दोधारी तलवार है सोशल मीडिया, संभलकर करें उपयोग

Social media day : सूचनाओं के आदान-प्रदान का सबसे तेज माध्यम होने के साथ गलत जानकारियां वायरल होने से विश्वसनीयता आज भी संदिग्ध, राजनीतिक प्रचार का अहम मंच बना सोशल मीडिया

By: shyam choudhary

Published: 30 Jun 2020, 03:58 PM IST

नागौर. सोशल मीडिया (Social media day) ने न सिर्फ लोगों को अपनी बात रखने का स्वतंत्र मंच दिया है बल्कि ये सारी भौगोलिक सीमाओं को लांघते हुए दुनिया भर के लोगों को एक दूसरे से जोड़ता है। दुनिया में कोई नहीं है, जो प्रतिदिन सोशल मीडिया Social media का इस्तेमाल नहीं करता हो। आज दुनिया में राजनीतिक प्रचार में भी सोशल मीडिया एक अहम मंच बन गया है। वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया के दुरुपयोग एक ऐसा मुद्दा है जिसकी अनदेखी नहीं की जा सकती है। कई बार गलत खबरें व तथ्य भी इस माध्यम से पूरे विश्व में पहुंच जाते हैं। गलत विचारों को साझा करने से देश की आंतरिक सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है। इसी कारण सोशल मीडिया की विश्वसनीयता हमेशा से संदिग्ध रही है। ऐसे में इसके खिलाफ कड़े कानून की सख्त जरूरत है। देश जैसे-जैसे आधुनिकीकरण के रास्ते पर बढ़ रहा है, चुनौतियां भी बढ़ती ही जा रही हैं।
एक आंकलन के अनुसार भारत की सवा अरब जनसंख्या में लगभग 80 करोड़ लोगों के पास फोन हैं। इनमें से 30 करोड़ लोगों की जेब में स्मार्टफोन हैं। करीब 20 करोड़ लोग हर महीने फेसबुक आते हैं और 22 करोड़ लोग हर महीने वाट्सएप पर रहते हैं।

सोशल मीडिया : अपरंपरागत मीडिया
सोशल मीडिया एक ऐसा मीडिया है, जो बाकी सारे मीडिया (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और समानांतर मीडिया) से अलग है। सोशल मीडिया इंटरनेट के माध्यम से एक वर्चुअल वल्र्ड बनाता है जिसे उपयोग करने वाला व्यक्जि सोशल मीडिया के किसी प्लेटफॉर्म (फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, वाट्सएप) आदि का उपयोग कर पहुंच बना सकता है। यह एक अपरंपरागत मीडिया है। सोशल मीडिया एक विशाल नेटवर्क है, जो कि सारे संसार को जोड़े रखता है।

रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा
सोशल मीडिया के जरिए हम दूर से दूर बैठे लोगों के साथ सहभागिता कर सकते हैं। अपना पक्ष रख सकते हैं, इसलिए आज यह हमारे रोजमर्रा की जिंदगी का एक हिस्सा बन गया है। सोशल मीडिया सकारात्मक भूमिका अदा करता है, जिससे किसी भी व्यक्ति, संस्था, समूह और देश आदि को आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक रूप से समृद्ध बनाया जा सकता है। आज फिल्मों के ट्रेलर, टीवी प्रोग्राम का प्रसारण भी सोशल मीडिया के माध्यम से किया जा रहा है। वीडियो तथा ऑडियो चैट भी सोशल मीडिया के माध्यम से सुगम हो पाई है। लॉकडाउन के दौरान लोगों तक सूचनाओं का आदान-प्रदान, मनोरंजन करना तथा शिक्षण संस्थान बंद होने पर बच्चों को शिक्षा से जोडऩे में भी सोशल मीडिया का अहम रोल रहा।

नकारात्मक पहलू
सोशल मीडिया के नकारात्मक पहलू है, जिसकी आज के समय में अनदेखी नहीं की जा सकती है। आज सोशल मीडिया के मंच पर ऑनलाइन ठगी की वारदातें काफी बढ़ गई हैं। ठगों ने अब फेसबुक आईडी हैक कर दोस्तों से पैसे मांगने शुरू कर दिए हैं तो कई एप ऐसे भी हैं जिन पर आकर्षक सामान दिखाकर लोगों को खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है और फिर बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर होने के बाद ठगी का अहसास होता है। लगातार इंटरनेट का इस्तेमाल करने से लोग मेडिकल डिसऑर्डर का शिकार भी हो रहे हैं। सोशल मीडिया ने घर में ही लोगों में दूरी पैदा कर दी है। इसके कारण लोग तनाव के शिकार हो रहे हैं।

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