चिकित्सालय खुद बीमार, मरीजों को नही मिल रहा पूरा उपचार

पुखराज तानाण
छोटीखाटू. कस्बे के सेठ हजारीमल मनोहरी देवी नवल राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य भवन में असुविधाओं के कारण हालात नाजुक बने हुए है। आम लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए निर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खुद ही बीमार है।

By: Ravindra Mishra

Published: 26 Feb 2021, 02:15 PM IST


सीएचसी के बाहर से लेकर अंदर तक अव्यवस्था होने से मरीजों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के कारण छोटीखाटू के सामुदायिक चिकित्सालय के हालात खराब हैं।
स्वास्थ्य महकमे ने पुरानी मशीनों को भी आज तक दुरुस्त नहीं कराया है। पत्रिका ने पड़ताल में सामने आया कि इतने बड़े चिकित्सालय में केवल एक चिकित्सक रविन्द्र चारण मरीजों को देखते मिले, वही चिकित्सा प्रभारी नेमीचंद कुमावत वीसी में व्यस्त थे । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक्सरे मशीन पांच वर्ष से बंद है, यहां पांच वर्ष से रेडियोग्राफर का पद रिक्त है । मरीजों को बाहर से एक्सरे करवाना पड़ता है। शहरी क्षेत्र व चारो और से हाईवे से जुड़ा हुआ यह शहर राज्य व राष्ट्रीय राजमार्ग होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ऐसे में घायल मरीजों को कस्बा स्थित प्राइवेट एक्सरे मशीन पर एक्सरे कराने के लिए जाना पड़ता है। ऐसी स्थिति में दूर जाने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी झेलनी पड़ती है। मरीजों ने बताया कि छोटी खाटू क्षेत्र सहित विभिन्न नजदीकी गांवों से हड्डी संबंधित मरीज प्रतिदिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचते हैं। केंद्र पर एक्सरे मशीन चलाने के लिए रडियोग्राफर नहीं होने से उन्हें वापस लौटना पड़ता है। कई बार इसे लेकर उच्चाधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों को बताया, फिर भी रिक्त पद खाली ही पड़ा है। कई बार यहां सिलिकोसिस जांच शिविर लगाया जाता है उस समय भी बाहर से एक्स रे जांच करवानी
पडती है ।

छत दे सकती है कभी भी धोखा
छोटीखाटू राजकीय चिकित्सालय का निर्माण दानदाता भामाशाह भंवरलाल नवल प्रवासी अमेरिका ने करवाकर सरकार को सुपुर्द कर दिया था । लेकिन प्रशासन की लापरवाही व बिना देखरेख के बरसात के मौसम में पूरी बिल्डिग की छत से पानी टपकता है । काफी कमरों में दरारे तक आ गई अगर प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो कभी बड़ा हादसा हो सकता है।
सभी विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त
शहरी क्षेत्र के इस चिकित्सालय में वर्तमान में सभी विशेषज्ञ के पद रिक्त है ,ऐसे में मरीज निजी चिकित्सालयों की शरण ले रहे हैं। वर्तमान में आठ चिकित्सक कार्यरत है , जिसमे से चार चिकित्सक नवनियुक्त पर है सभी चिकित्सक जूनियर श्रेणी के है, ऐसे में सीनियर चिकित्सको की कमी है ।

नौ वर्ष से ऑपरेशन थियटर बंद
करीबन नौ वर्ष पहले चिकत्सक राजेश शर्मा ने अंतिम ऑपरेशन थियटर में किया था । पिछले 9 वर्ष से ऑपरेशन थियटर बंद है ऐसे में शहरी क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को डीडवाना , नागौर , कुचामन , जयपुर , जोधपुर जाकर ऑपरेशन करवाना पड़ता है ।

सात वर्ष से दंत चिकित्सक नहीं
इस चिकित्सालय में सात वर्ष से दंत चिकित्सक के कैमरे पर ताला लटका है । लम्बे समय से रिक्त पद के कारण लोगो को नीजि उपचार केंद्र की शरण लेनी पडऱही है । छोटीखाटू सरपंच रणवीर सिंह ने चिकित्सालय की विभिन्न समस्याओं को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत कराया है । चिकित्सालय भवन की मरम्मत करवाना जरूरी है साथ ही क्षेत्र का सबसे बड़े इस चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है ।

Ravindra Mishra
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