ओर से इसके लिए दो सितंबर को एकमुश्त समझौता योजना 2020-21 लागू कर दी गई है। योजना के तहत एक जुलाई 2019 तक के कृषि, अकृषि ऋणधारक इसके पात्र माने गए हैं। इन्हें ब्याज में 50 प्रतिशत तक की राहत दी गई है। इसके अलावा 15 वर्ष से अधिक समय के अवधिपार वाले ऋणियों का ब्याज मूलधन से अधिक होने की स्थिति में भी ब्याज की वसूली केवल मूलधन के बराबर की होगी। मूलधन से अधिक ब्याज होने पर जमा करने की स्थिति में अतिरिक्त ब्याज से राहत प्रदान की जाएगी। ब्याज मूलधन राशि के बराबर की वसूली ही पात्र मानी गई है। बैंक प्रशासन की ओर से यह फैसला योजना के तहत किसानों की समस्याओं को देखते हुए लिया गया है। शेष बकाए में वसूली खर्च में योजनानुसार छूट दी जाएगी। बैंक अधिकारियों का कहना है कि मृतक मामलों में अवधिपार ऋणी के खाते में बकाया मूलधन के अतिरिक्त समस्त प्रकार के ब्याज, चालू ब्याज एवं वसूली व्यय की छूट दी जाएगी, लेकिन इसके लिए जरूरी होगा कि मृतक के परिजन की ओर से समस्त मूलधन में अवधिपार व चालू को एकमुश्त जमा कराकर खाता बंद कराना होगा। योजना के तहत बैंक की ओर से अब तक ऐसे 17ऋणियों को 12 अक्टूबर तक आठ लाख 44 हजार की छूट दी जा चुकी है।
बैंक ने किया किसानों से संपर्क
बैंक प्रशासन के अनुसार जिले में योजनान्तर्गत आने वाले किसानों से संपर्क कर और उनको समझाने के लिए जिला स्तरीय विशेष दल गठित किया गया है। यह दल काश्तकारों से व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात कर योजना की बारीकियों को समझाने के साथ बैंक का बकाया जमा करने के फायदे समझाने में लगा हुआ है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि किसान बकाया राशि जमा करते हैं तो उनको क्रेडिट स्कोर न केवल बेहतर बनेगा, बल्कि वह चुकारा करने की स्थिति में बैंक से और भी ऋण सहजता से ले सकेंगे। बैंक सचिव की ओर से जिला स्तरीय दल के कार्यों की समीक्षा की जा रही है। ताकी वसूली निर्विध्न व नियमानुसार हो सके।
इनका कहना है...
एकमुश्त समझौता योजना के तहत अब तक 17 ऋणियों को आठ लाख से ज्यादा के राशि की छूट दी जा चुकी है। योजना के तहत आने वाले 700 से ज्यादा किसानों को बैंक का बकाया जमा करने के लिए कहा जा चुका है। इसकी लिखित रूप से भी जानकारी इनको दी गई है। योजना के फायदो में इनको अलग से बताए जा रहे हैं।
जयपाल गोदारा, सचिव भूमि विकास बैंक नागौर

Sharad Shukla Reporting
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