ब्रह्मचर्य उत्तम धर्म की मंदिरों में हुई विशेष पूजा

Nagaur. दशलक्षण पर्व के तहत रविवार की शाम तेरापंथी दिगम्बर जैन मंदिर में पहला कलश लेने का सौभाग्य नेमीचन्द , दूसरा कलश ताराचंद को मिला। माल की बोली लेने का सौभाग्य धीरज कुमार, लोकेश कुमार मच्छी को मिला। माल की बोलीधारी को उनके घर पहुंचाया गया

By: Sharad Shukla

Updated: 19 Sep 2021, 10:14 PM IST

नागौर. दशलक्षण पर्व के तहत रविवार की शाम तेरापंथी दिगम्बर जैन मंदिर में पहला कलश लेने का सौभाग्य नेमीचन्द , दूसरा कलश ताराचंद को मिला। माल की बोली लेने का सौभाग्य धीरज कुमार, लोकेश कुमार मच्छी को मिला। माल की बोलीधारी को उनके घर पहुंचाया गया। इसके पूर्व नकाश गेट स्थित नसिया में भगवान की शांतिधारा करने का सौभाग्य गोपाल बडज़ात्या को मिला। इसके बाद सभी दिगम्बर जैन मंदिरों में ब्रह्राचर्य उत्तम धर्म की विशेष पूजा की गई। इस मौके पर नथमल जैन ने कहा कि आत्मरण आत्मलीनता और आत्म चरिया में जीना ही ब्रह्राचर्य है। सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से शनिवार को देर रात चांदी का बाड़ा, मंडियों की गली में भजन संध्या का आयोजन किया गया। इसमें भजनों की प्रस्तुतियां दी गई।
व्रतधारियों का सम्मान समारोह आज
सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से 20 सितंबर को श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में लंबी गली में दसलक्षण पर्व पर व्रतधारियों का स्वागत समारोह सुबह आठ बजे होगा। समाज के रमेश चन्द्र जैन ने बताया कि इसमें सरिता देवी बडज़ात्या, सुनीता देवी बडज़ात्या, संतोष देवी चान्दूवाड़, मोनिका, संगीता चुड़ीवाल, नीरज सेठी, हेमांशु मच्छी, आयुषि बडज़ात्या एवं राहुल बडज़ात्या ने दसलक्षण के उपवास किए। इसके बाद शोभा यात्रा निकाली जाएगी। तीनों मंदिरों में दर्शन करते हुए आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर पहुंचेगी। शोभायात्रा का विभिन्न जगहों पर स्वागत किया जाएगा।

Sharad Shukla Reporting
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