प्रहलाद को संकट में देखकर किया हिरण्यकश्यप का वध

Sharad Shukla

Publish: May, 18 2019 11:44:44 AM (IST) | Updated: May, 18 2019 11:44:45 AM (IST)

Nagaur, Nagaur, Rajasthan, India

नागौर. भक्त प्रहलाद के प्राण संकट में देखकर प्रगट हुए भगवान नृसिंह ने हिरण्यकश्यप का वध कर डाला। इसके साथ ही बंशीवाला मंदिर में पूरा परिसर नृसिंह भगवान के जयकारों से गूंजने लगा। इस दौरान नमन की मुद्रा में खड़े हजारों श्रद्धालुओं की आंखों में आस्था के साथ ही भगवान के विजयघोष का उल्लासनजर आया। विभिन्न प्रकार के डरावने मुखौटेे जहां छोटे बच्चों को चौंकाते रहे, वहीं श्रद्धालू भगवान का जयघोष करते रहे। पूरे मंदिर परिसर में रम्मत के दौरान तिल तक रखने की जगह नजर नहीं आई। मुख्य गेट से लेकर मंदिर के दूसरे छोर तक केवल श्रद्धालुओं का सैलाब सा उमड़ा नजर आया। नृसिंह जयंती पर शहर के तुलसी चौक स्थित गणेश मंदिर, काठडिय़ों का चौक स्थित भैरू मंदिर, बाठडिय़ों का चौक, भूरावाड़ी, लोहियों का चौक, किशन बाग, तेलीवाड़ा सांवरजियां का मंदिर, हाथी चौक स्थित नृसिंह मंदिर, लक्ष्मीनारायण भगवान मंदिर, नया दरवाजा, घोसीवाड़ा, पित्तीवाड़ा सहित अन्य स्थानों पर भगवान नृसिंह का प्राकट्य महोत्सव मनाया। इस दौरान क्षेत्रों में सडक़ों के दोनों ओर, और आसपास के घरों की छतों एवं दीवारों पर चढ़े श्रद्धालू भगवान नृसिंह को नमन करने में लगे रहे। इसके पूर्व सुबह से ही अलग-अलग जगहों पर नृसिंह भगवान की रम्मत हुई। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर ढोल- नगाड़े बजाए। नरेन्द्र आचार्य ने नृसिंह रूप धारण किया। बंशीवाला मंदिर परिसर तथा आस-पास के क्षेत्र में पारम्परिक मेला भरा। मेले में महिलाओं व बच्चों पाव भाजी, आईसक्रीम, ठंडा, कुल्फी, गोल गप्पे, भेल, चाऊमीन सहित अन्य चीजों का लुत्फ उठाया।

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