चकढ़ाणी में डेढ़ करोड़ की लागत से बन रहा गुरु जम्भेश्वर भगवान का मंदिर

मेड़ता सिटी (nagaur).समीपस्थ चकढाणी गांव स्थित मुख्य गवाड़ में डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से गुरु जम्भेश्वर भगवान के मंदिर का निर्माण कार्य शनिवार को शुरू हुआ। दोपहर में प्रमुख धार्मिक स्थलों से लाई हुई रज के पूजन और नींव में स्थापना के साथ ही अभिजीत मुहूर्त में भूमि पूजन हुआ और आधारशीला रखी गई।

By: Ravindra Mishra

Updated: 19 Apr 2021, 12:09 AM IST

- भूमि पूजन के साथ विश्नोई समाज के क्षेत्र के सबसे बड़े मंदिर का निर्माण शुरू

जानकारी के अनुसार चकढाणी में बनने वाले गुरु जम्भेश्वर भगवान के मंदिर का निर्माण जोधपुरी छितर पत्थर तथा मकराना के संगमरमर से होगा। 50 गुणा 50 के मंदिर परिसर में 14 गुणा 14 के क्षेत्रफल में गर्भगृह का निर्माण होगा। मंदिर की लंबाई 31 फीट रहेगी। मंदिर की नींव गांव के 11 वृद्धजनों ने रखी। इससे पूर्व 120 शब्दवाणी के पाठ सहित अनेक धार्मिक कार्यक्रम कोविड-19 गाइड लाइन के अनुसार हुए।

भूमि पूजन को लेकर खास बात यह रही कि गर्भगृह की नींव में पांच प्रमुख धार्मिक स्थल मुकाम, पीपासर, जांगलू, लालासरी तथा अयोध्या से लाई हुई रज भी रखी गई। विशनोई समाज का क्षेत्र में यह पहला बड़ा मंदिर होगा। मंदिर का निर्माण को लेकर ग्रामीण सहयोग राशि देने में बढ़-चढकऱ हिस्सा ले रहे हैं। अब तक करीब 90 लाख रुपए जुटा लिए गए है।
शब्द वाणी के पाठ से शुरू हुआ भूमि पूजन

विश्नोई समाज का कोई भी शुभ कार्य शब्द वाणी पाठ से शुरू होता है। जम्भेश्वर भगवान के मंदिर की आधारशिला को रखने के दौरान भी शब्द वाणी का पाठ हुआ। कार्यक्रम के दौरान हेतराम विश्रोई, लेखराम लामरोड़, भंवरलाल लामरोड़, मदनलाल लामरोड़, जस्साराम बेनीवाल, सुभाष लामरोड़, शिवलाल राहड़, खेताराम जांगिड़, सुनील विश्रोई, भंवरलाल लामरोड़, हनुमान लामरोड़, बीरबल लामरोड़, शिवलाल लामरोड़, भीयाराम लामरोड़, मानाराम बेनीवाल, भजनाराम राड, पाबूराम लामरोड़, सोहनलाल लामरोड़, शिवकरण बेनीवाल, पूर्व तहसीलदार हेतराम, धन्नाराम लामरोड़, हड़मानराम लामरोड़, चंदाराम राहड़, रामचंद्र बेनीवाल, सुंडाराम धेडू आदि मौजूद रहे।

Ravindra Mishra
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