स्कूलों में मास्साब की हाजरी शुरू, व्यवस्थाएं जमाने में दे रहे ड्यूटी

शिविर पंचांग के तहत खुल गए स्कूल, एक जुलाई से आते हैं बच्चे, लेकिन इस बार यह तय नहीं , इतने समय से बंद पड़े स्कूल खोलने के बाद अब सारे प्रबंध करने की माथापच्ची, इसी में निकल जाएगा शिक्षकों का समय

By: Jitesh kumar Rawal

Published: 26 Jun 2020, 08:35 PM IST

जीतेश रावल
नागौर. करीब तीन माह से बंद पड़ी स्कूलों के तालें खुला चुके हैं। वैसे ड्यूटी पर अभी मास्साब ही है। शिविर पंचांग के तहत शिक्षकों की हाजरी शुरू हो चुकी है और साथ ही उनकी माथापच्ची का काम भी शुरू हो गया है। स्कूल का ताला खोलने से लेकर झाडू लगाने तक का काम मास्साब के जिम्मे ही है। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर के स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का पद नहीं होने से यह सारा प्रबंध शिक्षकों को ही करना होता है। ऐसे में बंद रही स्कूलों की व्यवस्था जमाने में ही अभी कुछ दिन लग जाएंगे और इसी में मास्साब का पूरा समय निकलता रहेगा। उधर, शिविर पंचांग के तहत बच्चों के लिए एक जुलाई से हाजरी शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार बच्चों के लिए इस निर्धारित तिथि से स्कूल खोला जाएगा या नहीं इस पर संशय बना हुआ है।

हस्तांतरित हो गए क्वॉरेंटीन सेंटर
अभी तक यह बड़ी समस्या थी कि जिन स्कूलों में क्वॉरेंटीन सेंटर चल रहे थे, वहां स्कूल किस तरह खोली जाएगी। लेकिन, इसका समाधान हो चुका है। करीब दस दिन पहले के आदेशों के तहत इन सेंटर्स को शिक्षा विभाग के हस्तांतरित किया जा चुका है। इससे पहले इन भवनों को सेनेटाइज किया गया। इसमें उच्च माध्यमिक, माध्यमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर के स्कूल शामिल है।

स्कूल भवन खाली कर सेनेटाइज किए
क्वॉरेंटीन सेंटर के लिए मुख्य रूप से बड़े भवन ही अधिग्रहित किए गए थे। लेकिन, बोर्ड परीक्षा शुरू होते ही परीक्षा केंद्र वाले स्कूल खाली कर सेनेटाइज कर दिए गए। कम संसाधन वाले उच्च प्राथमिक विद्यालय भवनों को आमतौर पर अधिग्रहित नहीं करते हैं, लेकिन जिला सीमा से सटे कुछ गांवों में ज्यादा जरूरत पड़ी तो इस तरह के भवन भी क्वॉरेंटीन सेंटर बनाए गए। शिविरा पंचांग के तहत स्कूल खोले जाने का आदेश मिला तो इन भवनों को खाली कर सेनेटाइज कर दिया गया।


आदेशों की पालना करेंगे...
शिविरा पंचांग के तहत स्कूलों में शिक्षकों की ड्यूटी शुरू हो चुकी है। बच्चों के आने की तिथि को लेकर अभी कुछ कहना मुनासिब नहीं होगा, जो भी विभागीय आदेश आएगा उसकी पालना की जाएगी।
- संजय सेंगर, जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक), नागौर


अभी शिक्षकों के लिए स्कूल खुल चुके हैं। वैसे बोर्ड परीक्षा चल रही है इसलिए अधिकतर शिक्षक उसी में कार्यरत है। बच्चों के स्कूल आने की स्थिति के बारे में अभी कुछ कह नहीं सकते।
- सुरेश सोनी, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक), नागौर

Jitesh kumar Rawal
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned