scriptSoldier's wife wandering for One Rank One Pension | वन रेंक-वन पेंशन को भटक रही सैनिक की बेवा | Patrika News

वन रेंक-वन पेंशन को भटक रही सैनिक की बेवा

नागौर. सेना के एक हवलदार की बेवा अपने हक के लिए भटक रही है। वन रेंक-वन पेंशन उसे मिल नहीं पा रही। कागज दर कागज चले पर उससे मिलने वाली राशि में बढ़ोत्तरी नहीं हो पाई। वन रेंक-वन पेंशन वर्ष 2017 से लागू हो चुकी है।

नागौर

Updated: November 18, 2021 10:48:03 pm

उसे करीब पांच साल के एरियर का भी इंतजार है।नागौर के कन्या छात्रावास के पीछे नायक बस्ती में रहने वाली खेतु देवी की यह पीड़ा है। गाहे-बगाहे हर किसी को अपनी व्यथा सुना रही है। खेतु देवी को करीब एक साल हो गया इसके लिए मशक्कत करते हुए। बोलती है तो रुलाई फूट जाती है। कभी अपने नसीब को तो कभी सुस्त पड़े सिस्टम पर गुस्सा निकालने लगती है। करीब एक बरस पहले वो सैनिक कल्याण कार्यालय में अपनी यह व्यथा लेकर आई थी
खेतु देवी
वन रेंक-वन पेंशन को भटक रही सैनिक की बेवा-सीपीसीसी के आदेश से रुकावट, करीब एक बरस से कर रही है संघर्ष
यह है मामला

खेतु देवी के पति बाबूलाल सेना में हवलदार थे। वर्ष 1975 में वे रिटायर हुए। वर्ष 200& में उनकी मृत्यु हो गई। तब से खेतु को पेशन मिल रही थी। वन रेंक-वन पेंशन के बाद खेतु देवी अक्टूबर 2020 को सैनिक कल्याण कार्यालय में पहुंची और इसके लिए सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल मुकेश कुमार शर्मा को अपनी व्यथा बताई
मामला सिफर

कर्नल ने इसके लिए आवश्यक कार्यवाही करते हुए रेकॉर्ड कार्यालय जबलपुर के संबंधित अधिकारियों तक मामला पहुंचाया। जबलपुर कार्यालय से संबंधित बैंक और सेंट्रल पेयमेंट प्रोसेसिंग सेंटर (सीपीपीसी) को इस बाबत पत्र लिखा। बावजूद इसके खेतु को वन रेंक-वन पेंशन नहीं मिली। वो फिर सैनिक कल्याण केन्द्र पहुंची और यह पीड़ा बताई। यहां से फिर कागजी कार्रवाई शुरू हुई।
सीपीपीसी के रुके आदेश

बताया जाता है कि सीपीपीसी ने इस बाबत संबंधित गांधी चौक स्थित एसबीआई बैंक को कोई आदेश ही नहीं दिए। इस वजह से इसमें रुकावट बताई गई है। जबकि खेतु देवी कई बार बैंक गई पर उसने पीड़ा को अनसुना करने का आरोप लगाया। ऐसे में पिछले एक साल से उसे उसका हक नहीं मिला। ऐसे में बैंक की ओर से पहल की जरुरत बताई गई है।
इनका कहना है

इस मामले को सीपीपीसी को लिख दिया गया है। आदेश आते ही यह चालू कर दी जाएगी। बैंक की तरफ से कोई रुकावट नहीं है।

-मुकेश बाजिया, मुख्य प्रबंधक एसबीआई गांधी चौक

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