पहले पायदान पर अटके विद्यार्थी, पार हो तो कॅरियर भी चुने

अधूरी रह गई माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं, पूरी नहीं हो पाई स्कूली शिक्षा, परीक्षा के साथ ही बुने जाते हैं भविष्य के सपने, अब बाट जोह रहे 10वीं-12वीं के छात्र

By: Jitesh kumar Rawal

Published: 31 May 2020, 07:12 PM IST

जीतेश रावल
नागौर. भविष्य के सपने बुनने का समय गुजर रहा है, लेकिन स्कूली छात्रों का इंतजार खत्म नहीं हो रहा। स्कूली शिक्षा के पहले पायदान पर अटके विद्यार्थियों के लिए कॅरियर चुनना मुश्किल हो रहा है। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं अभी अधर में लटकी हुई है और इस पड़ाव से गुजरने पर ही आगे की राह चुन सकते हैं। हालांकि कोचिंग क्लासेस भी अभी बंद ही है, लेकिन कॅरियर की ऊंचाइयां छूने के लिए प्रथमदृष्टया दसवीं व बारहवीं का पड़ाव को पार करना ही होगा। उधर, अभी तक शेष रही परीक्षाओं को लेकर सरकार, शिक्षा विभाग एवं माध्यमिक शिक्षा बोर्ड इतने समय तक तिथि भी तय नहीं कर पाए थे। ऐसे में विद्यार्थी अपने भविष्य को लेकर आशंकित है। अभी जून माह में परीक्षा आयोजित करने की तिथि घाषित की गई हैं। परीक्षा हो जाने के बाद ही विद्यार्थी अपना कॅरियर चुन पाएंगे।

अब जून माह में घोषित तिथियों का इंतजार
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से इस सम्बंध में अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया था कि शेष रही परीक्षाएं कब तक हो पाएंगी। ऐसे में मार्च के बाद अप्रेल व मई माह भी गुजर गया, लेकिन परीक्षा की तिथियां घोषित नहीं हो पाई। विद्यार्थी और अभिभावक शेष बची परीक्षाओं के इंतजार में बैठे हैं। अभी जून माह में घोषित तिथियों का इंतजार हो रहा है।

स्कूल बंद तो परीक्षाएं भी स्थगित
कोरोना महामारी के कारण मार्च माह में लॉक डाउन लगाया गया, जिसे लगातार बढ़ाया गया। इसके मद्देनजर शिक्षण संस्थानों पर भी ताले लग गए। उस समय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं एवं 12वीं की परीक्षाएं नियमित रूप से संचालित हो रही थी, लेकिन लॉकडाउन के कारण माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने शेष रही सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी। वर्ष भर की मेहनत के बाद परीक्षा देने का इंतजार कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह निर्णय तत्कालीन समय में चिंता भरा, लेकिन कोरोना से बचाव ही उपचार था।

अटकी रह गई कोचिंग क्लासेस भी
आमतौर पर दसवीं व बारहवीं की परीक्षा के साथ ही विद्यार्थी कोचिंग क्लासेस के लिए कुच कर जाते हैं। आगामी कुछ समय के लिए वे अच्छे कॅरियर की तलाश में रहते हैं। इसके लिए वे नजदीकी जोधपुर, कोटा या सीकर जाते हैं, लेकिन इस बार कोचिंग क्लासेस भी बंद है। वहीं परीक्षा भी नहीं हो पाई। ऐसे में अन्य बड़े शहरों के शिक्षण संस्थानों में जाने की बात तो दूर भविष्य के सपने भी बुन पा रहे।

दसवीं के लिए मुख्य चुनौती
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से दसवीं के लिए अभी गणित व सामाजिक विज्ञान विषयों की दो परीक्षाएं शेष है। इसमें सभी पंजीकृत छात्र बैठेंगे। उधर, बारहवीं के लिए अभी पांच-छह विषयों की परीक्षा शेष हैं, लेकिन मुख्य विषयों की परीक्षाएं लगभग हो चुकी है इसलिए अब होने वाली परीक्षाओं में ज्यादा छात्र नहीं बैठेंगे। परीक्षा सम्पन्न कराने में मुख्य चुनौती दसवीं के लिए ही सामने आएगी।

परीक्षा होगी तो ये चुनौतियां
- जिले सहित प्रदेश में दिनोंदिन बढ़ता कोरोना संक्रमण का ग्राफ
- सरकारी विद्यालयों के छोटे कक्षा-कक्षों में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना
- विद्यार्थी को परीक्षा के लिए कक्षा-कक्ष में आने से पूर्व सेनेटाइज करना
- लोक परिवहन सेवाएं बंद होने से विद्यार्थियों के लिए स्कूल तक पहुंचना

जिले में पंजीकृत छात्र
दसवीं - 63,852
बारहवीं - 45,923

Jitesh kumar Rawal
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